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कविता: तब स्कूल को आते हैं...

Updated: बुधवार, 20 दिसंबर 2017 (17:46 IST)
प्रात:काल उठ पढ़ते हैं बच्चे,
फ्रेश होने के बाद नहाते हैं। 
नित्य नाश्ता करने के बाद,
तब स्कूल को आते हैं।
 
साफ-सफाई पर ध्यान हैं देते, 
मन लगा के पढ़ते हैं।
क्रीड़ा स्थल पर जब जाते,
पंक्ति बना के चलते हैं।
 
ग्रहण विद्या को वे करते हैं,
अध्यापक को भाते हैं।
नित्य नाश्ता करने के बाद,
तब स्कूल को आते हैं।
 
हल करते हैं हर सवाल को,
ध्यान से उत्तर देते हैं। 
जब छुट्टी होती लंच खातिर,
हाथ टिफिन को लेते हैं।
 
प्रेमपूर्वक सारे खाते,
राष्ट्रगीत को गाते हैं।
नित्य नाश्ता करने के बाद,
तब स्कूल को आते हैं। 
लेखक के बारे में
शम्भू नाथ

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