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सोमवती अमावस्या 2021: somvati amavasya पर पूजन से पहले जान लीजिए 9 खास बातें

रविवार,अप्रैल 11, 2021
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आपकी सभी संतान व सभी भक्त सुखी हों। इसी कामना से मैं इस नवरात्रि में आपकी आराधना कर रहा हूं। हे मां! हमको इस महामारी की घोर विपदा से बचा हमारे कष्टों का हरण कर। इसी मनोरथ से आराधना कर मां के घट की स्थापना करें।
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नववर्ष को भारत के प्रांतों में अलग-अलग तिथियों के अनुसार मनाया जाता है। ये सभी महत्वपूर्ण तिथियां मार्च और अप्रैल के महीने में आती हैं। इस नववर्ष को प्रत्येक प्रांत में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। फिर भी पूरा देश चैत्र माह प्रतिपदा से ही नववर्ष ...
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इस माह की दिनांक 13 अप्रैल, दिन मंगलवार से चैत्र नवरात्र प्रारंभ होने जा रही है। हमारे सनातन धर्म में नवरात्रि का पर्व बड़े ही श्रद्धाभाव से मनाया जाता है। हिन्दू वर्ष में चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ, मासों में 4 बार नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है ...
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नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा करने का अधिक महत्व है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रत्येक वर्ष में जब भी नवरात्रि आते हैं, देवी दुर्गा मां विभिन्न वाहनों पर सवार होकर आती हैं। इस बार 13 अप्रैल, मंगलवार से माता की आराधना का यह पर्व आरंभ हो जाएगा... ...
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गुड़ी पड़वा के दिन लोग अपने घरों की विशेष साफ-सफाई करने के बाद घरों में रंगोली बनाते हैं। आम के पत्तों से बंदनवार बनाकर सभी घरों के आगे लगाते हैं। महिलाएं घरों के बाहर सुदंर और आकर्षक गुड़ी लगाती हैं।
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नए व सुन्दर कपड़े पहनकर लोग तैयार हो जाते हैं। आम तौर पर मराठी महिलाएँ इस दिन नौवारी (9 गज लंबी साड़ी) पहनती हैं और पुरुष केसरिया या लाल पगड़ी के साथ कुर्ता-पजामा या धोती-कुर्ता पहनते हैं।
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जहां आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में इस दिन को उगादि तो महाराष्ट्र में इसे ग़ुड़ी पड़वा के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन से चैत्र नवरात्रि भी शुरू हो जाती है। आइए जानते हैं गुड़ी पड़वा की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व।
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ध्वज यानि झंडे को कहा जाता है और पड़वा, प्रतिपदा तिथि को। मान्यता है के इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था।
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देवी पुराण के अनुसार एक वर्ष में चार नवरात्र आती है। वर्ष के प्रथम महीने अर्थात चैत्र में प्रथम नवरात्रि होती है जिसे चैत्र नवरात्रि या बड़ी नवरात्रि कहते हैं। चौथे माह आषाढ़ में दूसरी नवरात्रि होती है जिसे गुप्त नवरात्रि कहते हैं। इसके बाद अश्विन ...
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गुड़ी पड़वा पर मुख्य रूप से 6 शुभ और मंगलकारी काम किए जाते हैं....
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चैत्र महीने के पहले दिन को गुड़ी पड़वा के रूप में मनाया जाता है, जब किसान रबी फसलों को काटते हैं और इसे हिंदू नव वर्ष की शुरुआत मानते हैं। यह दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के नाम से भी काफी लोकप्रिय है।
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हिन्दू कैलेंडर का प्रथम माह है चैत्र और अंतिम है फाल्गुन। दोनों ही माह वसंत ऋतु में आते हैं। चैत्र की प्रतिपदा तिथि से ही हिन्दू नववर्ष की शुरुआत होती है। ईरान में इस तिथि को 'नौरोज' यानी 'नया वर्ष' मनाया जाता है। आंध्र में यह पर्व 'उगादिनाम' से ...
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इस दिन हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का आरंभ भी होता है और महाराष्ट्र में इस दिन गुड़ी पड़वा पर्व मनाया जाता है। उगादी के दिन सृष्टि की रचना करने वाले ब्रह्मा जी की पूजा की जाती है। यह पर्व प्रकृति के बहुत करीब लेकर आता है और इस दिन पच्चड़ी नाम का ...
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देवी पुराण के अनुसार एक वर्ष में चार माह नवरात्र के लिए निश्चित हैं। वर्ष के प्रथम महीने अर्थात चैत्र में प्रथम नवरात्रि होती है जिसे चैत्र नवरात्रि या बड़ी नवरात्रि कहते हैं। चौथे माह आषाढ़ में दूसरी नवरात्रि होती है जिसे गुप्त नवरात्रि कहते हैं। ...
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आनंद नामकीय संवत्सर 2078 के प्रारंभ होते ही निम्न मंत्रिमंडल अपना कार्यभार लेकर विश्व का संचालन प्रारंभ करेगा, जो निम्न प्रकार से होगा-
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गणगौर पर्व के दिनों में जहां भगवान शिव-पार्वती और गणगौर की आराधना की जाती हैं, वहीं गणगौर के गीत गाकर माता गौरी की प्रसन्न किया जाता है, लेकिन सबसे ज्यादा समस्या पूजन
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माता पार्वती की आरती। जय पार्वती माता जय पार्वती माता ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता। जय पार्वती माता जय पार्वती माता। अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता...
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प्राय: भगवान को अर्पित की जाने वाली हर चीज का फल भी अलग-अलग प्राप्त होता है। शिवपुराण में इस बात का वर्णन मिलता है कि चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिव है
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8 अप्रैल 2021 को मध्यरात्रि 3 बजकर 16 मिनट से 9 अप्रैल सूर्योदय से पहले 4 बजकर 57 मिनट तक वारुणी योग रहेगा। स्थानभेद से समयभेद भी हो सकता है। अन्य पंचांगों के अनुसार रात्रि 4 बजकर 8 मिनट से प्रात: 5 बजकर 52 मिनट तक वारुणी योग रहेगा। वारुणी योग को ...
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