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हरिवंश राय बच्चन की पुण्यतिथि पर पढ़ें उनकी कविता : आ रही रवि की सवारी

Updated: सोमवार, 18 जनवरी 2021 (09:05 IST)
- हरिवंशराय बच्‍चन
 
आ रही रवि की सवारी। 
 
नव-किरण का रथ सजा है, 
कलि-कुसुम से पथ सजा है, 
बादलों-से अनुचरों ने स्‍वर्ण की पोशाक धारी। 
आ रही रवि की सवारी।
 
विहग, बंदी और चारण, 
गा रही है कीर्ति-गायन, 
छोड़कर मैदान भागी, तारकों की फ़ौज सारी। 
आ रही रवि की सवारी।
 
चाहता, उछलूं विजय कह, 
पर ठिठकता देखकर यह- 
रात का राजा खड़ा है, राह में बनकर भिखारी। 
आ रही रवि की सवारी।

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