Hanuman Chalisa

अध्ययन में दावा, Covishield टीका लेने वाले प्रत्‍येक 4 में से 1 व्यक्ति में हल्के दुष्प्रभाव दिख रहे...

Updated: बुधवार, 28 अप्रैल 2021 (19:10 IST)
नई दिल्ली। लांसेट संक्रामक बीमारी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में दावा किया गया है कि कोरोनावायरस (Coronavirus) कोविड-19 से प्रतिरक्षा हेतु फाइजर या एस्ट्राजेनेका (भारत में कोविशील्ड के नाम से दिया जा रहा) का टीका लेने वाले प्रत्‍येक 4 में से 1 व्यक्ति को हल्के और कुछ समय रहने वाले लक्षण जैसे सिरदर्द, चक्कर के रूप में दुष्प्रभाव का सामना करना पड़ रहा है।

ब्रिटेन स्थित किंग्स कॉलेज लंदन के अनुंसधान के मुताबिक सबसे अधिक दुष्प्रभाव (टीका लगने के स्थान से इतर) शुरुआती 24 घंटे में चरम पर होता है और सामान्यत: एक-दो दिन तक बना रहता है। ‘जो कोविड’ लक्षण अध्ययन ऐप के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि फाइजर और एस्ट्राजेनेका टीके के परीक्षण के दौरान दिखे दुष्प्रभाव से बहुत दुष्प्रभाव आम आबादी में देखने को मिल रहा है।

अध्ययन में यह भी दावा किया गया है कि टीके की पहली खुराक लेने के 12 से 21 दिनों में संक्रमण दर में काफी कमी आई है। अध्ययन के मुताबिक फाइजर टीके की पहली खुराक लेने पर संक्रमण दर में 58 प्रतिशत और एस्ट्राजेनेका टीका की पहली खुराक लेने पर संक्रमण दर में 39 प्रतिशत की कमी आई।
ALSO READ: CoronaVirus India Update : 24 घंटे में 3.60 लाख नए मामले, 29.78 लाख एक्टिव मरीज
अनुसंधान के मुताबिक फाइजर टीका लेने के 21 दिनों के बाद संक्रमण दर में 69 प्रतिशत की जबकि एस्ट्राजेनेका के टीके से इस अवधि के बाद संक्रमण दर में 60 प्रतिशत की कमी आई। दैहिक प्रभाव में सिरदर्द, चक्कर आना, कंपकपी होना, डायरिया होना, बुखार, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द और उल्टी होना शामिल है।
ALSO READ: Coronavirus से जीतना है तो शामिल कर लीजिए इन 10 बातों को अपनी life में
वहीं स्थानीय दुष्प्रभाव का अभिप्राय जहां पर टीका लगा है उस स्थान पर दर्द होना, सूजन आना, खुजली होना आदि है। अनुसंधान दल का नेतृत्व कर रहे किंग्स कॉलेज लंदन के प्रोफेसर एवं जो कोविड लक्षण अध्ययन ऐप में वैज्ञानिक टी स्पेक्टर ने कहा, ये आंकड़े दुनिया के लोगों को भरोसा देंगे कि टीका लगने के बाद सामान्य तौर पर हल्के और कुछ समय के लिए मामूली दुष्प्रभाव सामने आते हैं, खासतौर पर करीब 50 साल के लोगों में जिन्हें संक्रमण का सबसे अधिक खतरा है।

यह अध्ययन जो कोविड लक्षण अध्ययन ऐप के 6,27,383 उपयोगकर्ताओं के अनुभव पर आधारित है जिन्होंने स्वयं दैहिक एवं स्थानीय असर की जानकारी आठ दिसंबर से 10 मार्च के बीच फाइजर या एस्ट्राजेनेका टीके की पहली अथवा दूसरी खुराक लगवाने के बाद दी। अध्ययन में पाया गया कि 55 साल से कम उम्र के लोगों और महिलाओं में दुष्प्रभाव आम है।(भाषा)

Show comments

Kanpur : SBI लॉकर में रखे थे 50 लाख के गहने, 23 साल बाद खुला तो सब गायब

Gen Z के बाद Gen Alpha का आंदोलन, Hamirpur में सड़क की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट को घेरा

अचानक लापता हुआ इंदौर का इंजीनियर, लैपटॉप में मौत से जुड़े AI वीडियो, गायब होने से पहले हुई थी मंगेतर से बात

क्या बिना संसद में परिसीमन बिल पास हुए बदल जाएंगी लोकसभा की सीटें? जानिए संविधान का वो नियम जो कोई नहीं बताता

इंदौर की TCS अधिकारी से रेप और ब्लैकमेलिंग, महेंद्र था और बाद में निकला शाहरुख

सभी देखें

चीन की AI रफ्तार से क्यों बढ़ी टेंशन, मार्क जुकरबर्ग ने दी बड़ी चेतावनी, अमेरिका को क्या दी सलाह

पान मसाला की प्लास्टिक पैकेजिंग पर रोक, FSSAI ने तय किए नए पैकेजिंग नियम

पाकिस्तान-तुर्किये-सऊदी अरब के नए रक्षा समझौते पर भारत की नजर, MEA बोला- राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए उठाएंगे जरूरी कदम

पूर्वी यूपी की बदली तस्वीर, युवा शक्ति से अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार, तीन गुना से ज्यादा बढ़ी प्रति व्यक्ति आय- सीएम योगी

Kanpur : SBI लॉकर में रखे थे 50 लाख के गहने, 23 साल बाद खुला तो सब गायब

अगला लेख