biodatamaker
✕

गंगा सप्तमी का व्रत कब रखा जाएगा, जानें पूजा के शुभ मुहूर्त

देवी गंगा को समर्पित पर्व है गंगा सप्तमी

Written By WD Feature Desk
Updated: गुरुवार, 2 मई 2024 (15:09 IST)
HIGHLIGHTS
 
• गंगा सप्तमी कब है। 
• गंगा सप्तमी का पर्व कब मनाया जाएगा 2024 में। 
• गंगा पूजन के शुभ मुहूर्त जानें। 
 
Ganga Saptami: प्रतिवर्ष 'गंगा सप्तमी' का पावन पर्व वैशाख शुक्ल सप्तमी को मनाया जाता है, यह पर्व देवी गंगा को समर्पित है। इस दिन को गंगा जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन मां गंगा पूजन किया जाता है और गंगा पूजन से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश होकर मोक्ष प्राप्ति होती है। 
 
आइए जानते हैं मई 2024 में गंगा सप्तमी का पर्व कब मनाया जाएगा और इसके मुहूर्त क्या हैं? जानें इस लेख में- 
 
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2024 में गंगा सप्तमी या गंगा जयंती का पर्व 14 मई, दिन मंगलवार को पड़ रहा है। अत: इस दिन व्रत रखकर गंगा मैया का पूजन-अर्चन किया जाएगा। तथा गंगा दशहरा का त्योहार रविवार, 16 जून 2024 को मनाया जाएगा। 
 
गंगा सप्तमी पूजन मुहूर्त 2024 : 14 May, Tuesday Ganga Saptami
 
गंगा सप्तमी, मंगलवार, 14 मई 2024 को
 
वैशाख शुक्ल सप्तमी तिथि का प्रारंभ- 14 मई 2024 को सुबह 02 बजकर 50 मिनट से 
गंगा सप्तमी तिथि का समापन- 15 मई 2024, बुधवार को सुबह 04 बजकर 19 मिनट पर।
 
गंगा सप्तमी मध्याह्न मूहूर्त- सुबह 10 बजकर 56 मिनट से दोपहर 01 बजकर 39 मिनट तक।
अवधि- 02 घंटे 43 मिनट्स

मई 14, 2024, मंगलवार : दिन का चौघड़िया
 
चर- सुबह 08 बजकर 54 मिनट से सुबह 10 बजकर 36 मिनट तक। 
लाभ- सुबह 10 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक।
अमृत- दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 01 बजकर 59 मिनट तक।
शुभ- अपराह्न 03 बजकर 41 मिनट से शाम 05 बजकर 23 मिनट तक।
 
रात्रि का चौघड़िया
 
लाभ- रात 08 बजकर 23 मिनट से 09 बजकर 41 मिनट तक।
शुभ- रात्रि 10 बजकर 59 से 15 मई को सुबह 12 बजकर 17 मिनट तक।
अमृत- सुबह 12 बजकर 17 मिनट से 15 मई को सुबह 01 बजकर 36 मिनट तक। 
चर- सुबह 01 बजकर 36 मिनट से 15 मई को सुबह 02 बजकर 54 मिनट तक। 
 
आज का शुभ समय :
 
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 07 मिनट से सुबह 04 बजकर 49 मिनट तक। 
प्रातः सन्ध्या- सुबह 04 बजकर 28 मिनट से सुबह से 05 बजकर 31 मिनट तक। 
अभिजित मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक। 
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 33 मिनट से 03 बजकर 27 मिनट तक। 
गोधूलि मुहूर्त- सायं 07 बजकर 03 मिनट से 07 बजकर 24 मिनट तक। 
सायाह्न सन्ध्या- सायं 07 बजकर 04 मिनट से 08 बजकर 07 मिनट तक। 
अमृत काल- सुबह 06 बजकर 14 मिनट से 07 बजकर 57 मिनट तक। 
निशिता मुहूर्त- रात्रि 11 बजकर 56 मिनट से 15 मई को सुबह 12 बजकर 38 मिनट मिनट तक। 
सर्वार्थ सिद्धि योग- रात 01 बजकर 05 मिनट से 15 मई को सुबह 05 बजकर 30 मिनट तक। 
रवि योग- सुबह 05 बजकर 31 मिनट से दोपहर 01 बजकर 05 मिनट तक। 
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
 

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

Annual Numerology 2027 : मूलांक 2 के लिए खास रहेगा नया साल, जानें पूरे वर्ष का भविष्यफल

30 October Birthday: आपको 30 अक्‍टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज 30 अक्‍टूबर, 2026 का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्यफल

अंक भविष्यफल 2027 : मूलांक 1 वालों के लिए कैसा रहेगा नया साल? जानें करियर, धन और रिश्तों का हाल

धनतेरस पर क्या खरीदना माना जाता है शुभ? जानें 8 चीजों का धार्मिक महत्व

सभी देखें

01 नवंबर को महासंयोग: दिवाली से पहले रवि पुष्य योग, जानें खरीदारी का शुभ मुहूर्त और क्या खरीदना दिलाएगा धन-समृद्धि?

शुक्र का स्वयं की राशि में उदय, इन 7 राशियों को मिलेगा माता लक्ष्मी का आशीर्वाद, हो जाएंगे मालामाल

धनतेरस पर आखिर क्यों खरीदी जाती है झाड़ू? जानिए धार्मिक महत्व

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 30 अक्‍टूबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

धनतेरस पर क्यों होती है भगवान धन्वंतरि की पूजा? जानिए समुद्र मंथन की कथा

अगला लेख