साँझ के आगोश में धूप
प्रवेश सोनी
उजले पैरों सेखुद को समेट करधूप साँझ के आगोश में सुनहरी हो गई!! सितारों कीजमीं पररात नेरचे छंदमधुबन के!!चाँद कीदेह मेंजल उठेकई सूरज!!समंदर कोसुखा देनेवाली प्यासखड़ी है चौखट परजलाए नजरों के दीये!!गया था जोइस राह से ,लौट कर कब ,आएगा वो बटोही??