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राधा और श्रीकृष्ण की लीला का प्रतीक है : राधाकृष्ण कुंड

रविवार,अगस्त 9, 2020
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श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर घरों में बाल गोपाल की पूजा होती है। उनके लिए झूले सजाए जाते हैं। बाल गोपाल की पूजा में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाता है। 16 बातें आपके काम की है...
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भगवान श्रीकृष्ण भारतीय जनमानस के प्रिय आराध्य हैं,आइए जानिए उनके दिव्य अस्त्र-शस्त्र..
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मनमोहन,केशव, श्याम, गोपाल, कान्हा, श्रीकृष्णा, गोपाल, घनश्याम, बाल मुकुन्द, गोपी मनोहर, श्याम, गोविंद, मुरारी, मुरलीधर के शुभ पर्व जन्माष्टमी 2020 पर कैसे करें श्रीकृष्ण की पूजा....
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इस बार भी तिथि नक्षत्र का संजोग नहीं मिलने के कारण 11 तथा 12 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। कुछ स्थानों पर तो 13 अगस्त को भी जन्माष्टमी बनाई जा रही है, इससे भक्त असमंजस की स्थिति में आ गए हैं
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बलराम का क्रोध जाग्रत हो गया। तब बलराम ने अपना रौद्र रूप प्रकट कर दिया। वे अपने हल से ही हस्तिनापुर की संपूर्ण धरती को खींचकर गंगा में डुबोने चल पड़े।
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Balarama Jayanti 2020 : बलराम जयंती 9 अगस्त 2020 यानी आज मनाई जाएगी। प्रभु बलराम को भगवान विष्णु के 8वां अवतार माना गया है। इस दिन भगवान शेषनाग ने द्वापर युग में श्रीकृष्ण के बड़े भाई के रूप में जन्म लिया था। जानिए 10 प्रमुख बातें...
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9 अगस्त 2020 यानी आज बलराम जयंती का पर्व (Balarama Jayanti Festival) मनाया जा रहा है। इस दिन को भगवान श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है।
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द्वापर युग में भोजवंशी राजा उग्रसेन मथुरा में राज्य करता था। उसके आततायी पुत्र कंस ने उसे गद्दी से उतार दिया और स्वयं मथुरा का राजा बन बैठा।
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भगवान श्रीकृष्ण संबंधी मंत्र तो बहुत हैं, लेकिन कुछ खास मंत्रों का ही प्रचलन और महत्व है। यहां प्रस्तुत हैं जन्माष्टमी पर कृष्ण के सरल एवं पौराणिक मंत्र।
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एक नगर में दो स्त्रियां रहती थीं। दोनों एक ही परिवार की थीं और रिश्ते में देवरानी-जेठानी लगती थीं। देवरानी का नाम सलोनी था जो बड़ी ही नेक, सदाचारिणी तथा दयालु थी। जेठानी का नाम तारा था, वह स्वभाव से बड़ी ही दुष्ट थी।
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हलछठ पर्व 9 अगस्‍त 2020, रविवार को मनाया जा रहा है। इस दिन महिलाएं संतान प्राप्ति अथवा अपनी संतान की रक्षा के लिए यह व्रत रखती हैं।
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सभी यह जानते हैं कि महाभारत के युद्ध के प्रारंभ में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को अपने बृहत विराट रूप का दर्शन कराया था। इसके अलावा बहुत कम ही लोग यह जानते हैं कि कन्हैया ने किसे और कब-कब अपने ईश्वररूप का दर्शन कराया था। आओ जानते हैं इस संबंध में संक्षिप्त ...
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हलषष्ठी व्रत श्रीकृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता श्री बलरामजी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन श्री बलरामजी का जन्म हुआ था। हल षष्ठी की व्रतकथा यह है।
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आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की। गले में बैजन्तीमाला बजावैं मुरलि मधुर बाला॥
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वेदों के अनुसार परामात्मा अर्थात ईश्वर या ब्रह्म और परब्रह्म के संबंध में साकार और निराकार की विवेचना की गई है। वेदों का ईश्वर अजन्मा और अप्रकट है। यही बात उपनिषद और गीता भी कहती है परंतु इसी के साथ यह भी कहा गया है कि आत्मा उस ब्रह्म का ही अंश है। ...
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भगवान श्रीकृष्ण को पूर्णावतार माना जाता है। 64 कलाओं में दक्ष श्रीकृष्ण ने हर क्षेत्र में अपने व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है। वैसे तो भगवान श्रीकृष्ण के सैंकड़ों रूप और रंग हैं लेकिन आओ हम जानते हैं कि उनके 12 रूप।
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भाद्रपद महीने में जन्‍माष्‍टमी के अलावा भी कई प्रमुख बड़े व्रत त्‍योहार आते हैं। इन्‍हीं में से एक हल छठ। उत्‍तर भारत में इसे भगवान कृष्‍ण के ज्‍येष्‍ठ भ्राता बलरामजी के जन्‍मोत्‍सव के रूप में मनाते हैं
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हर साल की तरह जन्माष्टमी का शुभ पर्व मथुरा-वृंदावन और द्वारिका में 12 और जगन्नाथ पुरी में 11 अगस्त को मनाया जाएगा...भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव समूचे देश के लिए हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है...
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नमो विश्वस्वरूपाय विश्वस्थित्यन्तहेतवे। विश्वेश्वराय विश्वाय गोविन्दाय नमो नमः॥1॥ नमो विज्ञानरूपाय परमानन्दरूपिणे। कृष्णाय गोपीनाथाय गोविन्दाय नमो नमः॥2॥
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