कोरोना के बारे में 25 सवाल जो संक्रमण से बचाएंगे और आपका नॉलेज बढ़ाएंगे
- पिछ्ले कई महीनों से एक शब्द हम सबके कानों में ज़हर घोल रहा है...मन में भय को बो रहा है और वह है कोरोना....इस से जुडी कई तरह की जानकारियां चल रही है... आइए जानते हैं कि कोरोना से सम्बंधित क्या भय, जिज्ञासा और चिंता लोगों के मन में हैं जो सवालों के रूप में सामने आ रही हैं....
सबसे ज्यादा खोजे जा रहे हैं कोरोना से संबंधित ये 25 सवाल, यहाँ जानिए जवाब
COVID-19 पीड़ित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। अगर कोई COVID-19 पीड़ित व्यक्ति खांसता है या सांस छोड़ता है तो उसके नाक या मुंह से निकली छोटी बूंदें आसपास की वस्तुओं और सतहों पर उतरती हैं। जब लोग इन वस्तुओं या सतहों को छूते हैं और उसके बाद अपने आंख, नाक या मुंह को छू लेते हैं तो यह सक्रमण उनमें भी फैल सकता है।
यह साफ तौर पर नहीं कह सकते हैं, लेकिन अभी तक के शोध के मुताबिक कोरोना वायरस वृद्धों और उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, फेफड़े की बीमारी, कैंसर या मधुमेह से जूझ रहे लोगों को दूसरों की तुलना में अधिक गंभीर बीमारी पकड़ने का खतरा है।
3. कोरोना काल में किस व्यक्ति को सबसे ज्यादा सावधान रहना चाहिए?
वैसे तो यह समय सभी के लिए ठीक नहीं है, लेकिन अगर आप डायबीटीज, दिल की बीमारी, केंसर, अस्थमा, कमजोर इम्युनिटी या इनके अलावा किसी अन्य बीमारी के मरीज हैं तो आपको ज्यादा सावधान रहना होगा
4. कोविड-19 कब तक रहता है?
कोविड-19 से प्रभावित होने पर रिकवरी के लिए सामान्यतः दो सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है। लेकिन यह भी देखा गया है कि अधिकांश लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं दिखते, फिर भी वे कोरोना से प्रभावित हो गए होते हैं। कोविड-19 के गंभीर मामले लंबे समय तक रह सकते हैं।कोरोना से रिकवरी के बाद भी लंबे समय तक बार-बार इसके लक्षणों से पीड़ित होने की समस्या आती रहती हैं, साथ ही हफ्तों तक वायरस से जूझने के बाद की परेशानी का अनुभव कर सकते हैं।
मास्क लगाएं, बार-बार साबून से हाथ धोएं, लोगों से दूरी बनाकर बात करें, बेवजह घर से बाहर न निकलें। बाहर से आने वाली हर चीज को सैनेटाइज करें।
6. अगर मैं ऐसे शख्स के साथ रह रहा हूं जो सेल्फ-आइसोलेशन में है तो मुझे क्या करना चाहिए?
अगर आप किसी ऐसे शख्स के साथ रह रहे हैं जो कि सेल्फ-आइसोलेशन में है तो आपको उससे न्यूनतम संपर्क रखना चाहिए और अगर मुमकिन हो तो एक कमरे में साथ न रहे। सेल्फ-आइसोलेशन में रह रहे शख्स को एक हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो जिसे खोला जा सके। ऐसे शख्स को घर के दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए।
7. अस्थमा वाले मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना ख़तरनाक है?
अस्थमा वालों के लिए सलाह है कि आप अपना रोज़ाना का इनहेलर लेते रहें। इससे कोरोना वायरस समेत किसी भी रेस्पिरेटरी वायरस के चलते होने वाले अस्थमा अटैक से आपको बचने में मदद मिलेगी। अगर आपको अपने अस्थमा के बढ़ने का डर है तो अपने साथ रिलीवर इनहेलर रखें। अगर आपका अस्थमा बिगड़ता है तो आपको कोरोना वायरस होने का ख़तरा है।
ह्दय और फ़ेफ़ड़ों की बीमारी या डायबिटीज जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से जूझ रहे लोग और उम्रदराज़ लोगों में कोरोना वायरस ज्यादा गंभीर हो सकता है। ऐसे विकलांग लोग जो कि किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित नहीं हैं और जिनको कोई रेस्पिरेटरी दिक्कत नहीं है, उनके कोरोना वायरस से कोई अतिरिक्त ख़तरा हो, इसके कोई प्रमाण नहीं मिले हैं।
9. एक बार आप कोरोना होने के बाद क्या दोबारा संक्रमण होने का खतरा है?
