biodatamaker
✕

सरकार का स्पष्टीकरण, मृत्यु पंजीकरण की मजबूत व्यवस्था, मौत का पता न चलने की गुंजाइश नहीं

Updated: गुरुवार, 22 जुलाई 2021 (15:55 IST)
मुख्य बिंदु
नई दिल्ली। सरकार ने गुरुवार को उन खबरों का खंडन किया जिसमें आरोप लगाया गया है कि भारत में कोविड-19 से मरने वाले लोगों की गणना काफी कम की गई है और उसने कहा कि खबरों में यह माना गया है कि सभी अतिरिक्त मौतें कोविड-19 की वजह से हुईं, जो तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और पूरी तरह गलत है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में मजबूत और कानून पर आधारित मौत पंजीकरण व्यवस्था को देखते हुए संक्रामक रोग और उसके प्रबंधन के सिद्धांतों के अनुसार ऐसा हो सकता है कि कुछ मामलों का पता न चले लेकिन मौतों का पता न चलने की गुंजाइश नहीं है।

ALSO READ: भाजपा एमएलसी का दावा, पालघर में कोविड 19 रोगियों को कीड़ा लगा भोजन परोसा जा रहा
 
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि हाल में मीडिया में कुछ खबरें आईं जिनमें आरोप लगाया गया कि भारत में महामारी के दौरान अतिरिक्त मौतों की संख्या लाखों में हो सकती है और इसमें कोविड-19 की आधिकारिक मृतक संख्या को बहुत कम बताया गया। इन खबरों में हाल के कुछ अध्ययनों का हवाला देते हुए भारत में सीरो-संक्रमण दर के आधार पर अतिरिक्त मौतों की गणना करने के लिए अमेरिका तथा यूरोपीय देशों के उम्र संबंधी संक्रमण दरों का इस्तेमाल किया गया है।
 
बयान में कहा गया है कि खबरों में यह माना गया है कि सभी अतिरिक्त मौतें कोविड-19 से हुई मौतें हैं, जो तथ्यों पर आधारित नहीं है और पूरी तरह गलत है। 'अतिरिक्त मृत्यु' ऐसा शब्द है, जो सभी वजहों से होने वाली मौतों के आंकड़े को बताता है और इन मौतों को कोरोनावायरस की वजह से बताना पूरी तरह गुमराह करना है।

ALSO READ: कोविड की दूसरी लहर के दौरान केंद्र के गलत फैसलों के कारण 50 लाख भारतीयों की मौत हुई : राहुल गांधी
 
सरकार ने कहा कि भारत की संक्रमण का पता लगाने की व्यापक रणनीति है। इसके अलावा देश में 2,700 से अधिक जांच प्रयोगशालाएं हैं, जहां कोई भी जांच करा सकता है। इसके साथ ही लक्षणों और चिकित्सा देखभाल के बारे में जागरूकता अभियान चलाए गए जिससे यह सुनिश्चित हो कि लोग जरूरत के वक्त अस्पतालों तक पहुंच सकें। भारत में मजबूत और कानून पर आधारित मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था होने के कारण मौतों का पता न चलने की संभावना नहीं है।

ALSO READ: दक्षिण एशिया में वायरस प्रकोप ने लिया विकराल रूप, मृत्यु दर नहीं ले रही थमने का नाम
 
उसने कहा कि मृत्युदर के मामले में यह देखा जा सकता है, जो 31 दिसंबर 2020 को 1.45 प्रतिशत थी और अप्रैल-मई 2021 में दूसरी लहर में संक्रमण के मामले अप्रत्याशित रूप से बढ़ने के बाद भी मृत्युदर आज 1.34 प्रतिशत है।

राज्यसभा में दिए बयान में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कोविड-19 से होने वाली मौतों को छिपाने के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि केंद्र सरकार केवल राज्य सरकारों द्वारा भेजे गए आंकड़ों का संग्रह और उन्हें प्रकाशित करती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को दिशा निर्देशों के अनुसार मृतकों की संख्या दर्ज करने की सलाह देता रहा है। (भाषा)

Show comments

असम में पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा आरक्षण, कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला, Green Cess पर क्‍या बोले CM हिमंत?

GST में हो सकता है बड़ा बदलाव, क्‍या गिरफ्तारी पर लगेगी रोक? कब होगी Council की अहम बैठक?

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान, बताया बंगाल में कब लागू होगा UCC

Rajya Sabha Election: बीजेपी ने चली बड़ी सियासी चाल, बंगाल और उत्तराखंड के लिए इन चेहरों पर लगाया दांव

'आतंकियों के लिए आंसू, पर देश के हीरो पर चुप्पी क्यों?' कैप्टन स्मित की बहादुरी पर सुधांशु त्रिवेदी का गांधी परिवार पर तंज

सभी देखें

असम में पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा आरक्षण, कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला, Green Cess पर क्‍या बोले CM हिमंत?

मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर लखनऊ के बाढ़ प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर राहत अभियान, डीएम ने संभाली कमान

'संत रविदास नगर भदोही' से दलित-राजभर दोनों को संदेश, मुख्यमंत्री योगी ने एक नाम में जोड़ी 2 विरासत

CEC के खिलाफ दिल्ली में AAP का मार्च, सौरभ भारद्वाज हिरासत में, वायरल वीडियो पर भड़के केजरीवाल

इंडिया कारपेट एक्सपो : उत्तर प्रदेश का निर्यात 10 वर्ष में ढाई गुना बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा

अगला लेख