आखिर सीएम केजरीवाल क्यों बोले- UP महाराष्ट्र से, महाराष्ट्र ओडिशा से, ओडिशा दिल्ली से लड़ रहा है?

पुनः संशोधित शुक्रवार, 14 मई 2021 (00:14 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कहा कि कोरोनावायरस (Coronavirus) कोविड के टीकों के लिए राज्यों के, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक-दूसरे से झगड़ने और प्रतियोगिता करने से भारत की छवि खराब होती है। उन्होंने दिल्ली और कई अन्य राज्यों में टीकों की खुराकों की कमी की पृष्ठभूमि में कहा कि केंद्र को राज्यों की तरफ से टीकों की खरीद करनी चाहिए।
आम आदमी पार्टी (आप) अध्यक्ष ने एक ट्वीट में कहा, भारतीय राज्यों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक-दूसरे से प्रतियोगिता करने/ लड़ने के लिए छोड़ दिया गया है। उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र से, महाराष्ट्र ओडिशा से, ओडिशा दिल्ली से लड़ रहा है। भारत कहां है? भारत की कितनी खराब छवि बनती है। भारत को एक देश के तौर पर सभी भारतीय राज्यों की तरफ से टीकों की खरीद करनी चाहिए।

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि भारत द्वारा टीका उत्पादन कर रहे देशों का रुख करने से अधिक सौदेबाजी की शक्ति मिलेगी बजाय राज्यों द्वारा व्यक्तिगत रूप से ऐेसा करने के। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के पास ऐसे देशों के साथ मोल-भाव करने के लिए अधिक कूटनीतिक संभावना है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इससे पहले कहा था कि दिल्ली टीकों के लिए वैश्विक निविदा निकालेगी, जबकि भाजपा नीत केंद्र पर राज्यों को ऐसा करने पर मजबूर करने का आरोप लगाया था। कोवैक्सीन का भंडार खत्म होने के बाद दिल्ली में करीब 100 टीकाकरण केंद्रों को बंद कर दिया गया है।

ने किया सीरम इंस्टीट्यूट से कोविशील्ड टीका प्रदान करने का आग्रह : भारत बायोटेक द्वारा यह कहे जाने के बाद कि वह दिल्ली को फिलहाल कोवैक्सीन की और अधिक खुराकों की आपूर्ति नहीं कर सकता है, दिल्ली सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) से मदद के लिए आगे आने और कोविशील्ड टीका प्रदान करने का आग्रह किया।

सरकार ने कहा कि उसके पास 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों के लिए कोविशील्ड का सीमित भंडार है, जो कि एक सप्ताह में खत्म हो जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इसको लेकर, एसआईआई ने कहा कि वे देशभर में टीके की जरूरतों को पूरा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

एसआईआई को लिखे पत्र में, दिल्ली सरकार की परिवार कल्याण निदेशक डॉ. मोनिका राणा ने कहा, हम समयबद्ध तरीके से पर्याप्त मात्रा में टीका उपलब्ध कराने के लिए आपके सहयोग पर भरोसा करते हैं।उन्होंने कहा, दिल्ली के पास 18 से 44 साल तक लोगों के लिए कोविशील्ड टीके का सीमित भंडार है जो एक सप्ताह में खत्म हो जाएगा और टीकाकरण नहीं होने के कारण टीकाकरण केंद्रों को बंद करना पड़ेगा।

पत्र में कहा गया, ऐसा न हो, इसके लिए आपसे अनुरोध है कि आप हमें बचाने के लिए आएं और तुरंत अधिक टीके प्रदान करें।डॉ राणा ने कहा कि दिल्ली एक अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है और सभी पात्र लाभार्थियों के समय पर टीकाकरण से महामारी को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
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आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने उनके पत्र के जवाब में कहा, हम आपकी चिंता को पूरी तरह से समझते हैं और महामारी के दौरान दिल्ली और देशभर की टीका जरुरतों को पूरा करने के हमारे सर्वोत्तम प्रयासों का एक बार फिर से आपको आश्वासन देते हैं।
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सिंह ने अपने पत्र में कहा, हमारे सीईओ, अदार सी पूनावाला के नेतृत्व में कंपनी कोविशील्ड का उत्पादन करने के लिए अथक प्रयास कर रही है और आने वाले दो-तीन महीनों में उत्पादन को अपनी अधिकतम क्षमता तक बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि हमारे देश में कोविड-19 टीके की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
उन्होंने कहा,हम भारत सरकार, राज्य सरकारों, केंद्रशासित प्रदेशों और निजी अस्पतालों की टीका संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं और इस संबंध में भारत सरकार के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।

मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टीके की कमी को लेकर पत्र लिखा और कहा कि केंद्र को देश में टीके का उत्पादन बढ़ाने के लिए अन्य सक्षम दवा कंपनियों के साथ दो टीका निर्माताओं के टीके के फार्मूले को साझा करना चाहिए।(भाषा)



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