Data Story: मध्यप्रदेश में महज 7 दिन में 5 हजार नए कोरोना मरीज,25 हजार केस में से 45 फीसदी सिर्फ जुलाई में

भोपाल में 7 दिन में समाने आए 1 हजार से अधिक नए कोरोना के मामले

Author विकास सिंह| पुनः संशोधित गुरुवार, 23 जुलाई 2020 (09:14 IST)
मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस अब धीमे-धीमे बेकाबू होता जा रहा है। मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या अब 25 हजार का आंकड़ा पार कर गई है। अनलॉक -2 में प्रदेश में कोरोना संक्रमण कितनी तेजी से फैला है इसको केवल इससे समझा
जा सकता है कि प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल पॉजिटिव मरीजों 25091 मरीजों में से 11498 यानि 46 प्रतिशत मामले सिर्फ जुलाई में सामने आए है। 16 जुलाई को प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 20 हजार का आंकड़ा पार की थी जो महज 7 दिनों में 25 हजार के पार पहुंच गई है।
जुलाई में प्रदेश में कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित भोपाल में 2011, इंदौर में 1748, ग्वालियर में 1430, मुरैना में 993 मामले सामने आए है।
भोपाल में 7 दिन में 1000 मामलों के बाद टोटल लॉकडाउन - भोपाल में कोरोना विस्फोट के बाद सरकार ने राजधानी को 10 दिन के लिए पूरी तरह लॉकडाउन करने का बड़ा फैसला किया है। महज 7 दिन में एक हजार से अधिक मामले के सामने आने के बाद सरकार ने 24 जुलाई रात 8 बजे से 4 अगस्त सुबह 8 बजे तक भोपाल में टोटल लॉकडाउन का एलान किया है। स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ बुलिटेन को देखे तो 15 जुलाई को 89 और 16 जुलाई को 66,17 जुलाई को 128,18 जुलाई को 109, 19 जुलाई 136, 20 जुलाई को 142,21 जुलाई को 149 और 22 जुलाई को 215 नए मरीज सामने आए है। वहीं भोपाल में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट 10.23 फीसदी से अधिक हो गया है।
ग्वालियर में लॉकडाउन के बाद हालात कुछ सुधरे – ग्वालियर में कोरोना विस्फोट के बाद लगाए गए एक सफ्ताह के लॉकडाउन में कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने
की रफ्तार कुछ कम पड़ी है। लॉकडाउन के चलते गत 07 दिनों से वहां कोरोना संक्रमण की दर 7 प्रतिशत से घटकर 4 प्रतिशत पर आ गई है। ग्वालियर में 1083 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके है, 09 मृत्यु है। अभी एक्टिव मरीजों की संख्या 706 है। मृत्यु दर 0.5 प्रतिशत है।

ग्वालियर में स्थिति सुधरने के बाद क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप ने लॉकडाउन खोलने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कोरोना समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि पूरी सावधानियां बरती जाएं तथा गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराया जाए। फोन पर चिकित्सकीय सलाह के लिए टैली मेडीसिन का प्रयोग किया जाए। अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की हैल्थ स्क्रीनिंग की अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।



और भी पढ़ें :