कोरोना वैक्सीन पर सवाल उठाने वालों को रूस का जवाब, कहा- 2 हफ्ते में बाजार में आएगी पहली खेप

Last Updated: बुधवार, 12 अगस्त 2020 (23:24 IST)
मास्को। ने अपनी बनाई कोरोना वैक्सीन पर उठे संदेह को बेबुनियाद बताया है। रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुरास्को ने बुधवार को कहा कि 2 सप्ताह के भीतर कोरोनावायरस (कोविड-19) की रूसी वैक्सीन की पहली खेप को बाजार में उतारा जाएगा।
मुरास्को ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 2 सप्ताह के भीतर की रूसी वैक्सीन की पहली खेप को बाजार में उतार दिया जाएगा। लोग इस वैक्सीन को अपनी स्वेच्छा से लगवा सकेंगे। ऐसे करीब 20 प्रतिशत डॉक्टर हैं जिनका मानना है कि कोरोनावायरस के खिलाफ लोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर चुके हैं इसलिए उन्हें यह वैक्सीन लगवाने की जरूरत नहीं है। वैक्सीन लगवाना है कि नहीं इसका फैसला उनको करना है।
उन्होंने कहा कि रूस वैक्सीन के मामले में पहले अपने नागरिकों को प्राथमिकता देगा। इसके बाद ही इसके निर्यात के बारे में सोचा जाएगा।
रूसी स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ विकसित की गई वैक्सीन निश्चित रूप से कारगर है और यह अन्य देशों को भी उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन घरेलू स्तर पर इसकी मांग को ध्यान में रखकर आपूर्ति करना हमारी पहली प्राथमिकता है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को घोषणा की थी कि उनके देश ने कोरोनावायरस के खिलाफ दुनिया का पहला टीका विकसित कर लिया है, जो कोविड-19 से निपटने में बहुत प्रभावी ढंग से काम करता है। इसके साथ ही उन्होंने खुलासा किया था कि उनकी बेटियों में से एक को यह टीका पहले ही दिया जा चुका है।
मुरास्को ने कोविड-19 के खिलाफ विकसित की गई रूस की वैक्सीन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर उठाए जा रहे सवालों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें आधारहीन बताया है।

उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि हमारे विदेशी साथी वैक्सीन विकसित करने में मामले में प्रतिस्पर्धा महसूस कर रहे हैं इसलिए उन्होंने ऐसे विचार व्यक्त किए हैं जिन्हें हम आधारहीन मानते हैं। रूस ने वैक्सीन का विकास निश्चित क्लीनिकल जानकारी और डाटा को ध्यान में रखकर किया है।

इससे पहले रूस मंगलवार को वैश्विक महामारी कोरोनावायरस (कोविड-19) की वैक्सीन को मंजूरी देने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। यह वैक्सीन अगले साल 1 जनवरी से आम लोगों के लिए उपलब्ध होगी।

रूस का कहना है कि गैमलिया रिसर्च इंस्टीट्यूट और रूस के रक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से विकसित ‘स्पूतनिक वी’ के नाम से जानी जाने वाली कोरोना वैक्सीन सबसे पहले कोरोना संक्रमितों के इलाज में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों को दी जाएगी।

इसके बाद 1 जनवरी 2021 से यह आम लोगों के लिए उपलब्ध होगी। स्पूतनिक वी को ‘गैम कोविड वैक’ के नाम से पंजीकरण प्राप्त हुआ है लेकिन रूस के पहले उपग्रह स्पूतनिक की लोकप्रियता को देखते हुए इसे स्पूतनिक वी के नाम से वितरित किया जाएगा।

रूस में पिछले 24 घंटों के दौरान वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से संक्रमित 5102 नए मामले सामने आने के साथ संक्रमितों की कुल संख्या 9 लाख के पार पहुंच गई। (वार्ता)



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