एक संक्रमण से ठीक हो जाने के बाद मरीज के शरीर में इस बात की समझ पैदा हो जाती है कि अगर उन्हें यह दोबारा हुआ तो इससे कैसे लड़ाई लड़नी है। यह इम्युनिटी हमेशा नहीं रहती है या पूरी तरह से प्रभावी नहीं होती है। बाद में इसमें कमी आ सकती है। माना जा रहा है कि अगर आप एक बार कोरोना वायरस से रिकवर हो चुके हैं तो आपकी इम्युनिटी बढ़ जाएगी। हालांकि, यह नहीं पता कि यह इम्युनिटी कब तक चलेगी। इसलिए दोबारा संक्रमण का खतरा रहता है।
10. कब तक आपको कोविड -19 से संक्रमित माना जाता है?
रिकवरी के लिए 14 से 20 दिनों का समय माना गया है, जिसमें मरीज आइसोलेट रहता है, वहीं ज्यादातर लोगों को 10 दिनों के समय के बाद संक्रामक नहीं माना जाता है। यदि कोरोना पॉजिटिव कोई व्यक्ति बुखार, खांसी का अनुभव नहीं करता है या लक्षणों में धीरे-धीरे गिरावट देखता है, तो उसे स्वस्थ घोषित कर दिया जाता है। फिर भी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर स्वस्थ होने की पुष्टि की जाती है।
अक्टूबर के महीने में कोरोना पर किये गए एक अध्ययन ने सभी को हैरान कर दिया, जिसमें आधिकारिक तौर पर पुष्टि की गई थी कि COVID-19 हवा में उत्पन्न होता है। जिससे बचाव के लिए बार-बार हाथ धोना, मास्क पहनना और लोगों से सामाजिक दूरी बनाए रखना बहुत जरूरी है। कोरोना के हवा में फैलने का अर्थ यह था कि वायरस सतहों पर जमा हो सकता है, हवा में अधिक समय तक मौजूद रहने के कारण अधिक संक्रामक हो सकता है। संक्रमण का प्रसार एयरोसोल्स के माध्यम से, घर के अंदर के वातावरण और बंद खिडकियों और दरवाजों की वजह से हो सकता है।
12. कोरोना के प्रमुख लक्षण क्या हैं?
कोरोना के सबसे प्रमुख लक्षण हैं- सूखी खांसी, गले में खराश, बुखार, सिरदर्द, पीठ दर्द, गंध और स्वाद का चले जाना, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, और सांस लेने में कठिनाई। अब, कोरोना के नए लक्षणों में ब्रेन फ़ॉग, भ्रम, मायजिया, थकान, चक्कर आना भी शामिल हो गए हैं।
13. कोरोना वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है?
औसतन पांच दिनों में लक्षण दिखाई देने लगते हैं। लेकिन, कुछ लोगों में इससे पहले भी लक्षण दिख सकते हैं। कोविड-19 के कुछ लक्षणों में तेज बुख़ार, कफ़ और सांस लेने में दिक्कत होना शामिल है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि इसका इनक्यूबेशन पीरियड 14 दिन तक का हो सकता है। लेकिन कुछ शोधार्थियों का कहना है कि यह 24 दिन तक जा सकता है।
तेज बुखार आना, कफ और सूखी खांसी, सांस लेने में समस्या, फ्लू-कोल़्ड जैसे लक्षण, डायरिया और उल्टी, सूंघने और स्वाद की क्षमता में कमी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी जांच कराएं।
15. मास्क कैसे लगाएं, इस्तेमाल करें, उतारें और डिस्पोज करें?
मास्क को छूने से पहले हाथों को साबुन और पानी से साफ करें। इसके बाद मास्क लें और यह सुनिश्चित करें कि वो सीधा है या नहीं। फिर मास्क को अपने मुंह और नाक के पास ले जाएं और दोनों किनारों पर बनी पट्टी को अपने दोनों कानों में लगा लें। इसके बाद जब भी आप मास्क उतारें तो उसे डस्टबिन में डाल दें और साथ ही आंख, नाक और मुंह छूने से पहले हाथ फिर से साबुन से अच्छी तरह धो लें।
16. क्या मनुष्य किसी पशु, पक्षी या जानवर से कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं?
