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हरिद्वार कुंभ मेला 2021
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कुंभ इतिहास
कैसे प्रारंभ हुई शाही स्नान की परंपरा
Tuesday,March 9, 2021
समुद्र मंथन से नहीं कुंभ कथा जुड़ी है गरुड़ और इंद्र युद्ध से?
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नागा साधुओं की उत्पत्ति का इतिहास
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देवशयनी एकादशी 2026: कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग, ये 5 उपाय जरूर करें
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इस बार यह तिथि 25 जुलाई 2026 को है। यदि आप भी अपने जीवन में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और कर्ज से मुक्ति चाहते हैं, तो इस शुभ संयोग में ये 5 विशेष उपाय जरूर करें।
सूर्य का शनि के पुष्य नक्षत्र में गोचर, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव
20 जुलाई 2026 को सूर्य देव पुनर्वसु नक्षत्र से निकलकर शनि के स्वामित्व वाले और नक्षत्रों के राजा माने जाने वाले पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। वे इस नक्षत्र में 3 अगस्त 2026 तक विराजमान रहेंगे। जब मान-सम्मान के कारक सूर्य इस कल्याणकारी नक्षत्र में आते हैं, तो यह सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आता है। आइए जानते हैं कि इसगोचर का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
सूर्य का कर्क राशि में गोचर, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल
16 जुलाई 2026 को ग्रहों के राजा सूर्यदेव कर्क राशि में गोचर करने जा रहे हैं। कर्क जल तत्व की राशि है और इसके स्वामी चंद्रमा हैं, जो सूर्य के परम मित्र माने जाते हैं। वैसे तो इस राशि में सूर्यदेव थोड़े शांत पड़ जाते हैं, लेकिन खास बात यह है कि इस समय कर्क राशि में देवगुरु बृहस्पति पहले से ही उच्च के होकर विराजमान हैं। ऐसे में सूर्य और गुरु की यह युति कुछ राशियों के लिए वरदान साबित होगी, तो कुछ को संभलकर रहने की चेतावनी देगी। आइए जानते हैं कि मेष से लेकर मीन राशि तक, इस गोचर का क्या प्रभाव पड़ने वाला है।
Chaturmas 2026: वर्ष 2026 में चातुर्मास कब से कब तक रहेगा?
Chaturmas 2026 in Hindi: इस बार 25 जुलाई 2026, शनिवार से चातुर्मास का प्रारंभ होगा। मान्यता के अनुसार, इसी दिन से भगवान विष्णु अगले 4 महीनों के लिए क्षीरसागर में योग निद्रा में चले जाते हैं। यहीं से 'चातुर्मास' की शुरुआत होती है, जिसके दौरान सभी तरह के मांगलिक कार्य थम जाते हैं और पूरा समय सिर्फ भक्ति और साधना के लिए समर्पित होता है।
हरतालिका तीज 2026 कब है? जानें व्रत की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व
वर्ष 2026 में अखंड सौभाग्य और मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए रखा जाने वाला हरतालिका तीज व्रत 14 सितंबर, सोमवार को मनाया जाएगा। इस वर्ष यह व्रत सोमवार के दिन पड़ रहा है, जिसे भगवान शिव का ही दिन माना जाता है; इसलिए इस बार के व्रत का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है। हरतालिका तीज का व्रत हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। वर्ष 2026 के लिए तिथि और पूजा के शुभ मुहूर्त की विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है।
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16 July Birthday: आपको 16 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!
16 July Happy Birthday: जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 16 को जन्मे व्यक्तियों के बारे में जानकारी...
Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 जुलाई 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय
16 July 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 16 जुलाई, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त...
सूर्य के दक्षिणायन होने का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व क्या है?
cycle of Uttarayan and Dakshinayan: सूर्य कर्क संक्रांति सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर माना जाता है। इस दिन से सूर्य के दक्षिणायन के आरंभ के कारण यह दिन आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है तथा दान, जप और तप से पुण्य फल मिलने की धार्मिक मान्यता है।
सूर्य का कर्क राशि में गोचर: कर्क संक्रांति से देश, दुनिया और आपके जीवन पर क्या होगा असर?
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव का एक राशि से दूसरी राशि में जाना 'संक्रांति' कहलाता है। इस बार बृहस्पतिवार, 16 जुलाई 2026 को सूर्य देव कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे 'कर्क संक्रांति' का महापर्व बेहद शुभ और दुर्लभ 'सिद्ध योग' में मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस विशेष योग में किए गए पूजा-पाठ और दान-पुण्य के कार्यों से जीवन में अपार सफलता और कल्याण की प्राप्ति होती है।
नवरात्रि और अंक ज्योतिष : क्या संख्या ‘9’ केवल एक अंक है या आत्मपरिवर्तन का सांस्कृतिक सूत्र?
Navratri n Numerology: यदि भारतीय परंपरा में किसी संख्या का सबसे व्यापक सांस्कृतिक प्रयोग हुआ है, तो वह संख्या 9 है। नवरात्रि के नौ दिन, नवदुर्गा, नवग्रह, नवरस, नवधा भक्ति, शरीर के नौ द्वार, नवनिधि और नौ प्रकार की साधनाएं सभी केवल धार्मिक प्रतीक नहीं हैं, बल्कि भारतीय चिंतन में पूर्णता...
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