चलो इस बारिश में
दीपाली पाटील
चलो इस बारिश में समंदर के सफर पर चलें बारिश की बूंदों को लहरों पर थमते हुए देखें मछुआरों के जाल में ,वक्त को उलझाकर, यादों की सीपी से खुशियों के लम्हे चुने क्षितिज पर जहां सूरज का विश्रांति स्थल है। जहां से आसमान पर चढ़ती हैचांद की डोली चलो ना इस बारिश में मिट्टी की सौंधी खुशबू औरअमृत घन की मिठास समंदर में घोल दें फिररेत पर अपने कदमों के निशानअगले सफर तक छोड़ दें।