Hanuman Chalisa
✕

अयोध्या में रामलला प्रतिष्ठा दिवस पर जानिए क्या रहेगा खास और कैसे होंगे आयोजन

Written By WD Feature Desk
Updated: बुधवार, 21 जनवरी 2026 (12:16 IST)
Ayodhya: अयोध्या आज एक बार फिर ऐतिहासिक और आध्यात्मिक उत्साह में डूबी हुई है। रामलला प्रतिष्ठा दिवस के अवसर पर राम मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं, जिसको देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
 
1. रामलला प्रतिष्ठा दिवस: मंदिर परिसर में होंगे ये विशेष आयोजन
2. रामलला प्रतिष्ठा दिवस: सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
3. रामलला प्रतिष्ठा दिवस: श्रद्धालुओं में दिखा खास उत्साह
4. रामलला का आगमन: 500 वर्षों का संकल्प और सिद्ध मुहूर्त
5. रामलला प्रतिष्ठा दिवस: वो ऐतिहासिक क्षण: 22 जनवरी 2024
6. रामलला प्रतिष्ठा दिवस: विश्वव्यापी दीपोत्सव
7. रामलाला प्रतिष्ठान दिवस पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न-FAQs
 

1. रामलला प्रतिष्ठा दिवस: मंदिर परिसर में होंगे ये विशेष आयोजन

 

2. रामलला प्रतिष्ठा दिवस: सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

रामलला प्रतिष्ठा दिवस को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शहर के प्रमुख मार्गों, मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले इलाकों में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए हैं।
 

3. रामलला प्रतिष्ठा दिवस: श्रद्धालुओं में दिखा खास उत्साह

सुबह से ही राम मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। भक्त जय श्रीराम के उद्घोष के साथ भगवान राम के दर्शन कर रहे हैं और इस पावन दिन को ऐतिहासिक बता रहे हैं।

4. रामलला का आगमन: 500 वर्षों का संकल्प और सिद्ध मुहूर्त

अयोध्या की पावन माटी पर भगवान श्रीराम का बालस्वरूप, जिन्हें हम रामलला कहते हैं, सदैव से विराजमान रहा है। 16वीं शताब्दी में विदेशी आक्रमण के कारण मंदिर को जो क्षति पहुँची थी, उसके बाद सदियों तक जन्मभूमि को लेकर संघर्ष चलता रहा। 22 जनवरी 2024 को लगभग 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद, ठीक उसी स्थान पर जहाँ प्रभु ने जन्म लिया था, एक भव्य और दिव्य मंदिर पुनः खड़ा हुआ है। यह केवल एक निर्माण नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था की विजय है।
 

5. रामलला प्रतिष्ठा दिवस: वो ऐतिहासिक क्षण: 22 जनवरी 2024

काशी के प्रकाण्ड विद्वानों ने इस अलौकिक अवसर के लिए एक अत्यंत सूक्ष्म और शुभ घड़ी का चयन किया है:
तिथि: पौष शुक्ल द्वादशी (विक्रम संवत 2080)
अमृत काल: दोपहर 12:29:08 से 12:30:32 के बीच।
विशेषता: मात्र 84 सेकंड का यह मुख्य मुहूर्त सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग से सुसज्जित है, जो इसे आध्यात्मिक रूप से अत्यंत शक्तिशाली बनाता है।
 

6. रामलला प्रतिष्ठा दिवस: विश्वव्यापी दीपोत्सव

यह दिन किसी एक स्थान का नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व के सनातनी समाज के लिए एक 'दैवीय उत्सव' है। अयोध्या धाम से लेकर दुनिया के हर कोने तक, लोग इसे दूसरी दीपावली की तरह मना रहे हैं। रामलला का अपने घर में विराजना, आधुनिक युग के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बन गया है।
 

7. रामलाला प्रतिष्ठान दिवस पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न-FAQs

Q1. रामलला प्रतिष्ठा दिवस क्यों मनाया जाता है?
A. भगवान श्रीराम की प्रतिष्ठा और उनके प्रति आस्था व्यक्त करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।
 
Q2. रामलला प्रतिष्ठा दिवस पर क्या खास होता है?
A. विशेष पूजा, धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
 
Q3. क्या आज अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है?
A. हां, श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
 
Q4. क्या आम श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं?
A. हां, दर्शन की व्यवस्था की गई है, लेकिन प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन जरूरी है।

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

गणेश चतुर्थी 2026: गणपति को पांचवें दिन कौन सा भोग लगाएं, प्रसाद चढ़ाएं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

अगला लेख