Hanuman Chalisa

फिर नया शुभ प्रभात करें : नई गज़ल

मधु टाक
नज़रों से ही नहीं अधरों से भी कुछ तो बात करें
कोरा है जीवन का कागज़  लफ्ज़ों की बरसात करें
 
कहने को तो सारी दुनिया है मेरे आँचल में समाई
चलो अब सातो आसमान से मिलने की शुरुआत करें
 
मेरी हर एक बात में हो छंद हर साँस में हो गंध
आओ मन उपवन में खिलते मोगरे की बात करें
 
कामयनी सा रूप तुम्हारा संध्या का श्रंगार हो
मादकता छलक न जाए समर्पित यह सौगात करें
 
थक चुकी हूँ जमाने की लगाई हुई पाबंदियों से
तोड़कर रस्म-ओ रिवाज बगावत की बात करें
 
सफर यह दोस्ती का कुछ इस तरह भी तय करें
भूलकर मंजिल रास्तों से गले मिलने की बात करें
 
न रहे मलाल कभी जिंदगी में किसी की चाहत का
भौर की पहली किरण से फिर नया शुभ प्रभात करें
 
कुछ तुम कहो कुछ हम कहें पैदा ऐसे हालात करें
बैठकर तेरे पहलू में कुछ "मधु" सी फिर बात करें।।
      ।। मधु टाक।।

Show comments

सभी देखें

नशे की लत से उबरने के लिए कौनसी थेरेपी और कदम होते हैं सबसे असरदार

बारिश के मौसम में जरूर पिएं ये 5 हेल्दी ड्रिंक्स, शरीर को देंगे इम्युनिटी, एनर्जी और अंदरूनी गर्माहट

डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय, मच्छरों से ऐसे करें खुद की सुरक्षा

Hiccups Relief Tips: बार-बार हिचकी क्यों आती है? जानें कारण और आसान उपचार

बरसात के मौसम में ये 5 आसान योगासन कर सकते हैं आपकी इम्युनिटी की रक्षा

सभी देखें

घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

स्वामी विवेकानंद पुण्यतिथि विशेष: एक ज्योति जो आज भी भारत का पथ आलोकित कर रही है

Daily Vastu Tips: घर में हर दिन खुश रहना है तो आज ही अपनाएं ये सरल वास्तु टिप्स

पुण्यतिथि विशेष: स्वामी विवेकानंद का जीवन परिचय और खास बातें

तीखा सामाजिक-आर्थिक व्यंग्य: दो जून की रोटी

अगला लेख