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हरिद्वार कुंभ मेला 2021
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कुंभ इतिहास
कैसे प्रारंभ हुई शाही स्नान की परंपरा
Tuesday,March 9, 2021
समुद्र मंथन से नहीं कुंभ कथा जुड़ी है गरुड़ और इंद्र युद्ध से?
प्रत्येक 12 वर्ष में ही क्यों आता है कुंभ?
नागा साधुओं की उत्पत्ति का इतिहास
हरिद्वार कुंभ मेला 2021 : साधुओं के दशनामी संप्रदाय की स्थापना कैसी हुई, जानिए इतिहास
हरिद्वार में इस बार पूर्णकुंभ है महाकुंभ नहीं, जानिए कुंभ के प्रकार
Monday, January 25, 2021
हरिद्वार कुंभ मेला 2021 : अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का इतिहास
Saturday, January 23, 2021
kumbh mela Haridwar 2021 : हरिद्वार कुंभ में संन्यासियों के बीच संघर्ष का इतिहास
Friday, January 22, 2021
कुंभ नगरी हरिद्वार का प्राचीन इतिहास
Friday, January 15, 2021
हरिद्वार कुंभ मेला, जानिए और किन नगरों में आयोजित होता है कुंभ मेला
Wednesday, January 13, 2021
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मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान
वृषभ राशि के मंगल का 24 जुलाई 2026 को रोहिणी नक्षत्र से मृगशिरा नक्षत्र में गोचर होगा, जहां वे 12 अगस्त तक रहेंगे। मंगल के इस नक्षत्र परिवर्तन के चलते 3 राशि के लोगों को 12 अगस्त तक रहना होगा सावधान। चलिए जानते हैं कि किन राशि 3 राशियों को रहना होगा सावधान।
Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म
देकार्त के जीवन का सबसे बड़ा ध्येय यह था कि दर्शनशास्त्र को भी गणित (Mathematics) की तरह सटीक, अकाट्य और संदेह से परे बनाया जाए। वे एक ऐसा सार्वभौमिक सत्य खोजना चाहते थे, जिस पर कोई भी प्रश्नचिह्न न लगा सके। इसी विचार ने बुद्धिवाद (Rationalism) की नींव रखी। आइए, देकार्त के इस अद्भुत दार्शनिक चिंतन के 4 प्रमुख स्तंभों को गहराई से समझते हैं।
मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव
वृषभ राशि के मंगल का 24 जुलाई 2026 को रोहिणी नक्षत्र से मृगशिरा नक्षत्र में गोचर होगा, जहां वे 12 अगस्त तक रहेंगे। ज्योतिष की दुनिया में एक बड़ा हलचल भरा मोड़ आ चुका है- बुध ग्रह अपनी ही प्रिय राशि मिथुन में सीधे (मार्गी) चलने लगे हैं। अब जब बुद्धि और संवाद का कारक ग्रह सीधी चाल चलेगा, तो जाहिर है आपकी सोच, बातचीत और फैसलों की रफ्तार भी बदल जाएगी।
Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?
Raksha Bandhan 2026: हिन्दू पंचांग के अनुसार, रक्षा बंधन का पर्व प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति में इसे मिठास और खुशियों का उत्सव माना गया है। यह भाई-बहन के प्रेम का पावन पर्व है। यहां जानें रक्षा बंधन 2026 कब है? जानें रक्षा बंधन 2026 की तारीख...
चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय
Chaturmas Astrology Remedies: हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार चातुर्मास यह चार महीनों का पवित्र काल भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने से प्रारंभ होकर देवउठनी एकादशी पर समाप्त होता है। यदि आप अपनी राशि के अनुसार चातुर्मास में कुछ विशेष उपाय करते हैं, तो जीवन में आ रही और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। यहां जानें 12 राशियों के लिए चातुर्मास के अचूक उपाय...
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Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 30 अगस्त 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय
30 August 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 30 अगस्त, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
सूर्य का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश: 31 अगस्त से 12 राशियों की चमकेगी किस्मत, देखें अपना राशिफल
31 अगस्त 2026 को ग्रहों के राजा सूर्य देव का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर होने जा रहा है। वैदिक ज्योतिष में पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी शुक्र देव हैं। सूर्य (तेज, नेतृत्व और सफलता) और शुक्र (वैभव, सुख और समृद्धि) के इस नक्षत्र का संयोग सभी 12 राशियों के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाला है। सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन जहाँ कुछ राशियों के लिए भाग्य के नए द्वार खोलेगा, वहीं कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।
जन्माष्टमी 2026: क्या आप जानते हैं कान्हा को कितने प्रकार के भोग लगते हैं? 5वें भोग के बिना अधूरी है पूजा
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान बाल गोपाल (कान्हा) को प्रसन्न करने के लिए मुख्य रूप से 56 प्रकार के भोग (छप्पन भोग) अर्पित किए जाते हैं। यदि 56 भोग बनाना संभव न हो, तो जन्माष्टमी की पूजा में 5 प्रमुख और अनिवार्य भोग जरूर चढ़ाए जाते हैं:
इस बार जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण का यह कौनसा जन्मोत्सव रहेगा?
प्रतिवर्ष हिंदू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण का जन्म दिवस मनाया जाता है। साल 2026 में जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वैदिक पंचांग की गणनाओं के अनुसार, द्वापर युग में श्रीकृष्ण का जन्म 3228 ईसा पूर्व (BCE) भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था।
सूर्य बदल रहे हैं अपना नक्षत्र: 31 अगस्त से इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें क्या है वजह
31 अगस्त 2026 को ग्रहों के राजा सूर्य देव का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर होने जा रहा है। वैदिक ज्योतिष में पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी शुक्र देव हैं। सूर्य (तेज, नेतृत्व और सफलता) और शुक्र (वैभव, सुख और समृद्धि) के इस नक्षत्र का संयोग कई राशियों के लिए भाग्य के नए द्वार खोलने वाला है। सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन से इन 5 राशियों को होगा बड़ा लाभ।
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