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मां धूमावती प्रकटोत्सव : इस देवी की क्या हैं विशेषताएं, जानिए

गुरुवार,जून 17, 2021
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शुक्रवार, 18 जून 2021 को मां धूमावती की जयंती है। इस दिन उनकी यह स्तुति करने वाला कभी धनविहीन नहीं होता व उसे दुःख छूते भी नहीं, बड़ी से बड़ी शक्ति भी पाठ करने वाले के समक्ष नहीं खड़ी हो सकती है।
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महेश नवमी माहेश्वरी समाज का प्रमुख पर्व है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। माहेश्वरी समाज की उत्पति भगवान शिव के वरदान से इसी दिन हुई।
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हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं। इस बार विनायक चतुर्थी 14 जून 2021
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पौराणिक शास्त्रों के अनुसार वैशाख शुक्ल सप्तमी तिथि को मां गंगा स्वर्गलोक से शिवशंकर की जटाओं में पहुंची थी। इसलिए इस दिन को गंगा सप्तमी के रूप में मनाया जाता है। 18 मई 2021 को गंगा सप्तमी थी। ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा ...
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माह में 2 एकादशियां होती हैं अर्थात आपको माह में बस 2 बार और वर्ष के 365 दिनों में मात्र 24 बार ही नियमपूर्वक एकादशी व्रत रखना है। हालांकि प्रत्येक तीसरे वर्ष अधिकमास होने से 2 एकादशियां जुड़कर ये कुल 26 होती हैं। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी ...
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मां धूमावती का प्रकटोत्सव ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को है। अग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह जयंती 18 जून 2021 शुक्रवार को मनाई जाएगी। माता धूमावती 10 महाविद्याओं में से एक सातवीं उग्र शक्ति हैं। आओ जानते हैं इनके प्रकटोत्सव की कथा और पूजा पर्व ...
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प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को महेश नवमी यह पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष 19 जून को महेश नवमी मनाई जाएगी।
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पंचांग के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाएगा। 20 जून, रविवार को गंगा दशहरा यानी गंगा दशमी है।
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ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को 'गंगा दशहरा' का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह तिथि रविवार, 20 जून को आ रही है। इसलिए गंगा दशहरा इस साल 20 जून 2021 को मनाया जाएगा।
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ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को हस्त नक्षत्र में श्रेष्ठ नदी 'गंगा' स्वर्ग से अवतरित हुई थीं। गंगा के पृथ्वी पर अवतरण के पर्व को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष रविवार, 20 जून 2021 को गंगा दशहरा मनाया जाएगा।
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शिव और पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय को स्कंद कहा गया है। ज्येष्ठ माह की स्कंद षष्ठी का महत्व दक्षिण भारत में ज्यादा है। यहां लोग कार्तिकेय जी को मुरुगन नाम से पुकारते हैं। इस बार 16 जून 2021 को स्कंद षष्ठी मनाई जा रही है। पुराणों के अनुसार षष्ठी ...
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वर्ष 2021 में स्कन्द षष्ठी 16 जून, बुधवार को मनाई जा रही है। हर महीने की शुक्ल पक्ष षष्ठी के दिन स्कन्द षष्ठी व्रत रखा जाता है। मुख्य रूप से यह व्रत दक्षिण भारत के राज्यों में लोकप्रिय है
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श्री हनुमान चालीसा (हिन्दी अर्थ सहित) - श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।
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श्रीरामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीरामचरित मानस लिखने से पहले हनुमान चालीसा लिखी थी और फिर हनुमान की कृपा से ही वे श्रीरामचरित मानस लिख पाए। कहते हैं कि तुलसीदासजी ने ही बजरंग बाण भी लिखा था। आओ जानते हैं कि बजरंग बाण का पाठ क्यों ...
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भारतीय राज्य ओड़िसा में सप्तपुरियों में से एक है पुरी जहां पर प्रभु जगन्नाथ का विश्‍व प्रसिद्ध मंदिर है। इसे चार धामों में एक माना जाता है। इस मंदिर को राजा इंद्रद्युम्न ने हनुमानजी की प्रेरणा से बनवाया था। कहते हैं कि इस मंदिर की रक्षा का दायित्व ...
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चतुर्थी की तिथि भगवान श्री गणेश की तिथि है। इस बार विनायक चतुर्थी 14 जून 2021 को मनाई जाएगी। आइए जानते हैं भगवान गणेश की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त-
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वाल्मीकि रामायण के अनुसार विश्व विजय करने के लिए जब रावण स्वर्ग लोक पहुंचा तो उसे वहां रंभा नाम की अप्सरा दिखाई दी। कामातुर होकर उसने रंभा को पकड़ लिया।
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हिन्दू पंचांग के अनुसार रंभा तीज व्रत ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया को किया जाता है। इस वर्ष यह व्रत 13 जून 2021, रविवार को रखा जाएगा। विवाहित महिलाएं अपने सुहाग की लंबी उम्र और बुद्धिमान संतान पाने के लिए यह व्रत रखती है जबकि कुंआरी कन्याएं यह व्रत अच्छे वर ...
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हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार रंभा तीज व्रत (रम्भा तृतीया व्रत) शीघ्र फलदायी माना जाता है। रंभा तृतीया व्रत ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया को किया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने सुहाग की लंबी उम्र,
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