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दीपावली के दिन कैसे, कब और किस समय करें मां लक्ष्मी का पूजन, यहां पढ़ें दीपावली के शुभ और मंगलमयी पूजन मुहूर्त

Updated: मंगलवार, 6 नवंबर 2018 (12:25 IST)
महालक्ष्मी पूजन स्थिर लग्न में अति उत्तम रहता है। इससे स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।  वृष, सिंह, वृश्चिक व कुंभ स्थिर लग्न होती है। इस वर्ष के स्थिर लग्न मुहूर्त निम्न है-
 
स्थिर लग्नानुसार-
प्रात:काल- 7:39 से 9:56 तक (वृश्चिक लग्न)
अपरान्ह- 1:46 से 3:17 तक (कुंभ लग्न)
सायंकाल- 6:21 से 8:17 तक (वृष लग्न)
 
चौघड़िया अनुसार-
सायंकाल- 4:30 से 6:00 बजे तक (लाभ)
सायंकाल- 7:30 से 9:00 बजे तक (शुभ)
रात्रि- 9:00 बजे से 10:30 तक (अमृत)
 
क्या करें-
 
स्नान-प्रातःकाल
देवपूजन-स्नान के उपरांत
पितर पूजन-दोपहर
ब्राह्मण भोजन-दोपहर
महालक्ष्मी पूजन-प्रदोषकाल में
दीपदान-प्रदोषकाल में
मशाल दर्शन-सायंकाल
दीपमाला प्रज्जवलन-सायंकाल
 
पूजन सामग्री-
 
रोली,
मौली,
पान,
सुपारी,
अक्षत,
धूप,
घी का दीपक,
तेल का दीपक,
खील,
बतासे,
श्रीयंत्र,
शंख(दक्षिणावर्ती हो तो अतिउत्तम),
घंटी,
चंदन,
जलपात्र,
कलश,
लक्ष्मी-गणेश-सरस्वती जी का चित्र या विग्रह)
पंचामृत,
गंगाजल,
सिंदूर,
नैवेद्य,
इत्र,
जनेऊ,
श्वेतार्क पुष्प,
कमल का पुष्प,
वस्त्र,
कुंकुंम,
पुष्पमाला,
फल,
कर्पूर,
नारियल,
इलायची,
दूर्वा।
 
बाईं ओर रखें- जलपात्र,घंटी,धूप,तेल का दीपक।
 
दाईं ओर रखें- घी का दीपक,जल से भरा शंख,

सामने रखें- चंदन,रोली,पुष्प,अक्षत व नैवेद्य।
 
तत्पश्चात विधिवत् पूजन करें।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
 
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लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें

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