dharma sangrah
✕

क्या शादियों में तेज डीजे के साउंड से आ रहे हैं अटैक? जानिए डीजे की आवाज और हार्ट अटैक में क्या है सम्बन्ध

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 17 फ़रवरी 2025 (17:54 IST)
Does loud music increase heart attack risk: भारतीय शादियां अपनी धूमधाम और जश्न के लिए जानी जाती हैं। ढोल, नगाड़े, और डीजे की तेज धुनें उत्सव का माहौल बना देती हैं। लेकिन हाल के कुछ वर्षों में, शादियों में डीजे के तेज साउंड के कारण हार्ट अटैक के मामलों में वृद्धि देखी गई है। जिससे ये सवाल उठता है कि क्या डीजे की तेज आवाज दिल के लिए खतरनाक हो सकती है? यह एक गंभीर चिंता का विषय है, जिस पर ध्यान देना आवश्यक है। आइये वेबदुनिया हिंदी पर एक्सपर्ट से समझते हैं।

शादियों में डीजे और हार्ट अटैक का संबंध
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 85 डेसिबल से अधिक की आवाज हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। शादियों में बजने वाले डीजे की आवाज अक्सर 100 डेसिबल से भी कहीं अधिक होती है। इतनी तेज आवाज हमारे कानों के लिए तो हानिकारक है ही, साथ ही यह हमारे हृदय पर भी बुरा प्रभाव डालती है। तेज आवाज के कारण हमारे शरीर में स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे हृदय गति और रक्तचाप में वृद्धि होती है। यह स्थिति हृदय रोग और हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा सकती है।

डीजे की आवाज और हार्ट अटैक का सम्बन्ध

हम जो भी सुनते हैं उसका सीधा संबंध हमारे दिल से होता है। असल में जो भी आवाजें हमारे कानों में पड़ती हैं वह नसों के माध्यम से सीधे हार्ट तक पहुंचती हैं। डीजे का लाउड साउंड हमारी हार्टबीट को बढ़ा सकता है जिससे स्ट्रेस, एंग्जायटीऔर डर भी पैदा हो सकता है। यदि ये स्थिति में देर तक बनी रहे तो हमारे कान की नसों का खून गाढ़ा होने लगता है और इससे हार्ट अटैक का खतरा बहुत बढ़ जाता है।

ALSO READ: इस कमरे में सुनाई देती है दिल की आवाज, जानिए दुनिया के सबसे शांत कमरे की हैरान करने वाली बातें
अनियमित धड़कनों की रफ्तार बढ़ा देती है हार्ट अटैक का खतरा
किसी भी तरह का शोर जिसमें संगीत भी शामिल है एक हद के बाद दिल के लिए खतरा होता है। बहुत तेज संगीत सुनने से हार्ट रेट कई बार इतना ज्यादा बढ़ जाता है जो एक्सरसाइज या रनिंग के बाद होता है। इस वजह से अचानक दिल की धड़कन  अनियमित हो जाती है और हार्ट अटैक या ब्लड क्लोट होने का खतरा बहुत बढ़ जाता है। ऐसी कोई भी एक्टिविटी जो ब्लड प्रेशर को बढ़ाती है  उससे हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है जिसमें डीजे की तेज आवाज भी शामिल है।

हार्ट अटैक के लक्षण
हार्ट अटैक के लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है। इन लक्षणों में शामिल हैं:
•          सीने में तेज दर्द या दबाव
•          बांहों, जबड़े या पीठ में दर्द
•          सांस लेने में तकलीफ
•          पसीना आना
•          चक्कर आना या बेहोशी
•          उल्टी या मतली
यदि किसी व्यक्ति को इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

बचाव के तरीके
शादियों में डीजे के तेज साउंड से हार्ट अटैक के खतरे को कम करने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए:
•          डीजे की आवाज को नियंत्रित रखें।
•          स्पीकर को दूर रखें।
•          कुछ समय के लिए शांत जगह पर आराम करें।
•          यदि आपको हृदय रोग है, तो तेज आवाज से दूर रहें।
•          हार्ट अटैक के लक्षणों के बारे में जागरूक रहें।

अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

वरिष्ठ अधिकारी चक्रपाणि दत्त मिश्र की पुस्तक 'कमेंट्री ऑन इंडियन स्टाम्प एक्ट, 1899' का गौरवमयी विमोचन

फेमिनिस्‍ट औरतों को एक तख़्ती पर मर्दों के लिए यह भी लिखना चाहिए

रानी दुर्गावती जयंती 2026: स्वाभिमान के लिए सीने में घोंप ली थी कटार, जानें गोंडवाना की महान महारानी के अमर बलिदान की कहानी

कब मनाई जाती है गुरु नानक देव की पुण्यतिथि? जानें उनके प्रेरणादायी प्रसंग और अनमोल विचार

HPV वाले कैंसर से बचाने में कितना कारगर है टीका?

अगला लेख