ramcharitmanas
✕

हिन्दी कविता : थाम हाथ मेरा...

Updated: शनिवार, 27 जून 2020 (19:32 IST)
चल आ यार 
थोड़ी बात कर लेते हैं
जो भी समस्या हो जीवन की
उसे सुलझा लेते हैं 
 
तो क्या हुआ गर हम
जीत नहीं पा रहे
चल उठ यार 
एक बार फिर कोशिश 
कर लेते हैं 
 
दुनिया लगी हुई है
पीछे करने को हमें
चल थाम हाथ मेरा
ये रास्ता पार कर लेते हैं
 
तू ले आ गर्म चाय
मैं लाता हूं बिस्कुट
और इस सख़्त ज़िंदगी को
थोड़ी सी नर्म कर लेते हैं
 
तुझे याद है वो चौराहा
वो चाट की दुकान
तो एक्स्ट्रा चटनी डाल
कुछ मसाले भर लेते हैं
चल थाम हाथ मेरा
ये रास्ता पार कर लेते हैं
 
जेब खाली है तो 
क्या हुआ यार
गले मे हाथ डाल
बाजारों की सैर कर लेते हैं
 
कल क्या होगा 
ये क्यों सोचे हम
उस कल को बनाने की
आज से शुरुआत 
कर देते हैं 
चल थाम हाथ मेरा
ये रास्ता पार कर लेते हैं
 
आ हम बैठते हैं 
कुछ पल साथ में
दिल के जज्बातों को
खोल लेते हैं 
कभी तू मेरे कंधे पर 
कभी मैं तेरे कंधे पर 
सिर रखकर थोड़ा 
रो लेते हैं  
चल आ यार
थोड़ी बात कर लेते हैं 
 
वो अल्हड़पन वो बेफिक्री से
दोस्ती गुलजार कर लेते हैं 
चल आ यार 
थोड़ी बात कर लेते हैं
चल थाम हाथ मेरा
ये रास्ता पार कर लेते हैं।
लेखक के बारे में
डॉ. दीपा मनीष व्यास
स्वतंत्र लेखिका.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शक्ति और सामर्थ्य से सार्थक हो रहा है भारत

चारधाम यात्रा: अटूट आस्था, VIP संस्कृति और व्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा

रूस दे रहा है नाटो को परमाणु हथियारों की धमकी, NATO कमांड केन्द्रों पर हो सकते हैं हमले

शारदीय नवरात्रि व्रत 2026: रोज-रोज साबूदाने की खिचड़ी खाने के 6 नुकसान

सबके लिए समय है... फिर अपने सपनों के लिए क्यों नहीं?

अगला लेख