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Pushya nakshatra 2025: दिवाली से पहले खरीदारी के लिए पुष्‍य नक्षत्र का योग, जानिए 5 खास बातें

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 13 अक्टूबर 2025 (10:02 IST)
Pushya nakshatra 2025: अक्टूबर 2025 में पुष्य नक्षत्र 14 और 15 अक्टूबर के दरमियान रहेगा। यह नक्षत्र दिवाली से पहले खरीदारी और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिष में पुष्य नक्षत्र का स्थान अति महत्वपूर्ण है। हिन्दू धर्म में पुष्य नक्षत्र का विशेष धार्मिक महत्व है। इसे भगवान बृहस्पति का नक्षत्र माना जाता है, जो ज्ञान, धन, और शुभता के प्रतीक हैं। मान्यता है कि इस नक्षत्र के दौरान किए गए पूजा-अनुष्ठान का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस नक्षत्र के समय भगवान विष्णु, देवी लक्ष्मी, और भगवान शिव की पूजा अत्यंत शुभ मानी जाती है।
 
पुष्य नक्षत्र की अवधि:
प्रारंभ: 14 अक्टूबर 2025 (मंगलवार) को सुबह 11:54 बजे से।
समापन: 15 अक्टूबर 2025 (बुधवार) को दोपहर 12:00 बजे तक।
 
शुभ खरीदारी के लिए मुख्य मुहूर्त (पंचांग भेद संभव):
14 अक्टूबर (मंगलवार): दोपहर 11:54 बजे से लेकर पूरी रात तक।
15 अक्टूबर (बुधवार): सुबह 06:22 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।
 
जानिए 5 खास बातें
1. खरीदारी: यह समय सोना, चांदी, वाहन, संपत्ति और नए व्यापार की शुरुआत के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। सोने या संपत्ति की खरीदारी विशेष रूप से शुभ मानी जाती है। इस दिन धनतेरस और दिवाली की खरीदारी की जाती है।
 
2. नए कार्य: इस नक्षत्र के दौरान किए गए कार्य, चाहे वह व्यवसाय से जुड़े हों, या धार्मिक अनुष्ठान हों, वे सभी सफल और शुभ माने जाते हैं। 
 
3. पूजा पाठ: मान्यता है कि इस नक्षत्र के दौरान किए गए पूजा-अनुष्ठान का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस नक्षत्र के समय भगवान विष्णु, देवी लक्ष्मी, और भगवान शिव की पूजा अत्यंत शुभ मानी जाती है। पुष्य नक्षत्र में साधना और पूजा-पाठ करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति मिलती है।
 
4. धन और समृद्धि: पुष्य नक्षत्र में किए गए धन से जुड़े कार्य फलदायक माने जाते हैं।
 
5. शारीरिक और मानसिक शक्ति: इस नक्षत्र के प्रभाव से व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से शक्ति मिलती है। इस समय में ध्यान और योग करने से अत्यधिक लाभ होता है।
 

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WD Feature Desk
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