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मंगलमय हो दीपावली सकारात्मक सुराज से...

diwali ka sandesh
देखा है हमने स्वच्छता /टॉयलेट मुहीम को आंदोलन बनते। 
लोगों के असमंजसी सोच के बीच भी, आत्मविश्वासी लघु आगाज़ से।।1।। 
 
चेतना की सुगबुगाहट उभर रही अब धीरे धीरे ,
उनींदे, दकियानूसी, धर्मांध फिरकों में भी उनकी समझाइशभरी आवाज़ से।।2।। 
 
किसने गाँधी के बाद परखी नब्ज़/धड़कन देश की,
जमीन से जुड़ा ही कोई हो सकता है  वाकिफ जन-मन के मिज़ाज से।।3।। 
 
अंतरराष्ट्रीय नक्क़ारख़ाने में भी आतंकवाद के खिलाफ,
प्रभावी माहौल बना मोदी की तूती के विशिष्ट अंदाज़ से।।4।। 
 
शंका है कि जन-समर्थन की कोई आकर्षक राग निकाल पायें,
वंशवादी, दिशाहीन विपक्षीदल अपने क्षत-विक्षत साज़ से।।5।। 
 
कब तक भिड़ पाएंगे सिरफिरे फिदायी आतंकवादी भी ,  
भारत मां के सपूत, जोशीले प्रहरी,सैन्य-वीर जाँबाज़ से।।6।। 
 
कामना है कि यह दीपावली ज्योतित करे समग्र राष्ट्रजीवन ,
सबका हित समेटे सुशासित, सुनियोजित, सुराज  से।।7।।
लेखक के बारे में
डॉ. रामकृष्ण सिंगी
डॉ. रामकृष्ण सिंगी ने मध्यप्रदेश के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में 40 वर्षों तक अध्यापन कार्य किया तथा 25 वर्षों तक वे स्नातकोत्तर वाणिज्य विभागाध्यक्ष व उप प्राचार्य रहे। महू में डॉ. सिंगी का निवास 1194 भगतसिंह मार्ग पर है। डॉ. सिंगी देवी अहिल्या विश्वविद्‍यालय इंदौर (मप्र) के वाणिज्य संकाय.... और पढ़ें
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