मैंने अपने दिल से कहा
नवल
कई बार मैंने अपने दिल से कहा फ़रेब और उम्मीदउम्मीद और इंतज़ारइंतज़ार और हवसहवस और दर्द एक दूसरे कोआरे की तरह काटते हैंउनसे किसी भी तजुर्बेकार को दूर रहना चाहिए दिल ने मेरी हाँ में हाँ मिलाईलेकिन चला उसी रास्ते परजहाँ उसने जाना चाहादिल ने खाई ठोकरेंमेरे हाथों में आए तजुर्बेलेकिन तजुर्बों के चिराग़ सेज़िंदगी रोशन न हुई।साभार : वागर्थ