कोरोनावायरस वायरस का एक बड़ा परिवार है, जो जानवरों में आम है। कभी-कभी, लोग इन वायरस से संक्रमित हो जाते हैं जो बाद में अन्य लोगों में फैल सकता है। इससे अपने आप को बचाने के लिए जीवित जानवरों के बाजारों का दौरा न करें और जानवरों के सीधे संपर्क में आने से बचें।
नहीं। अभी तक इस बात के प्रमाण नहीं मिले हैं कि कोई पालतू जानवर जैसे कि बिल्ली और कुत्ते COVID -19 से संक्रमित हुए हों और वो वायरस को फैला सकते हैं।
18. सतहों पर वायरस कितने समय तक जीवित रहता है?
यह निश्चित नहीं है कि COVID -19 का वायरस कब तक सतहों पर जीवित रहता है, लेकिन यह अन्य वायरस की तरह ही व्यवहार करता है। अध्ययनों से पता चलता है कि कोरोनावायरस (COVID-19) कुछ घंटों या कई दिनों तक सतहों पर बना रह सकता है। यह अलग-अलग स्थितियों (उदाहरण के लिए सतह, तापमान या वातावरण की आर्द्रता) के तहत भिन्न हो सकता है।
19. क्या गर्भवती महिला से उसके बच्चे में कोरोना वायरस जा सकता है?
अभी तक इस विषय में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है कि किसी गर्भवती महिला से गर्भावस्था के दौरान उसके बच्चे में वायरस जा सकता है या नहीं और इसका उसके बच्चे पर क्या प्रभाव हो सकता है। इस बारे में शोध अभी जारी है। गर्भवती महिलाओं को इस वायरस के संपर्क में आने से बचने के लिए ज़रूरी सावधानियों को अपनाएं और बुखार, खांसी या सांस की तकलीफ जैसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर को दिखाएं।
कोविड–19 से संक्रमित या इसके लक्षण वाली माताओं को भी जो स्तनपान कराती हैं, सभी सावधानियां रखनी चाहिए, जैसे मास्क पहनना, अपने बच्चे के पास जाते समय (या उसे स्तनपान कराते समय) अपने हाथ धोना, सभी चीजों को साफ करना आदि। हालांकि कोरोना से प्रभावित या बुखार, खांसी और सांस की तकलीफ के लक्षण वाली माताओं को डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। उसके बाद ही इस बारे में निर्णय लें।
21. मैं अपने बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हूं। अगर मैं कोरोना से संक्रमित हो जाती हूं तो मुझे क्या करना चाहिए?
अपने ब्रेस्ट मिल्क के जरिए मां अपने बच्चों को संक्रमण से बचाव कर सकती हैं। अगर आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ पैदा कर रहा है तो इन्हें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पास किया जा सकता है। ब्रेस्टफीड कराने वाली माओं को भी जोखिम से बचने के लिए दूसरों की तरह ही पालन करना चाहिए। अपने चेहरे को छींकते या खांसते वक्त ढक लें। इस्तेमाल किए गए टिश्यू को फेंक दें और हाथों को बार-बार धोएं। अपनी आंखों, नाक या चेहरे को बिना धोए हाथों से न छुएं।
22. पोस्ट कोविड यानि ठीक होने के बाद मुझे क्या करना चाहिए?
कोरोना से ठीक होने के बाद भी आपको कोविड प्रोटोकाल का पालन करना चाहिए। मास्क, हाथ धोना और दूरी जरूरी है। इसके साथ ही अपने डॉक्टर से जो सलाह मिले उसका पालन करना चाहिए।
अच्छी इम्युनिटी के लिए पोष्टिक और पूरा खाना खाने के साथ ही प्रोटीन, विटामिन और एक्सरसाइज- योगा आदि करना चाहिए।
COVID-2019 के खिलाफ ये उपाय प्रभावी नहीं हैं, ये हानिकारक हो सकते हैं।
धूम्रपान
एल्कॉहल लेना
कई मास्क एक साथ पहनना
मर्जी से एंटीबायोटिक्स लेना
घरेलू उपचार करना
यदि आपको बुखार है, खांसी और सांस लेने में कठिनाई है तो संक्रमण फैलाने की रिस्क को कम करने के लिए डॉक्टर से सलाह लें। अपना इलाज कराएं और दूसरों को संक्रमण से बचाएं।
25. क्या कोविड 19 वैक्सीन लेना अनिवार्य है?
कोविड - 19 का टीकाकरण स्वैच्छिक है। फिर भी कोविड 19 वैक्सीन की पूरी खुराक लेने की सलाह दी जाती है जिससे लोग स्वयं को सुरक्षित कर सकें और इस बीमारी को परिवार के सदस्यों, मित्रों, सम्बन्धियों और सहकर्मियों सहित करीबी संपर्क वाले लोगों में फैलने से रोक सकें।

