suvichar
✕

इन 10 बातों से जानिए कैसे करें श्री गणेश को अपने धाम के लिए विदा, पढ़ें सही विधि

Updated: शुक्रवार, 21 सितम्बर 2018 (14:48 IST)
10 दिन श्री गणेश हमारे घर में विराजित रहे और अब उनकी विदाई होगी। 10 दिन तक हमने उन्हें प्रसन्न करने के हर प्रकार के जतन किए। उन्हें हर प्रकार का भोग लगाया। उनकी पूजन-अर्चन की। अब बारी है इस बात की कि हम उन्हें कैसी बिदाई देते हैं। परंपरानुसार कहा जाता है कि श्री गणेश प्रतिमा को उसी तरह बिदा किया जाना चाहिए जैसे हमारे घर का सबसे प्रिय व्यक्ति जब यात्रा पर निकले तब हम उनके साथ व्यवहार करते हैं। आइए जाने कैसे करें श्री गणेश को बिदा- 
 
* सबसे पहले 10 दिन तक की जाने वाली आरती-पूजन-अर्चन करें। 
 
* विशेष प्रसाद का भोग लगाएं। 
 
* अब श्री गणेश के पवित्र मंत्रों से उनका स्वस्तिवाचन करें। 
 
*  एक स्वच्छ पाटा लें। उसे गंगाजल या गौमूत्र से पवित्र करें। घर की स्त्री उस पर स्वास्तिक बनाएं। उस पर अक्षत रखें। इस पर एक पीला, गुलाबी या लाल सुसज्जित वस्त्र बिछाएं। 
 
* इस पर गुलाब की पंखुरियां बिखेरें। साथ में पाटे के चारों कोनों पर चार सुपारी रखें। 
 
* अब श्री गणेश को उनके जयघोष के साथ स्थापना वाले स्थान से उठाएं और इस पाटे पर विराजित करें। पाटे पर विराजित करने के उपरांत उनके साथ फल, फूल, वस्त्र, दक्षिणा, 5 मोदक रखें। 
 
* एक छोटी लकड़ी लें। उस पर चावल, गेहूं और पंच मेवा की पोटली बनाकर बांधें। यथाशक्ति दक्षिणा (‍सिक्के) रखें। मान्यता है कि मार्ग में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसलिए जैसे पुराने समय में घर से निकलते समय जो भी यात्रा के लिए तैयारी की जाती थी वैसी श्री गणेश के बिदा के समय की जानी चाहिए।
 
* नदी, तालाब या पोखर के किनारे विसर्जन से पूर्व कपूर की आरती पुन: संपन्न करें। श्री गणेश से खुशी-खुशी बिदाई की कामना करें और उनसे धन, सुख, शांति, समृद्धि के साथ मनचाहे आशीर्वाद मांगें। 10 दिन जाने-अनजाने में हुई गलती के लिए क्षमा प्रार्थना भी करें। 
 
* श्री गणेश प्रतिमा को फेंकें नहीं उन्हें पूरे आदर और सम्मान के साथ वस्त्र और समस्त सामग्री के साथ धीरे-धीरे बहाएं।
 
* श्री गणेश इको फ्रेंडली हैं तो पुण्य अधिक मिलेगा क्योंकि वे पूरी तरह से पानी में गलकर विलीन हो जाएंगे। आधे अधूरे और टूट-फूट के साथ रूकेगें नहीं।   

* अगर घर के गमले में गणेश जी की प्रतिमा विसर्जित करना है तो उन्हें एक स्वच्छ पात्र में रखकर पहले गला लीजिए फिर जब वे शीतल हो जाएं तब यह मिट्टी गमले में सुंदर फूलों के बीज के साथ शिफ्ट कर दीजिए। 


ALSO READ: घर पर अनंत चतुर्दशी व्रत करने की सरलतम विधि, इस मंत्र से बांधें अनंत की डोरी
लेखक के बारे में
स्मृति आदित्य

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

शारदीय नवरात्रि 2026: महाअष्टमी और महानवमी की तिथि, पूजा मुहूर्त एवं व्रत पारण

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में चतुर्थी के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्रद्ध

विजयादशमी 2026: कब है दशहरा, रावण दहन कब होगा?

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में तृतीया के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्राद्ध

अक्टूबर 2026 के ग्रह गोचर और नक्षत्र परिवर्तन सहित जानिए प्रमुख व्रत एवं त्योहार

अगला लेख