sundarkand
✕

पिता की महत्ता पर क्या कहते हैं पुराण, जानिए

Updated: शुक्रवार, 19 जून 2020 (15:18 IST)
Father Importance in Puran
 
पुराणों में इन 5 को कहा गया है पिता, जानिए 
 
 
1. जनिता चोपनेता च, यस्तु विद्यां प्रयच्छति।
अन्नदाता भयत्राता, पंचैते पितरः स्मृताः॥
 
(इन पांच को पिता कहा गया हैः जन्मदाता, उपनयन करने वाला, विद्या देने वाला, अन्नदाता और भयत्राता।) - चाणक्य नीति।
 
2. न तो धर्मचरणं किंचिदस्ति महत्तरम्‌।
यथा पितरि शुश्रूषा तस्य वा वचनक्रिपा॥
 
(पिता की सेवा अथवा उनकी आज्ञा का पालन करने से बढ़कर कोई धर्माचरण नहीं है।) - वाल्मीकि (रामायण, अयोध्या कांड)।
 
3. दारुणे च पिता पुत्रे नैव दारुणतां व्रजेत्‌।
पुत्रार्थे पदःकष्टाः पितरः प्राप्नुवन्ति हि॥
 
(पुत्र क्रूर स्वभाव का हो जाए तो भी पिता उसके प्रति निष्ठुर नहीं हो सकता क्योंकि पुत्रों के लिए पिताओं को कितनी ही कष्टदायिनी विपत्तियां झेलनी पड़ती हैं।) - हरिवंश पुराण (विष्णु पर्व)।
 
4. ज्येष्ठो भ्राता पिता वापि यश्च विद्यां प्रयच्छति।
त्रयस्ते पितरो ज्ञेया धर्मे च पथि वर्तिनः॥
 
(बड़ा भाई, पिता तथा जो विद्या देता है, वह गुरु है- ये तीनों धर्म मार्ग पर स्थित रहने वाले पुरुषों के लिए पिता के तुल्य माननीय हैं।) - वाल्मीकि (रामायण, किष्किन्धा कांड)।

ALSO READ: Indian Mythological Stories : Fathers Day पर पढ़ें पौराणिक कथाओं में वर्णित पितृ प्रेम की कहानियां

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

शुक्र-मंगल का केंद्र योग: किन राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और लाभ के रास्ते

Weekly Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक भविष्यफल 12 से 18 अक्टूबर 2026: आपके मूलांक का सटीक राशिफल, जानें किसके खुलेंगे तरक्की के द्वार?

शारदीय नवरात्रि 2026: तिथि, योग, घटस्थापना एवं पूजा के मुहूर्त और खास उपाय

दुर्गा आरती: जय अम्बे गौरी| Durga aarti om jai ambe gauri

सर्वपितृ शनिश्चरी अमावस्या पर श्राद्ध करने का सटीक समय, गजच्छाया योग और विधि

अगला लेख