144 वनडे खेलने वाले पाकिस्तान के कप्तान सरफराज अहमद के भविष्य पर संकट?

Last Updated: सोमवार, 8 जुलाई 2019 (22:09 IST)
कराची। इंग्लैंड में चल रहे आईसीसी विश्व कप से बाहर होने के बाद पाकिस्तान टीम स्वदेश लौट आई है। वतन लौटते ही 144 वनडे खेलने वाले ने कहा कि मेरी कप्तानी जारी रहेगी या नहीं, इसका फैसला पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को करना है।
स्वदेश लौटने के बाद सरफराज ने कहा कि मैं यह नहीं कह रहा हूं कि मैं कप्तानी नहीं छोड़ूंगा। मेरे कहने का मतलब है कि मुझे कप्तान बनाने का निर्णय पीसीबी ने लिया था और मुझे हटाने का फैसला भी उनके हाथ में ही है। मुझे उम्मीद है कि टीम के लिए जो अच्छा होगा, वे वही फैसला लेंगे।

विश्व कप में पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और उसे अपने पहले मैच में ही वेस्टइंडीज के हाथों बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि अंत में उसने वापसी की कोशिश और न्यूजीलैंड के बराबर ही 11 अंक लेने में सफल रही। नेट रनरेट के मामले में न्यूजीलैंड से पिछड़ने के कारण पाकिस्तान का अभियान समाप्त हो गया।
सरफराज ने कहा कि हमने टूर्नामेंट के पहले मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन नहीं किया लेकिन टीम ने मेजबान इंग्लैंड को हराया, जो इस विश्व कप की प्रबल दावेदार में से एक है। श्रीलंका के खिलाफ बारिश के कारण मैच धुलने के बाद हमारे अगले मुकाबले का फासला काफी लंबा था जिसके कारण टीम अपनी लय बरकरार नहीं रख सकी और ऑस्ट्रेलिया तथा के खिलाफ हमें हार का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि टीम जब भी खराब प्रदर्शन करती है तो उसे आलोचना का सामना करना पड़ता है। भारत के खिलाफ मैच के बाद ऐसा माहौल हुआ जिससे खिलाड़ी काफी व्यथित हो गए। हमारे लिए इस दौर से उबर पाना काफी मुश्किलभरा था, हालांकि कुछ पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने वहां हमारा समर्थन किया।

सरफराज ने कहा कि इस हार के बाद मैंने सभी 15 खिलाड़ियों के साथ बैठक की और टीम की गलतियों के बारे में उनसे चर्चा की। इसके बाद टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और अच्छी वापसी की तथा अपने 4 मुकाबले जीते।
भारत के खिलाफ हार के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक पाकिस्तानी समर्थक सरफराज को अपशब्द कह रहा था लेकिन उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया था। सरफराज के इस कदम की काफी सराहना की गई थी।

सरफराज ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि उस समय सिर्फ मैं ही नहीं था जिससे प्रशंसक नाराज थे बल्कि कई अन्य खिलाड़ियों को भी इसका सामना करना पड़ा था। खिलाड़ियों को मॉल और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर निशाना बनाया जा रहा था। हालांकि टीम के किसी खिलाड़ी ने प्रशंसकों की इस हरकत का जवाब नहीं दिया लेकिन हमने टीम मैनेजमेंट से इस बारे में शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने कहा कि नेट रनरेट के कारण सेमीफाइनल में क्वालीफाई नहीं कर पाना दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन मैं टीम के सभी खिलाड़ियों से खुश हूं। मैं कोचिंग स्टाफ को भी धन्यवाद देना चाहता हूं। वे पर्दे के पीछे रहकर टीम के लिए बड़ी भूमिका अदा करते हैं। मैं कोच मिकी आर्थर को विशेष तौर से धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने मुश्किल समय में टीम का बखूबी साथ निभाया।

टूर्नामेंट के बीच में ऐसी अफवाह उड़ी थी कि पाकिस्तान के खिलाड़ी और टीम मैनेजमेंट के बीच चयन को लेकर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है और इसी कारण मुख्य चयनकर्ता इंजमाम उल हक टीम के साथ जुड़े हैं। हालांकि सरफराज ने इन बातों का खंडन करते हुए कहा था कि टीम चयन को लेकर किसी भी तरह का मतभेद नहीं है।
सरफराज ने कहा कि टीम के सभी सदस्य हमारे ही हैं। टूर्नामेंट के पहले 5 मुकाबले के लिए टीम मैंने, इंजमाम भाई और आर्थर ने चुनी थी। लेकिन जब आप हार जाते हो तो ड्रेसिंग रूम की कई बात बाहर लीक हो जाती है। हमें जो खिलाड़ी टीम में चाहिए थे, वे वहां मौजूद थे। यह मेरी टीम है और इस पर मेरा पूरा अधिकार है। (वार्ता)



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