dharma sangrah
✕

World Blood Donor Day 2024: विश्व रक्तदान दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

Written By WD Feature Desk
Updated: शुक्रवार, 14 जून 2024 (13:50 IST)
14 june vishv raktdan divas
 
Highlights 
 
विश्व रक्तदाता दिवस  हैं। 
14 जून को दिन किसके लिए जाना जाता है जानिए। 
क्यों मनाया जाता Blood Donor Day। 

Blood Donor Day Today : आज विश्व रक्तदान दिवस हैं। यह दिन प्रत्येक वर्ष 14 जून को मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हर साल यह 14 जून को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य रक्तदान को प्रोत्साहन देना एवं उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना है। चिकित्सा विज्ञान रक्तदान के संबंध में कहता है कि जिसे एचआईवी, हेपाटिटिस बी या हेपाटिटिस सी जैसी बीमारी न हुई हो, वह व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।
 
आपको बता दें कि 'विश्व रक्तदान दिवस' वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टाईन के जन्मदिन के दिन मनाया जाता है। कार्ल लैंडस्टाईन शरीर विज्ञान में नोबल पुरस्कार प्राप्त किया था तथा उन्हीं की याद में पूरे विश्व में यह दिवस मनाया जाता है। 
 
महान वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टाईन का जन्‍म 14 जून 1868 को हुआ था और उन्होंने मानव रक्‍त में उपस्थित एग्‍ल्‍युटिनि‍न की मौजूदगी के आधार पर रक्‍तकणों का ए, बी और ओ समूह में वर्गीकरण किया। इस वर्गीकरण ने चिकित्‍सा विज्ञान में महत्‍वपूर्ण योगदान दिया। 
 
इस महत्‍वपूर्ण खोज के लिए ही कार्ल लैंडस्‍टाईन को सन् 1930 में नोबल पुरस्कार दिया गया। तथा सन् 1997 में विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने सौ फीसदी स्वैच्छिक रक्तदान की शुरुआत की, जिसमें 124 प्रमुख देशों को शामिल कर सभी देशों से स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने की अपील की गई। 
 
इस पहल का मुख्य उद्देश्य था, कि किसी भी नागरिक को रक्त की आवश्यकता पड़ने पर उसे पैसे देकर रक्त न खरीदना पड़े और इसी उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए अब तक 49 देशों ने स्वैच्छिक रक्तदान की इस पहल को अपनाया है। 
 
चिकित्सा विज्ञान के अनुसार कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जिसकी उम्र 16 से 60 वर्ष के बीच हो, और जिसका वजन 45 किलो से अधिक हो वह रक्तदान कर सकता है।
 
 
 
 
हालांकि कई देशों में अब भी रक्तदान के लिए पैसों का लेनदेन होता है, जिसमें भारत भी शामिल है। लेकिन फिर भी रक्तदान को लेकर विभिन्न संस्थाओं व व्यक्तिगत स्तर पर उठाए गए कदम भारत में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने में कारगर साबित हुए हैं। 
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
 
ALSO READ: IVF और IUI में क्या है अंतर? जानिए कैसे तय करें कि आपको IVF करवाना चाहिए या IUI
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

वाणी साहित्य उत्सव का आगाज, पहले दिन युद्ध, स्त्री विमर्श और एआई के दौर में लेखन पर हुआ मंथन

वर्ल्ड स्ट्रोक डे: स्ट्रोक के लक्षण दिखते ही लें चिकित्सकीय सहायता, हर मिनट है कीमती

बौखलाए नेताओं की बेरहमी का ये सबसे निर्दयी उदाहरण है, 200 पेड़ों से हजारों परिंदों के आशियाने उजाड़कर मेट्रो चलाएंगे

करवा चौथ से पहले चेहरे पर कैसे लाएं नेचुरल ग्लो? घर पर अपनाएं ये आसान ब्यूटी टिप्स

विजय सिंह चौहान की आठ लघुकथाएं

अगला लेख