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आपको आया है आज प्यार
गुलाब खंडेलवाल कुछ हम भी लिख गए हैं तुम्हारी किताब में।गंगा के जल को ढाल न देना शराब में॥हम से तो जिंदगी की कहानी न बन सकी।सादे ही रह गए सभी पन्ने किताब में॥दुनिया ने था किया कभी छोटा-सा एक सवाल।हमने तो जिंदगी ही लुटा दी जवाब में॥लेते न मुँह जो फेर हमारी तरफ से आप।कुछ खूबियाँ भी देखते खाना खराब में॥कुछ बात है कि आपको आया है आज प्यार।देखा नहीं था ज्वार यों मोती के आब में॥हमने गजल का और भी गौरव बढ़ा दिया।रंगत नई तरह की जो भर दी 'गुलाब' में॥