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बच्चे हिन्दू, मुस्लिम या सिख नहीं होते : कैलाश सत्यार्थी

गुरुवार,जुलाई 11, 2019
kailash satyarthi
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नाम है ऋचा कर्पे... सकारात्मकता से लबरेज, उमंग से भरपूर एक ऐसी शख्सियत जिसने विषम परिस्थितियों में धैर्य, लगन, उत्साह और आशा की सुनहरी किरणों को थाम कर अपना आकाश खुद बनाया है। उनकी असाध्यता राहों में बाधक नहीं वरन प्रेरक बनी। वे न दया चाहती हैं, न ...
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अगर आयोजकों को फिल्मी दुनिया के लोगों को भी बुलाना है, तो उन्हें साहित्य सम्मेलनों का नाम बदलकर साहित्य, कला और फिल्म सम्मेलन कर देना चाहिए.... चित्रा मुद्गल
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डॉ. पद्मेश गुप्त 2007 से ऑक्सफ़ोर्ड में ऑक्सफ़ोर्ड बिजनेस कॉलेज के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं।आप हिन्दी भाषा के विकास को लेकर पूरे दमखम के साथ लगे हुए हैं।
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हिन्दू धर्म में जिस तरह जगराता और भजन संध्या जैसा जनमानस को अध्यात्म और भक्ति से जोड़ने व मन को शांति व संकल्प को संतोष देने वाला गीत-संगीत से जुड़ा कार्यक्रम होता है, वैसे ही मुस्लिम समुदाय में नात शायरी की हैसियत है।
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इंदौर। इन दिनों भारतीय समाज के साथ कला-साहित्य जगत में भी स्त्री देह की आजादी और यौन संबंधों के खुलेपन की बहस जोरों पर है, लेकिन 'पद्मश्री' सम्मान के लिए चुनी गई मशहूर हिन्दी कहानीकार मालती जोशी मानती हैं कि 'उग्र नारीवाद' का झंडा उठाए बगैर भी पूरी ...
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रसिया, द डांस ऑफ डिजायर में वह सब है जो एक नाजुक मन पढ़ना चाहता है, जो एक सच्चा कलाकार महसूस करता है, जो अपने रिश्तों में ताजगी चाहता है और जो मन की सबसे खूबसूरत अनुभूति प्रेम में है, प्रेम में होना चाहता है....
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विशिष्ट अंदाज में लिखा ये उपन्यास आज की युवा पीढ़ी को प्यार के सही मायने समझाने के साथ ही उनका पथ प्रदर्शक साबित होगा।
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फैज़ अहमद गोहरी इंदौर के नामी फोटोग्राफर्स में से एक हैं जिन्होंने एक छोटे से डिजिटल कैमरे से अपनी फोटोग्राफी की शुरुआत की और आज सेलीब्रिटीज़ और मॉडल्स के साथ शूट करते हैं।
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शिक्षा और साहित्य का पद्मश्री अलंकरण प्राप्त करने वाली सुनीता जैन नहीं रहीं। जब वे इंदौर आई थीं तब यूं ही चलते-चलते उनसे संक्षिप्त बातचीत हुई थी।
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रंग, तूलिका, कलम, कविता, कहानी, तस्वीरें, फिल्म और एक भीनी सी मुस्कान...इन सबको मिलाकर बनी है इरा। इरा टाक। एक बहुआयामी नाम जो टीवी की दुनिया से होते हुए सोशल मीडिया के झरोखे से झांका और आज कला के क्षेत्र में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है।
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जानी-मानी फिल्म अभिनेत्री एवं कोरिओग्राफर ममता शंकर हमेशा नया करने की धुन में लगी रहती हैं। नृत्य-कला इन्हें विरासत में मिली है।
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मुझे हमेशा लगता रहा कि एक अजीब-सा कर्ज़ है मुझ पर दुष्यंत कुमार जी का। केवल मुझ पर ही क्यों, मंच से उनके शेर पढ़कर तालियाँ और ट्रॉफियाँ हासिल करने वाले हर वक्ता पर। एकदम से फिट बैठती थीं उनकी पंक्तियाँ और पूरी तकरीर को एक नया उरूज़ दे जाती थीं। तमाम ...
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मुंबई की पल्लवी ने तय किया कि क्यों न वह भारत आने वाले विदेशियों को सरल और रोचक ढंग से हिन्दी पढ़ाए। पल्लवी ने समझा उन परे‍शानियों को जो हिन्दी न जानने पर भारत आने वाले विदेशी मित्रों को उठानी पड़ती है। पल्लवी का मानना है कि हिन्दी बड़ी सुंदर भाषा ...
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बेतरतीब लकीरें रफ़्ता-रफ़्ता अक़्ल के दख़ल और उंगलियों की कसरत से अक्षरों की शक्ल इख़्तियार कर लेती हैं...बढ़ती उम्र के साथ धीरे-धीरे इन अक्षरों की शक्ल-ओ-सूरत भी बनती-संवरती है...मगर जिन लोगों को अक्षर संवारने की ये नेमत ईश्वर की ओर से तोहफ़े में ...
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देहात की दुर्दशा और कठिनाइयों को बेहद नजदीक से देखा है। इसी ने मुझे कहानीकार बनने को विवश कर दिया था। सच कहूं तो आधुनिकता के बावजूद देहात अब भी दुर्भाग्य की बस्तियां मानी जाती है और यहां पैदा हुए इंसान को दुर्भाग्य की संतान। यह कहना है देश के चर्चित ...
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ख्यात चित्रकार एवं कथाकार प्रभु जोशी के दो चित्रों को अमेरिका एवं अन्य चार राष्ट्रों द्वारा संचालित 'बेस्ट इंटरनेशनल आर्ट गैलरी का विशेष पुरस्कार दिया गया है। तैलरंग में उनके चित्र 'स्माइल ऑफ चाइल्ड मोनालिसा को पुरस्कृत किया गया है। जलरंग में उनके ...
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पर्यावरण महज प्राकृतिक संसाधनों से मिलकर नहीं निर्मित होता बल्कि सुखद पर्यावरण बनता है मानव और प्रकृति के बीच परस्पर सहज संबंध से। इसी संबध की नई परिभाषा रच रहे हैं प्रख्यात पर्यावरणविद् अनुपम मिश्र। वेबदुनिया से संक्षिप्त मुलाकात में अनुपम मिश्र ने ...
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पंकज सुबीर, यह नाम हिन्दी साहित्य में भावप्रवण युवा साहित्यकार के रूप में जाना जाता है। ‍पंकज सुबीर ने वर्तमान हिन्दी साहित्य को अपनी खूबसूरत रचनाएं दी है। हाल ही में उन्हें अंतर्राष्ट्रीय 19वें कथा यूके अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई ...
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अपनी विलक्षण प्रेम कविताओं के लिए अशोक वाजपेयी की एक खास पहचान है। इन दिनों वे इंदौर प्रवास पर हैं। साहित्य की ‍विभिन्न गोष्ठियों में शिरकत करते हुए वेबदुनिया से उन्होंने संक्षिप्त बातचीत की। प्रस्तुत है एक छोटी सी काव्यात्मक मुलाकात, सुविख्यात ...
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