गोला-बारी के बाद
लीलाधर मंडलोई
गोलाबारी के बाद
सन्नाटा था
एक अधजले दरख़्त पर
एक थी - 'शीन चिरैया'
जिसके बोलने में
दरख़्त के रोने की
आवाज़ आ रही थी ....।
साभार : पहल
सन्नाटा था
एक अधजले दरख़्त पर
एक थी - 'शीन चिरैया'
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दरख़्त के रोने की
आवाज़ आ रही थी ....।
साभार : पहल
