1. सामयिक
  2. इतिहास-संस्कृति
  3. भारतीय
  4. Darjeeling Himalayan Railway
Written By WD Feature Desk
Last Modified: सोमवार, 25 अगस्त 2025 (17:27 IST)

भारत का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन जहां पटरियां चूमते हैं बादल और दिखाई देता है कंचनजंगा का मनमोहक नजारा

Highest Railway Station
Highest Railway Station in India: क्या आप जानते हैं कि भारत का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन कहाँ है? यह है पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में स्थित घुम रेलवे स्टेशन। समुद्र तल से लगभग 2,258 मीटर (7,400 फुट) की ऊंचाई पर बना यह स्टेशन अपनी अद्भुत सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहाँ का अनुभव किसी सपने से कम नहीं, जहाँ आप चलती ट्रेन से बादलों को अपने सिर पर तैरते हुए देख सकते हैं।

150 साल पुराना ऐतिहासिक निर्माण
घुम रेलवे स्टेशन का इतिहास लगभग 150 साल पुराना है। इसका निर्माण अंग्रेजों ने 1878 में शुरू किया था। उनका मुख्य उद्देश्य कोलकाता को दार्जिलिंग से सीधे जोड़ना था। इस परियोजना पर कड़ी मेहनत के बाद, 1879 में यह रेल लाइन दार्जिलिंग के घामौर तक पहुँच गई। इसके बनने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी आने-जाने में बहुत सुविधा हुई। यह स्टेशन दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है।

टॉय ट्रेन से कंचनजंगा का मनमोहक नजारा
घुम रेलवे स्टेशन सिर्फ अपनी ऊंचाई के लिए ही नहीं, बल्कि दार्जिलिंग की टॉय ट्रेन के लिए भी प्रसिद्ध है। यह ट्रेन यहाँ से रोजाना चलती है और पर्यटकों को घने जंगलों, चाय बागानों और पहाड़ों के बीच से गुजरने का अनोखा अनुभव देती है। इस स्टेशन से हिमालय की खूबसूरत कंचनजंगा पर्वत श्रृंखला का मनमोहक नजारा भी दिखाई देता है, जो हर यात्री के लिए एक अविस्मरणीय पल होता है।

घुम में है खास रेलवे म्यूजियम
जो लोग रेलवे के इतिहास और तकनीक में रुचि रखते हैं, उनके लिए घुम स्टेशन एक और खास चीज पेश करता है - एक रेलवे म्यूजियम। यह म्यूजियम भारतीय रेलवे के पुराने और ऐतिहासिक उपकरणों को प्रदर्शित करता है, जिसमें पुराने भाप इंजन और अन्य रेलवे से जुड़ी वस्तुएं शामिल हैं। यह म्यूजियम रेलवे प्रेमियों और इतिहास के छात्रों के लिए ज्ञान का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।

घुम रेलवे स्टेशन सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि एक अनुभव है जो इतिहास, प्रकृति और इंजीनियरिंग का शानदार संगम है। यह स्टेशन आज भी लाखों लोगों को आकर्षित करता है, जो यहाँ आकर बादलों के बीच सफर का आनंद लेना चाहते हैं।


ये भी पढ़ें
परम सुंदरी: सिद्धार्थ-जाह्नवी की क्रॉस-कल्चरल लव स्टोरी 29 अगस्त को होगी रिलीज, जानें कहानी और कास्ट