dipawali
✕

हरिवंश राय बच्चन की कविता- अग्नि पथ

Updated: सोमवार, 18 जनवरी 2021 (09:03 IST)
harivansh rai bachchan
 
- हरिवंशराय बच्‍चन
 
अग्नि पथ! अग्नि पथ! अग्नि पथ!
 
वृक्ष हों भले खड़े, 
 
हो घने, हो बड़े, 
 
एक पत्र-छांह भी मांग मत, मांग मत, मांग मत! 
 
अग्नि पथ! अग्नि पथ! अग्नि पथ!
 
तू न थकेगा कभी! 
 
तू न थमेगा कभी!
 
तू न मुड़ेगा कभी!-कर शपथ! कर शपथ! कर शपथ!
 
यह महान दृश्‍य है- 
 
चल रहा मनुष्‍य है 
 
अश्रु-श्‍वेद-रक्‍त से लथपथ, लथपथ, लथपथ! 
 
अग्नि पथ! अग्नि पथ! अग्नि पथ!

ALSO READ: हरिवंश राय बच्चन की पुण्यतिथि पर पढ़ें उनकी अनूठी कविता

ALSO READ: हरिवंश राय बच्चन की चुनिंदा कविता- अग्नि पथ

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

बौखलाए नेताओं की बेरहमी का ये सबसे निर्दयी उदाहरण है, 200 पेड़ों से हजारों परिंदों के आशियाने उजाड़कर मेट्रो चलाएंगे

करवा चौथ से पहले चेहरे पर कैसे लाएं नेचुरल ग्लो? घर पर अपनाएं ये आसान ब्यूटी टिप्स

विजय सिंह चौहान की आठ लघुकथाएं

कब है सरदार पटेल जयंती? क्यों कहा जाता है उन्‍हें लौह पुरुष? जानें उनसे जुड़ी अनसुनी बातें

मीराबाई जयंती 2026: क्या कृष्ण भक्ति में लीन मीरा सचमुच मूर्ति में समा गई थीं? जानिए उनकी जिंदगी के 5 अनोखे रहस्य!

अगला लेख