केरल, आंध्रप्रदेश, चंडीगढ़ में वायरस के ओमिक्रॉन स्वरूप का एक-एक मामला, अब तक ऐसे 38 मरीज

Last Updated: रविवार, 12 दिसंबर 2021 (22:17 IST)
हमें फॉलो करें
चंडीगढ़/बेंगलुरु/तिरुवनंतपुरम। केरल, आंध्रप्रदेश और चंडीगढ़ में रविवार को कोरोना वायरस के नए स्वरूप के एक-एक मामले की पुष्टि हुई है। तीनों जगहों पर वायरस के इस नए स्वरूप का पहला मामला सामने आया है।


इसके अलावा, महाराष्ट्र और कर्नाटक में ओमिक्रॉन का एक-एक और मरीज मिलने के बाद देश में ऐसे मामलों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है। रविवार को दर्ज किए गए सभी मामलों में मरीजों ने विदेश यात्रा की थी। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने रविवार को कहा कि राज्य में कोविड-19 के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के पहले मामले की पुष्टि हुई है।

मंत्री ने फेसबुक पेज पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि मरीज केरल का निवासी है, जो हाल में ब्रिटेन से लौटा है। उन्होंने बताया कि मरीज की हालत स्थिर है और घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार संक्रमण के नए स्वरूप को फैलने से रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।
बाद में मंत्री ने एक बयान में कहा कि मरीज की पत्नी और उसकी सास भी संक्रमित पायी गई हैं, जिनका उपचार जारी है। उन्होंने कहा कि तीनों मरीजों की हालत स्थिर है।

बयान के मुताबिक, एर्नाकुलम निवासी मरीज छह दिसंबर को अबु धाबी होते हुए अपनी पत्नी के साथ कोच्चि पहुंचा था। शुरुआत में दोनों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आयी थी जबकि अगले दिन से लक्षण दिखने के बाद जब दोबारा जांच की गई तो संक्रमण की पुष्टि हुई। बयान के मुताबिक, बाद में नमूने जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजे गए, जिनमें व्यक्ति के वायरस के ओमिक्रॉन स्वरूप से संक्रमित होने की पुष्टि हुई।
वहीं, विदेश से अपने रिश्तेदारों से मिलने चंडीगढ़ पहुंचे 20 वर्षीय एक युवक के कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन स्वरूप से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। चंडीगढ़ के स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉक्टर सुमन सिंह ने फोन पर पीटीआई-भाषा को बताया कि वह इटली में रह रहा था। हाल में वह अपने रिश्तेदारों से मिलने यहां आया था। जीनोम अनुक्रमण की उसकी रिपोर्ट 11 दिसंबर को देर रात मिली और इसमें ओमिक्रॉन स्वरूप से संक्रमित होने की पुष्टि हुई।
युवक ने टीके की खुराक ले रखी है और वह फिलहाल सांस्थानिक पृथकवास में है। एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि व्यक्ति 22 नवंबर को भारत आया था। वह चंडीगढ़ में अपने रिश्तेदारों से मिलने आया था और पृथकवास में था तथा 1 दिसंबर को दोबारा जांच में संक्रमित पाया गया।

बयान में बताया गया कि इसके बाद उसे सांस्थानिक पृथकवास में भेज दिया गया और उसके नमूने को जीनोम अनुक्रमण के लिए नई दिल्ली भेजा गया। उच्च जोखिम का सामना कर रहे उसके परिवार के सात सदस्यों को भी पृथकवास में भेजा गया है। उनमें से किसी में भी संक्रमण की पुष्ट नहीं हुई। ऐसा बताया गया कि व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण नहीं थे।
वहीं, आंध्र प्रदेश में आयरलैंड से पहुंचे 34 वर्षीय एक विदेशी यात्री में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। यह व्यक्ति पहले मुंबई पहुंचा था और कोविड-19 जांच में उसके संक्रमित होने की पुष्टि नहीं हुई थी। इसके बाद 27 नवंबर को उसे विशाखापत्तनम जाने की अनुमति मिल गई।

लोक स्वास्थ्य निदेशक ने कहा कि विजयनगरम में दूसरी बार आरटी-पीसीआर जांच में उसके संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद उसके नमूने को जीनोम अनुक्रमण के लिए हैदराबाद स्थित कोशिकीय एवं आणविक जीवविज्ञान केंद्र (सीसीएमबी) भेजा गया और इसके जांच परिणाम में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई।

निदेशक ने कहा कि हालांकि व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण नहीं थे और 11 दिसंबर को फिर से जांच में उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। उन्होंने कहा कि राज्य में ओमिक्रॉन का और मामला नहीं है। इस बीच, कर्नाटक में रविवार को ओमिक्रॉन के तीसरे मामले की पुष्टि हुई। यह व्यक्ति दक्षिण अफ्रीका से आया था और कोरोना वायरस से संक्रमित था।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के सुधाकर ने ट्वीट किया कि कर्नाटक में ओमिक्रॉन स्वरूप से संक्रमण के तीसरे मामले का पता चला है। दक्षिण अफ्रीका से लौटा 34 वर्षीय व्यक्ति संक्रमित पाया गया है। उसे पृथक कर सरकारी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। उसके प्राथमिक संपर्क में पांच लोगों के और द्वितीयक संपर्क में 15 लोगों के आने की जानकारी मिली है, जिनके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
उधर, महाराष्ट्र में एक दक्षिण अफ्रीकी देश से नागपुर लौटे 40 वर्षीय व्यक्ति में वायरस के ओमिक्रॉन स्वरूप की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही राज्य में अब तक इस स्वरूप के 18 मामले सामने आ चुके हैं। नागपुर नगर निगम (एनएमसी) के आयुक्त राधाकृष्णन बी. ने ‘पीटीआई से कहा कि स्थानीय निवासी यह व्यक्ति करीब आठ दिन पहले पश्चिम अफ्रीका से लौटा था। यहां पहुंचने पर वह कोविड-19 से पीड़ित पाया गया।
इसके बाद उसे नगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसके नमूने को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया। आज आई रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई कि वह ओमिक्रॉन स्वरूप से पीड़ित है। उन्होंने कहा कि लेकिन उसके संपर्क में आए लोग संक्रमित नहीं पाए गए हैं। आयुक्त ने कहा कि रोगी की हालत स्थिर है और ‘हम उस पर नजर बनाए हुए हैं।



और भी पढ़ें :