Hanuman Chalisa

International Daughters Day 2024: अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस क्यों मनाया जाता है?

Written By WD Feature Desk
Published: शनिवार, 21 सितम्बर 2024 (17:01 IST)
Highlights 
 
अंतरराष्ट्रीय डॉटर्स दिवस का महत्व।
अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस क्यों मनाते हैं। 
अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस के बारे में जानें।

ALSO READ: International Day Of Peace: अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस आज, जानें इतिहास और 2024 की थीम
 
International Daughters Day : दुनियाभर में प्रतिवर्ष सितंबर माह में अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस मनाया जाता है। इस दिन का मकसद बेटी, बेटियों, बालिकाओं के मुद्दे पर विचार करके उनकी भलाई की ओर सक्रिय कदम बढ़ाना और जिस समाज में बेटी/स्त्री या महिलाओं को पुरुष से कमतर माना जाता है, उस समाज में बदलाव लाने के उद्देश्य से ही यह दिन महत्वपूर्ण माना गया है।
 
आपको बता दें कि परिवार के सभी सदस्यों के साथ संबंध बनाए रखने में घर में पल रही एक बेटी का महत्वपूर्ण किरदार होता है। बचपन से माता-पिता के घर को संवारने तथा खुशियों से भर देने वाली बेटियां आज भी ससुराल, समाज तथा पुरुषप्रधान इस दुनिया में हर जगह सताई जा रही हैं, आज भी घर की नन्ही-मुन्नी बेटियां, स्कूल-कॉलेजों में पढ़ती ये बेटियां अपनी सुरक्षा को लेकर आज भी पुरुषों की मोहताज है। चाहे वो डॉक्टर हो या किसी ऑफिस में कार्यरत, हर स्थल पर बेटियों के साथ भेदभाव तथा उनकी इज्जत के साथ खेलना आज पहले से अधिक हो गया है। 
 
कई घरों, परिवार, समाज तथा गांवों-शहरों में हर स्थान पर आज भी बेटियां अपने हक के लिए लड़ रही हैं। हमें अपनी खिलखिलाहट से खुशी देने वाली बेटियां, लड़कियां आज भी खुद अपनी ही खुशी से महरूम है। आज भी वह उपेक्षा, अभावों का सामना कर रही हैं।

गरीबी से घिरी बेटियां, दिन-रात संघर्ष, शोषण और भेदभाव का शिकार होकर अपनी शिक्षा और सपनों को तो पूरा कर लेती हैं, लेकिन पुरुष वर्ग को शायद उसका ये पढ़ना-लिखना, आगे बढ़ना तथा उनके कदम से कदम मिलाकर चलने का प्रयास शायद उन्हें अपने ही नजरों में जीने नहीं देता हैं, इसीलिए तो अपने माता-पिता द्वारा हर अच्छी-बुरी परिस्थिति का सामना करके बेटियों को समाज में सिर उठाकर चलने की इस सीख और भावना को कुछ लोग सहन नहीं कर पाते हैं और उनके साथ अभद्र तथा अनैतिकतापूर्ण व्यवहार करके उनको बेइज्जत करने में अपनी शान समझते हैं। 
 
वैसे तो बेटी की अहमियत उसके माता-पिता से ज्यादा कोई नहीं समझ सकता है। बेटियां वो होती हैं तो बचपन से लेकर जवानी तक तो माता-पिता के घर को खुशियों से भर देती हैं, शादी होने के बाद ससुराल को महकाती हैं और पति और ससुराल वालों को हर पल खुश करने का प्रयास करती है।

शादी के बाद पिता के घर को भूलकर इस नए घर को अपनाती हैं, जहां वे सिर्फ अपने पति के लिए सभी को हमेशा खुश रखने का प्रयास करती हैं और मां बनने के पश्चात तो उसका पूरा जीवन अपने पूरे परिवार के प्रति समर्पण और मात्र अपने बच्चों और ससुराल वालों का होकर रह जाता है, लेकिन यहां भी बेटियों की अधिक कद्र नहीं होती और वे निरंतर उपेक्षा की शिकार होती रहती है। ससुराल में वो अपना करियर छोड़कर परिवारजनों की सेवा में लग जाती है, लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें यहां भी भेदभाव, यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा आदि का शिकार होती हैं। 
 
डॉटर्स दिवस क्यों मनाया जाता है, जानें इतिहास : हर साल सितंबर महीने के चौथे रविवार को ‘अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस’ मनाया जाता है। वर्ष 2024 में यह दिन 22 सितंबर, रविवार को मनाया जाएगा। दुनियाभर में बेटियों को बेटे के समान ही महत्व और सम्मान देने के उद्देश्य से यह दिन मनाया जाता है।

आपको बता दें कि बेटियों/ लड़कियों के महत्व को समझते हुए वर्ष 2007 में बेटी दिवस मनाने की शुरुआत की गई थी। तब से ही बेटियों के लिए हर देश में एक दिन समर्पित किया गया है। बता दें कि हर देश में डॉटर्स/बेटी दिवस अलग-अलग दिन मनाया जाता है।

वर्तमान समय में भी रूढ़िवादी विचारधारा के चलते आज भी कई जगहों पर बाल विवाह, कन्या भ्रूण हत्या जैसे कृत्य सरेआम किए जाते हैं। उन्हें कोख में ही मार दिया जाता है, अत: ऐसी छोटी सोच से बेटियों को बचाने और उन्हें सम्मान दिलाने के लिए तथा लोगों को जागरूक करने के लिए कि बेटियों/ लड़कियों को भी लड़कों की तरह समान अधिकार और अवसर मिलना चाहिए, इसी सोच के साथ देश व दुनिया में हर साल सितंबर में अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस मनाया जाता है। 
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

RK. 

ALSO READ: World Alzheimer's Day: विश्व अल्जाइमर दिवस आज, जानें इतिहास, लक्षण, कारण और उपाय
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

गरीबी चुराने कोई नहीं आता!

9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस: जानिए इतिहास और इसका महत्व

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर निबंध: जानें भारत की आजादी का इतिहास और महत्व

तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने किया त्रिपक्षीय सैन्य समझौता

नई स्टडी: एंथोसायनिन से घट सकता है हृदय रोग और डायबिटीज का खतरा, जानिए कैसे

अगला लेख