1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. UN News
  4. Ebola virus outbreak continues in DR Congo, risk of infection cases among children as well

कांगो में इबोला वायरस का नया खौफ, बच्चों में संक्रमण बढ़ने की आशंका, WHO का अलर्ट

Ebola virus outbreak continues in DR Congo, risk of infection cases among children as well
संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने आगाह किया है कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में घातक इबोला वायरस के फैलाव के बीच आने वाले दिनों में बच्चों में भी संक्रमण मामलों में उछाल दर्ज किए जाने की आशंका बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में महामारी विज्ञान विशेषज्ञ डॉक्टर ओलिविए ले पोलेन ने बताया कि हर दिन अलग-अलग इलाक़ों में नए मामलों की शिनाख़्त की जा रही है, जो कि इस प्रकोप के बड़े स्तर को दर्शाता है। इसकी एक बड़ी वजह, डीआर कांगो के पूर्वी हिस्से में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही है।
 
इतूरी, उत्तर व दक्षिण किवू प्रान्तों में इस वायरस के सर्वाधिक मामले सामने आए हैं। देश का यह हिस्सा प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है लेकिन सरकारी सुरक्षा बलों और विद्रोही गुटों के बीच लम्बे हिंसक टकराव के कारण यह विस्थापन, खाद्य असुरक्षा और अन्य चुनौतियों से जूझ रहा है।
क़रीब तीन सप्ताह पहले इबोला वायरस के बुंडिबुग्यो प्रकार की पुष्टि की गई थी और उसके बाद से अब तक 676 संक्रमण मामलों व 136 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, अब तक 34 स्वास्थ्य ज़ोन चिन्हित किए गए हैं, जो इस बीमारी से प्रभावित हैं। इतूरी के अलावा, उत्तरी किवू प्रान्त के नए इलाक़ों में भी ये मामले सामने आए हैं। 
 
बचाव व स्वास्थ्य देखभाल प्रयासों में जुटी यूएन एजेंसियों का कहना है कि इस क्षेत्र में छोटे बच्चे कुपोषण का शिकार हैं और उनका रोकथाम योग्य बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण भी नहीं हुआ है। इस वजह से उनके इस संक्रमण की चपेट में आने का ख़तरा अधिक है। 28 मई 2026 को डीआरसी के इतूरी प्रांत में रवांपारा जनरल रेफरल अस्पताल में इबोला प्रकोप के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की प्रतिक्रिया के दौरान, जनस्वास्थ्य टीम ने निवारक उपायों को मजबूत किया।
 

बच्चों में कुपोषण से चिंता

अभी तक अधिकांश संक्रमण मामले वयस्क आबादी में दर्ज किए गए हैं, विशेष रूप से कामकाजी लोगों में। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के डॉक्टर डगलस नोबल ने बताया कि जैसे-जैसे बीमारी में बदलाव आ रहा है, घर-परिवारों में भी इसके फैलाव के लिए तैयार रहना होगा। 
उन्होंने आने वाले दिनों में और अधिक संख्या में बच्चों के संक्रमित होने की आशंका व्यक्त की है। बात यह है कि वे बच्चे पहले से ही बहुत कमज़ोर हैं और किसी और तरह का दबाव झेल पाने की इस समुदाय की क्षमता दरकने के कगार पर पहले ही पहुंच चुकी है।
 
इतूरी प्रान्त में पांच वर्ष से कम आयु के 50 फ़ीसदी से अधिक बच्चे लम्बे समय से कुपोषण से पीड़ित हैं। हर पांच में से एक से अधिक बच्चे को डिप्थीरिया, टेटनस और पेर्टुसिस से बचाव के लिए वैक्सीन की पहली ख़ुराक नहीं मिली है। इससे पहले भी अतीत में डीआर कांगो में इबोला के फैलाव के दौरान बच्चों में संक्रमण मामले दर्ज किए गए थे और मौतें भी हुई थी। सबसे छोटे बच्चों में मृत्यु दर सबसे अधिक होने का जोखिम है।
यूनीसेफ़ ने अगले छह महीनों के लिए अपनी तैयारियों के तहत, 37 लाख लोगों तक मदद पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत योरोपीय संघ के समर्थन से 8 परिवहन उड़ानों के ज़रिए 100 टन आपात मानवीय सहायता आपूर्ति डीआर कांगो के लिए रवाना की गई है। इसमें स्वास्थ्यकर्मियों के लिए निजी बचाव पोशाक व उपकरण, दवाएं, स्वच्छता बरतने के लिए सामग्री और अन्य मेडिकल सामान है ताकि प्रभावित समुदायों में वायरस पर क़ाबू पाया जा सके।
 

स्कूल बंद करने की आवश्यकता नहीं

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष ने बताया कि इबोला एक घातक संक्रमण है, लेकिन इसके फैलाव के तरीक़े कोविड-19 वायरस से अलग हैं। यह आमतौर से शरीर से निकलने वाले द्रव्यों के सम्पर्क में आने से फैलता है। इसके मद्देनज़र, यूनीसेफ़ ने कहा है कि जो बच्चे स्कूल जा सकते हैं, उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखनी चाहिए। स्कूल बन्द करने की कोई वजह नहीं है।
 
संक्रमण रोकथाम व नियंत्रण उपायों की आवश्यकता है और इस बारे में स्कूलों में शिक्षा की भी आवश्यकता है, शिक्षकों में, कर्मचारियों व बच्चों में। बुंडिबुग्यो प्रकार से बचाव के लिए कोई वैक्सीन या उपचार फ़िलहाल उपलब्ध नहीं है। संक्रमितों के सम्पर्क में आने वाले लोगों को ढूंढ पाना, 70 प्रतिशत तक ही सम्भव हो पा रहा है। यह 1-2 सप्ताह पहले की स्थिति की तुलना में बहुत बड़ा सुधार है, लेकिन अभी और बेहतरी की आवश्यकता है।
इसके अलावा स्थानीय स्तर पर परीक्षण की क्षमता को भी बढ़ाना होगा, चूंकि इस वायरस के फैलाव का पूर्ण दायरा अभी स्पष्ट नहीं है। बेनी में एक लैब में गुरुवार को 500 परीक्षण किए गए थे और उनके नतीजों से मदद मिल सकती है। यूनीसेफ़ ने संक्रमण प्रभावित इलाक़ों में 1600 सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मी तैनात किए हैं और 24 स्वास्थ्य दल 1.6 लाख घर-परिवारों तक मदद पहुंचाने में जुटे हैं। 
लेखक के बारे में
UN News