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Written By ND

टूटा मुसीबतों का पहाड़

चुनाव 2008
रायपुर। चुनावी मौसम क्या आया, राजधानीवासियों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। रैली, सभा व सम्मेलनों का दौर भी तेज हो गया। रिहायशी इलाकों में विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यालय खुल गए। इससे न दिन को चैन है और न ही रात को सुकून। ट्रैफिक भी बाधित होने लगा है। लाउड स्पीकरों की आवाज ने लोगों का जीना ही दूभर कर दिया है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यालय हालाँकि गाँधी चौक में वर्षों से है, मगर अब यह इलाका भी घनी आबादी वाला हो गया है। आसपास कई स्कूल-कॉलेज हैं। यहाँ सम्मेलन व रैली का आयोजन होने से लोगों की परेशानियाँ बढ़ जाती हैं। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश कार्यालय रजबंधा मैदान एकात्म परिसर में है। इसके आसपास का इलाका वैसे रिहायशी नहीं है, परंतु कुछ दूरी पर ही अंबडेकर अस्पताल, डेंटल अस्पताल व एस्कार्ट अस्पताल हैं। एकात्म परिसर में आए दिन राजनीतिक बैठकें हो रही हैं। वीआईपी व्यक्तियों के आगमन पर इस बाइपास मार्ग पर आवाजाही ठप हो जाती है।

ऐसी दर्जनभर छोटी व क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियाँ हैं, जिनका कार्यालय रिहाइशी इलाकों में हैं। इनमें छत्तीसगढ़ विकास पार्टी का प्रदेश कार्यालय पलाश विहार न्यू पुरैना में है। बहुजन समाज पार्टी का कार्यालय न्यू राजेंद्रनगर में है, जहाँ राजनीतिक गतिविच्च्याँ होती रहती हैं। शिवसेना का प्रदेश कार्यालय चौबे कॉलोनी में है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का राज्य कार्यालय सेक्टर-5 देवेंद्रनगर में है। समाजवादी पार्टी का कार्यालय रहमत लॉज के बाजू अमरदीप टॉकीज रोड में है। छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी का कार्यालय हांडीपारा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का प्रदेश कार्यालय नूरानी चौक राजातालाब में है। अखिल भारतीय सिंधु समाजवादी पार्टी का कार्यालय न्यू राजेंद्रनगर में है। ये सभी इलाके रिहायशी है। जय छत्तीसगढ़ पार्टी का कार्यालय शहीद वीरनारायण सिंह परिसर के दूसरे माले में है, जहाँ दिनभर ट्रैफिक का दबाव रहता है।

हुईं दर्जनभर सभाएँ : माहभर के अंदर ही राजधानी में विभिन्न दलों व संगठनों की दर्जनभर संभाएँ हो चुकी हैं। सप्रे शाला मैदान स्थाई तौर पर राजनीतिक आयोजनों का स्थल बन गया है। यहाँ पंडाल भी लगा दिया गया है, जबकि यह इलाका भी रिहायशी है। नवा अंजोर समूहों के सम्मेलन के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा की विजय संकल्प महारैली हुई। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मेलन और कर्मचारियों ने अभिनंदन समारोह का आयोजन किया। इसके पहले बहुजन समाज पार्टी की जनसभा हुई थी। इसी प्रकार सप्रे शाला मैदान में आदिवासी बचाओ आंदोलन के बैनरतले आदिवासी व सतनामी समाज का सम्मेलन का आयोजन किया गया था। (नईदुनिया)
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