कुंभ के लिए जूना अखाड़े ने साथी अखाड़ों के साथ की पेशवाई और नगर प्रवेश की नई तिथि घोषित

निष्ठा पांडे| Last Updated: बुधवार, 17 फ़रवरी 2021 (09:38 IST)
हरिद्वार। जूना अखाड़े व उसके दो सहयोगी अखाड़ों आव्हान अखाड़ा तथा अग्नि अखाड़ा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने धर्म ध्वजा की स्थापना और कुंभ के लिए अखाड़े के साधुओं के नगर प्रवेश समेत की तिथियों की घोषणा कर दी है।

तीनों अखाड़ों की जूना अखाड़े में जूना अखाडे के अन्र्तराष्ट्रीय संरक्षक व अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि जी महाराज की अध्यक्षता में आव्हान अखाड़े के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत सत्य गिरि ,मंत्री श्रीमहंत राजेश गिरि, श्रीमहंत राजेन्द्र भारती, अग्नि अखाड़े के ब्रहमचारी साधनानंद, जूना अखाड़े के सभापति श्रीमहंत प्रेम गिरि महाराज उपाध्यक्ष श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती, सचिव श्रीमहंत मोहन भारती, श्रीमहंत महेशपुरी, श्रीमहंत शैलेन्द्र गिरि, गादी पति श्रीमहंत पृथ्वी गिरी, श्रीमहंत पूरण गिरि,थानापति नीलकंठ गिरि आदि ने गहन विचार-विमर्श के बाद तिथियों की घोषणा हुई।
केन्द्र व प्रदेश सरकार की गाईड लाइन व वैश्विक महामारी कोरोना को देखते हुए सभी कार्यक्रम निश्चित किए गए।
अखाड़े के संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि महाराज ने तिथियों की घोषणा करते हुए बताया कि अगामी 3 मार्च को जूना अखाड़ा परिसर में स्थित तीनों अखाड़ो जूना, आव्हान तथा अग्नि की दत्तात्रेय चरणपादुका के निकट सायं 4 बजे धर्मध्वजा, स्थापित की जायेगी।

4 मार्च को प्रातः लगभग 11बजे जूना अखाड़े तथा अग्नि अखाड़े की पेशवाई जुलूस नजीबावाद हरिद्वार रोड पर स्थित कांगड़ी ग्राम में श्री प्रेमगिरि आश्रम से प्रारम्भ होगा जो निर्धारित पेशवाई मार्ग से होता हुआ जूना अखाडे की छावनी में प्रवेश करेगा। 05मार्च को आव्हान अखाड़े की पेशवाई होगी जो कि श्रीमहंत पे्रमगिरि आश्रम कांगड़ी से पूर्व निर्धारित पेश्वाई मार्ग से होते हुए जूना अखाड़े छावनी प्रवेश करेगी।
तिथियों की घोषणा के पश्चात तीनों अखाड़ों के पदाधिकारी अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह के साथ पेश्वाई मार्ग का निरीक्षण करने कांगड़ी ग्राम पहुंचे। अखाड़ों के प्रतिनिधिमण्डल ने पूरे पेशवाई मार्ग का निरीक्षण किया। ये पेशवाई
मार्ग ग्राम कांगड़ी से प्रारम्भ होकर चण्डी चैक दुःखहरण हनुमान मन्दिर बिरला घाट,बाल्मीकि चैक,ललतौरो पुलस दत्तात्रेय चौक होते हुए श्रीआंनद भैरव घाट सेवा सदन मार्ग से जूना अखाडे की छावनी तक निर्धारित किया गया।
प्रतिनिधि मण्डल ने पुराने पेशवाई मार्ग जो कि पांडेवाला ज्वालापुर से प्रारम्भ होकर श्रद्धानंद चौक गुरूकुल कनखल, शंकराचार्य चौक, तुलसी
चौक, शिवमूर्ति चौक, बाल्मीकि चौक, दत्तात्रेय चौक होते हुए जूना अखाड़ा छावनी पहुंचता है, पर भी विचार विमर्श किया।

पुराने पेशवाई मार्ग पर फ्लाई ओवर बन जाने तथा हाइवे बन जाने से पेशवाई जुलूस निकालने में कुछ असुविधा व मुश्किलें आ रही है। इसलिए पेशवाई मार्ग का फाईनल रूट तय नही किया गया है। श्रीमहंत हरिगिरि महाराज ने बताया पेशवाई मार्ग के लिए अभी दोनों विकल्प रखे गए हैं और शीघ्र ही कोई एक रूट मेला प्रशासन तथा अखाड़ो की आपसी सहमति से तय कर लिया जायेगा।
उन्होने बताया मुगल शासन काल से ही पाण्डेवाला ज्वालापुर से अखाड़ों की पेशवाई निकाली जाती रही है। यह व्यवस्था औरगजेब के शासनकाल में प्रारम्भ हुई थी, तब जारी शाही फरमान के अनुसार पांडेवाला में साधुओं की जमातों के रहने, खाने-पीने व अन्य सुविधाओं की व्यवस्था मुस्लिम तीर्थ पिरान कलियर के इमाम व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जाती थी। वर्तमान में यह व्यवस्था लगभग समाप्त हो गई है।
अब सारी व्यवस्थाएं अखाड़ों द्वारा निजी स्तर पर कर ली जाती है। इसके अतिरिक्त आधुनिकता के दौर में नए निर्माण,पुल सड़क रेलवे लाईन आदि के चलते यातयात की समस्या भी पेशवाई मार्ग के आड़े आ रही है। इन्ही सभी बातों के चलते अभी दोनो पेशवाई मार्ग के विकल्प खुले रखे गए हैं तथा ऐसी व्यवस्था बनाए जाने का प्रयास किया जाएगा जो कि भविष्य में भी चलती रहे।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी जन्म अखाड़ा एक बार पहले अपने और अपने सहयोगी अखाड़ों के नगर प्रवेश और धर्मध्वजा स्थापित करने और पेशवाई को लेकर तिथि घोषित कर चूका था लेकिन प्रशासन कि तैयारियां पूरी न होने से उन तिथियों को स्थगित कर अब नई तिथियाँ घोषित की गई हैं।



और भी पढ़ें :