dipawali
✕

Motivational Speech : रोज बदल रहा ज्ञान

Updated: शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2020 (10:42 IST)
प्रसिद्ध दार्शनिक ऐलन वॉटस की एक किताब का नाम है- ‘दि बुक’। उसी से धर्म और नीति संबंधी कुछ अंश- वे सारे औरत ब्रांड धर्म जैसे कि इस समय आचरण में लाए जाते हैं, ऐसी खदानें हैं जो खाली हो गई। अब उनकी खुदाई करके कुछ मिलने वाला नहीं।
 
 
मनुष्‍य और विश्‍व के संबंध में उनकी अवधारणाएं, उनकी प्रतिमाएं, उनके क्रियाकांड और अच्‍छे जीवन के बारे में उनके जो विश्‍वास है, वे उस विश्‍व के माकूल नहीं है जिसे हम जानते हैं, या कि वे मनुष्‍य के उस जगत से मेल नहीं खाते जो इतनी तेजी से बदल रहा है कि स्‍कूल में हम जो सीखते हैं वह स्‍कूल से उत्‍तीर्ण होने के दिन तक पुराना पड़ चुका होता है।
 
 
नीति और नैतिकता ‘जो है’ उससे व्‍यक्‍ति का ध्‍यान हटाकर जो ‘होना चाहिए’ उस पर ले जाती है। झूठे आदर्श पैदा करती है। इन आदर्शों पर वह कभी चल नहीं सकता। इसलिए अक्‍सर देखा गया है कि दया, प्रेम, शांति, करुणा इत्‍यादि का आचरण करने वाले लोग पाखंडी हो जाते हैं। जिनकी वे मदद करना चाहते हैं वे लोग भी उनके ओढ़े हुए कुछ गुणों से दूर भागते हैं। जिस तरह सच्‍चा हास्‍य अपने आप पर हंसना है, वैसे ही सच्‍ची मानवता वह है जिसे आत्‍मज्ञान हो।
 
 

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस?

31 अक्टूबर पुण्यतिथि: इंदिरा गांधी की मृत्यु कब, कहां, क्यों और कैसे हुई थी?

वाणी साहित्य उत्सव का आगाज, पहले दिन युद्ध, स्त्री विमर्श और एआई के दौर में लेखन पर हुआ मंथन

वर्ल्ड स्ट्रोक डे: स्ट्रोक के लक्षण दिखते ही लें चिकित्सकीय सहायता, हर मिनट है कीमती

बौखलाए नेताओं की बेरहमी का ये सबसे निर्दयी उदाहरण है, 200 पेड़ों से हजारों परिंदों के आशियाने उजाड़कर मेट्रो चलाएंगे

अगला लेख