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Written By WD Feature Desk
Last Updated : शनिवार, 18 अक्टूबर 2025 (16:27 IST)

Narak chaturdashi 2025: नरक चतुर्दशी की पूजा के शुभ मुहूर्त और रूप चौदस स्नान का समय

narak chaturdashi 2025 mein kab hai
Narak chaturdashi 2025: जैसा कि पहले भी बताया जाता रहा है कि हिंदू सनातन धर्म में जो त्योहार रात में मनाए जाते हैं उनकी तिथि रात में जानकार मनाते हैं। उनका उदयातिथि से कोई मतलब नहीं रहता है परंतु जो पर्व दिन में मनाए जाते हैं उनका विचार उदयातिथि अनुसार किया जाता है। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी रहती है। नरक चतुर्दशी की पूजा रात में होती है और रूप चौदस का अभ्यंग स्नान प्रात: काल उसी चतुर्दशी तिथि में रहता है। 
 
नरक चतुर्दशी कब है 19 या 20 अक्टूबर 2025?
वर्ष 2025 में 2025 में नरक चतुर्दशी (जिसे रूप चौदस भी कहा जाता है) 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी। हालांकि, रूप चौदस का स्नान (अभ्यंग स्नान) अगले दिन, यानी 20 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय से पहले किया जाएगा। ऐसा इसलिए कि चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 19 अक्टूबर 2025 को दोपहर में हो रहा है। इस मान से 19 और 20 अक्टूबर दोनों ही दिन नरक चतुर्दशी रहेगी। 20 अक्टूबर 2025 की रात को लक्ष्मी पूजा होगी, यानि दिवाली का त्योहार भी रहेगा।
 
तिथि और मुहूर्त का विवरण:-
चतुर्दशी तिथि की शुरुआत: 19 अक्टूबर 2025 को दोपहर 01:51 बजे।
चतुर्दशी तिथि का समापन: 20 अक्टूबर 2025 को दोपहर 03:44 बजे।
नोट: स्थानीय समयानुसार तिथि के प्रारंभ और अंत के समय में 2 से 5 मिनट की घट-बढ़ रह सकती है।
 
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) की तिथि: 
यह मुख्य रूप से 19 अक्टूबर 2025, रविवार को मनाई जाएगी, क्योंकि इस दिन रात में पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दिन हनुमान जयंती, दीपदान और काली पूजा होगी। कार्तिक माह के कृष्‍ण पक्ष की चतुर्दशी को छोटी दिवाली मनाते हैं। इस दिन श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध करने के बाद 16 हजार महिलाओं को उसकी कैद से मुक्त कराकर देवलोक को भी आजाद करा दिया था। इसी की खुशी में सभी ओर दीपक जलाकर उत्सव मनाया जाता है। इसी दिन श्रीकृष्‍ण, हनुमानजी और यमदेव की पूजा करते हैं।
 
19 अक्टूबर नरक चतुर्दशी का शुभ मुहूर्त:
विजय मुहूर्त: अपराह्न 02:07 से 02:53 तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:58 से 06:23 तक।
 
20 अक्टूबर रूप चौदस (अभ्यंग स्नान) का मुहूर्त:
नरक चतुर्दशी का अभ्यंग स्नान तब होता है जब तिथि के समय सूर्योदय हो रहा हो। इसलिए उदयातिथि के अनुसार इसका स्नान 20 अक्टूबर को होगा।
अभ्यंग स्नान 20 अक्टूबर 2025, सोमवार को सूर्योदय से पहले होगा।
शुभ मुहूर्त: प्रात: 05:13 से 06:25 तक (लगभग 1 घंटा 12 मिनट की अवधि)।

अन्य शुभ योग:
अमृतसिद्धि योग- 19 अक्टूबर को शाम को 05:49 से लेकर 20 अक्टूबर को सुबह 06:29 तक अमृतसिद्धि योग रहेगा। इस योग में नरक चतुर्दशी का अभ्यंग स्नान कर सकते हैं।
 
सर्वार्थसिद्धि योग- 19 अक्टूबर को शाम को 05:49 से लेकर 20 अक्टूबर को सुबह 06:29 तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। यह योग सभी कार्यों को सिद्ध करने और मनोकामनाओं को पूरा करने वाला माना जाता है। इस योग में की गई पूजा, खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत बहुत शुभ होती है।
 
 
अभ्यंग स्नान का महत्व: प्रात: जल्दी उठकर अभ्यंग स्नान करने से सौंदर्य और ऐश्‍वर्य की प्राप्ति होती है। इस‍ दिन को रूप चौदस भी कहते हैं। इस दिन प्रातःकाल में सूर्योदय से पूर्व उबटन लगाकर नीम, चिचड़ी जैसे कड़ुवे पत्ते डाले गए जल से स्नान का अत्यधिक महत्व है। उक्त कार्य नहीं कर सकते हैं तो मात्र चंदन का लेप लगाकर सूख जाने के बाद तिल एवं तेल से स्नान किया जाता है। प्रात: स्नान के बाद सूर्यदेव को अर्ध्य दिया जाता है।

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