0

Navratri 2020 : महामारी और आपदा के लिए अचूक दुर्गा सप्तशती विशेष मंत्र, नवरात्रि में जरूर जपें

सोमवार,अक्टूबर 19, 2020
0
1
व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। रुके कार्यों में गति आएगी। रोजगार में वृद्धि होगी। पारिवारिक समारोह में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है।
1
2

20 अक्टूबर 2020 : आपका जन्मदिन

सोमवार,अक्टूबर 19, 2020
दिनांक 20 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2 होगा। ग्यारह की संख्या आपस में मिलकर दो होती है इस तरह आपका मूलांक दो होगा।
2
3
शुभ विक्रम संवत्- 2077, हिजरी सन्- 1440-41, ईस्वी सन् -2020 अयन- दक्षिणायण मास- आश्विन (द्वितीय) पक्ष- शुक्ल संवत्सर नाम- प्रमादी ऋतु- शरद वार-मंगलवार तिथि (सूर्योदयकालीन)-चतुर्थी नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-ज्येष्ठा योग ...
3
4
इस वर्ष दशहरा का त्योहार 25 अक्टूबर 2020 को मनाया जाएगा और मतांतर से 26 को भी मनाया जा रहा है।
4
4
5
सृष्टि की आदिस्वरूपा या आदिशक्ति मानी जाने वाली मां कूष्मांडा की आराधना नवरात्रि में चौथे दिन की जाती है। यहां पढ़ें उनकी आरती-
5
6
देवी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में 26, शिवचरित्र में 51, दुर्गा शप्तसती और तंत्रचूड़ामणि में शक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है। साधारत: 51 शक्ति पीठ माने जाते हैं। तंत्रचूड़ामणि में लगभग 52 शक्ति पीठों के बारे में बताया गया है। प्रस्तुत है ...
6
7
पहले गणेश जी के किसी भी सरल मंत्र की एक माला (108 बार मंत्र जाप) करें। तत्पश्चात इस मंत्र को पूर्ण एकाग्र होकर जपें।
7
8
देवी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में 26, शिवचरित्र में 51, दुर्गा शप्तसती और तंत्रचूड़ामणि में शक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है। साधारत: 51 शक्ति पीठ माने जाते हैं। तंत्रचूड़ामणि में लगभग 52 शक्ति पीठों के बारे में बताया गया है। प्रस्तुत है ...
8
8
9
विजयादशमी के दिन नारियल के निम्न उपाय करने से जहां घर की नकारात्मकता दूर होती है, वहीं ये उपाय आपको करोड़पति भी बना सकते हैं। यहां आपके लिए प्रस्तुत है नारियल के 12 चमत्कारिक उपाय-
9
10
देवी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में 26, शिवचरित्र में 51, दुर्गा शप्तसती और तंत्रचूड़ामणि में शक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है। साधारत: 51 शक्ति पीठ माने जाते हैं। तंत्रचूड़ामणि में लगभग 52 शक्ति पीठों के बारे में बताया गया है। प्रस्तुत है ...
10
11
देवी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में 26, शिवचरित्र में 51, दुर्गा शप्तसती और तंत्रचूड़ामणि में शक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है। साधारत: 51 शक्ति पीठ माने जाते हैं। तंत्रचूड़ामणि में लगभग 52 शक्ति पीठों के बारे में बताया गया है। प्रस्तुत है ...
11
12
देवी कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है। कूष्मांडा का अर्थ है कुम्हड़े। मां को बलियों में कुम्हड़े की बलि सबसे ज्यादा प्रिय है। इसलिए इन्हें कूष्मांडा देवी कहा जाता है।
12
13
देवी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में 26, शिवचरित्र में 51, दुर्गा शप्तसती और तंत्रचूड़ामणि में शक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है। साधारत: 51 शक्ति पीठ माने जाते हैं। तंत्रचूड़ामणि में लगभग 52 शक्ति पीठों के बारे में बताया गया है। प्रस्तुत है ...
13
14
दशहरा मनाने का हर प्रांत में अलग-अलग प्रचलन हैं परंतु विजयादशमी के दिन परंपरा से निम्नलिखित 10 कार्य करना जरूरी है। इस दिन नए वस्त्र एवं आभूषणों को धारण कर लोग रावण दहन देखने जाते हैं।
14
15
हे मां! सर्वत्र विराजमान और कूष्माण्डा के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ। हे मां, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें।
15
16
महाभारत के दौरान ऐसी भी अद्भुत घटनाएं घटी थी जिन्हें जानकार आप हैरान हो जाएंगे। उन कई घटनाओं में से हम लाएं हैं आपके लिए 10 खास घटनाओं के बारे में संक्षिप्त जानकारी।
16
17
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा-आराधना की जाती है। नवरात्रि में इस दिन भी रोज की भांति सबसे पहले कलश की पूजा कर माता कूष्मांडा को नमन करें। इस दिन पूजा में बैठने के लिए हरे रंग के आसन का प्रयोग करना बेहतर होता है।
17
18
नवरात्रि में चौथे दिन देवी को कूष्मांडा के रूप में पूजा जाता है। इस देवी की आठ भुजाएं हैं, इसलिए अष्टभुजा कहलाईं।
18
19
नवरात्रि ही एक ऐसा पर्व है जिसमें माता दुर्गा, महाकाली, महालक्ष्मी और सरस्वती की साधना कर जीवन को सार्थक किया जा सकता है। नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा विशेष फलदायी है।
19