महाकुंभ के मौके पर अलौकिक देव डोलियों ने किया शाही स्नान

निष्ठा पांडे| Last Updated: रविवार, 25 अप्रैल 2021 (17:15 IST)
हरिद्वार। श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभायात्रा समिति की ओर से महाके के लिए रविवार की सुबह अलौकिक देव डोलियां कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के हरिद्वार स्थित प्रेमनगर आश्रम से सीसीआर होते हुए पुलिस की घुड़सवार टुकड़ी और ढोल-दमाऊ की मधुर धुनों के बीच शोभायात्रा के रूप में हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर शाही स्नान के लिए पहुंची।
हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पहुंचने पर पुलिस उप अधीक्षक, अखाड़ा प्रबोध घिल्डियाल आदि ने देव डोलियों पर पुष्प वर्षा की। यहां पर श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभा यात्रा समिति के अध्यक्ष मोहन सिंह गांववासी, हरिद्वार संयोजक महंत अनिल गिरि, सह संयोजक मुकेश जोशी की मौजूदगी में देव डोलियों की पारंपरिक व विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।

इसके बाद बद्रीविशाल, सुरकंडा देवी, मां धारीदेवी, घड़ियाल देवता आदि के जयकारे लगाते हुए देव डोलियों को भक्तों और आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने गंगा स्नान कराया। स्नान के अवसर पर श्री गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा ने भी ब्रह्मकुंड पर देव डोलियों का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

शाही स्नान करने के पश्चात देव डोलियां सीसीआर होते हुए पुलिस संचार बेस कैंप पहुंची। जहां पर देव डोलियों का भव्य स्वागत कार्यक्रम मेला प्रशासन और मेला पुलिस प्रशासन की ओर से आयोजित किया गया। मेलाधिकारी दीपक रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंभ जन्मेजय खंडूड़ी, महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद जी ने संचार बेस कैंप में देव डोलियों का माल्यार्पण और पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि पूर्व में हमारी इस कार्यक्रम को वृहद रूप में करने की योजना थी, जिसमें लगभग 250 देव डोलियों को प्रतिभाग करना था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते प्रतीकात्मक रूप में देव डोलियों के शाही स्नान की व्यवस्था कराई गई।

उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भविष्य में जब हम इस महामारी से उबर जाएंगे, तो इसे भव्य और दिव्य रूप से आयोजित कराने में वे स्वयं किसी न किसी रूप में सहभागिता करेंगे और हर सहयोग प्रदान करेंगे।

महामंडलेश्वर स्वामी वीरेंद्रानंदजी ने कहा कि भारत की धार्मिक विरासत बहुत समृद्ध और विश्वव्यापी है। इन परंपराओं को और मजबूती देकर पूरे विश्व में देव डोलियों की पताका को फहराने की जरूरत है।आयोजन समिति के अध्यक्ष पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी, अध्यक्ष झालीमाली देवी आश्रम, क्यूकालेश्वर पौड़ी गढ़वाल ने कहा कि देव डोलियों के शाही स्नान की परंपरा सनातन धर्म का प्रतीक है।

इसे लोक संस्कृति और धार्मिक आस्था को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित किया जाता है। कोविड महामारी के चलते इसे प्रतीकात्मक स्वरूप देकर शाही स्नान के लिए देव डोलियां हरिद्वार में आई हैं। भविष्य में कोविड की मुक्ति के पश्चात इसे और भव्य रूप प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने देव डोलियों के शाही स्नान के आयोजन में सहयोग के लिए कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी कुंभ संजय गुंज्याल, मेला प्रशासन, पुलिस प्रशासन सहित मीडिया की सकारात्मक भूमिका की सराहना की।

देव डोलियों के स्वागत कार्यक्रम का संचालन हरिद्वार संयोजक महंत श्री अनिल गिरि ने किया। इस अवसर पर उप मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, पुलिस उप अधीक्षक प्रकाश देवली, सेक्टर मजिस्ट्रेट योगेश सिंह मेहरा, संस्थापक विद्यादत्त रतूड़ी, मनोज रसिक, बंशीधर पोखरियाल, रमेश पैन्यूली, ज्योति सिंह सजवाण, संजय शास्त्री, स्वामी प्रकाशानंद जी, श्रीमती द्वारिका बिष्ट, श्रीमती रुक्मिणी, आशुतोष गिरि, मुकेश कोठियाल, देवेन्द्र दत्त कोठियाल, आदेश गिरि, भगवान सिंह रांगड़, डीएल गुसांईं, सुरवीर सिंह मटुड़ा सहित संबंधित अधिकारीगण, पदाधिकारीगण, श्रद्धालुगण मौजूद थे। स्वागत कार्यक्रम के बाद देव डोलियां अपने धाम को प्रस्थान कर गईं।

उल्लेखनीय है कि श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभा यात्रा समिति के तत्वावधान में देव डोलियां 24 अप्रैल शनिवार को ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट में स्नान करने के पश्चात शाम को कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के प्रेमनगर आश्रम पहुंची थीं, जहां पर कैबिनेट मंत्री ने देव डोलियों का स्वागत व पूजन किया था।



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