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डिफेन्स सर्विसेस

जोश और जुनून से भरपूर रक्षा सेवाएँ

डिफेन्स सर्विसेस
- अशोक जोश

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रक्षा सेवा ऐसा क्षेत्र है, जो युवाओं को एक सम्मानजनक, अनुशासित और प्रतिष्ठापूर्ण करियर की सुनिश्चितता प्रदान करता है। चयनित अधिकारी भारतीय वायुसेना अथवा कॉम्बेट ड्यूटी पर भारतीय नौसेना में सेवा प्रदान कर सकते हैं, प्रशासकीय कार्य कर सकते हैं, चिकित्सा अथवा इंजीनियरिंग सेवाओं में योगदान कर सकते हैं, जज-एडवोकेट जनरल के विभाग (जेएजी'ज डिपार्टमेंट), एजुकेशन कॉप्स सहित विभिन्न सहयोगी सेवाओं में रोजगार बना सकते हैं।

रक्षा सेवाओं की पात्रता : रक्षा सेवाओं में करियर बनाने की सबसे बड़ी पात्रता अथवा अनिवार्य शर्त यही है कि प्रत्याशी भारतीय नागरिक हो (भूटान, नेपाल के निवासी, तिब्बती विस्थापित या शेष भारतीय उपमहाद्वीप जो कि स्थायी रूप से भारत में बसने के लिए प्रवास कर आए हैं, वे भी रक्षा सेवाओं के लिए पात्र हैं)। इसके अलावा प्रत्याशी निर्धारित शारीरिक मापदंडों के अनुरूप शारीरिक रूप से फिट होना चाहिए। सामान्यतः अविवाहित युवक-युवतियों को ही रक्षा सेवाओं में शामिल किया जाता है। रक्षा सेवाओं में 19 से 27 वर्ष आयु वाली महिला स्नातकों केलिए वूमेंस स्पेशल एंट्री स्कीम (ऑफिसर) भी है।

प्रवेश योजना : एनडीए/ नेवल अकेडमी परीक्षा थलसेना, वायुसेना तथा एनडीए के नेवल विंग के लिए एक कॉमन रिटन एग्जामिनेशन होती है तथा नेवल एकेडमी की 10+2 (एक्जीक्यूटिव ब्रांच) की परीक्षा निम्नलिखित पैटर्न पर आयोजित की जाती है।
  रक्षा सेवा ऐसा क्षेत्र है, जो युवाओं को एक सम्मानजनक, अनुशासित और प्रतिष्ठापूर्ण करियर की सुनिश्चितता प्रदान करता है। चयनित अधिकारी भारतीय वायुसेना अथवा कॉम्बेट ड्यूटी पर भारतीय नौसेना में सेवा प्रदान कर सकते हैं।      


गणित : ढाई घंटे, 300 अंक
सामान्य योग्यता : ढाई घंटे, 600 अंक
जो प्रत्याशी लिखित परीक्षा में पात्र घोषित किए जाते हैं, उन्हें अधिकारी के सामर्थ्य के लिए बौद्धिक और व्यक्तित्व परीक्षण हेतु सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) के सामने उपस्थित होना पड़ता है तथा एयर फोर्स में करियर बनाने वालों को पायलट एप्टिट्यूट टेस्ट और ऑफिसर पोटेंशिएलिटी टेस्ट से गुजरना होता है। एनडीए ज्वॉइन करने वालों को कला, विज्ञान और कम्प्यूटर साइंस में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से संबद्ध स्नातक उपाधि प्रदान की जाती है।

एनडीए की तीन वर्षीय पढ़ाई को 6 सेमिस्टर में बाँट दिया गया है। इनमें 5 सेमिस्टर सामान्य किस्म के होते हैं जिन्हें सभी प्रत्याशियों को उत्तीर्ण करना होता है तथा छठे और अंतिम सेमिस्टर में प्रत्येक प्रत्याशी को थलसेना, नौसेना अथवा वायुसेना की विशेष शिक्षा तथा प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। शैक्षिक पाठ्यक्रम में लगभग 57 प्रश कार्यक्रमों में 12 विषय, 8भाषाएँ, तीन शुद्ध विज्ञान, दो अनुप्रयुक्त विज्ञान तथा चार सामाजिक विज्ञान से संबंधित होते हैं।

इसमें सैन्य इतिहास, क्षेत्र अध्ययन, सेवा लेखन, नेतृत्व, अर्द्धसैनिक बल, हथियार प्रशिक्षण और परिस्थितिजनक निर्देश जैसे कॉमन सर्विस विषय भी शामिल हैं। पाठ्यक्रम के अंश के रूप में युद्ध मैदान में प्रशिक्षण तथा शांतिकालीन कौशल और आर्मी, नेवी अथवा एयर फोर्स की व्यक्तिगत धारा से संबंधित प्रचालन को भी शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत प्रशिक्षण भी दिया जाता है जिसमें शारीरिक प्रशिक्षण, ड्रिल और इक्विटेशन शामिल हैं।

स्त्रोत : नईदुनिया अवसर



एनडीए में तीन साल के बाद आर्मी कैडेट देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी, नेवी कैडेट कोचिन स्थित आईएनएस अथवा आईएनएस कृष्णा और एयरफोर्स कैडेट हैदराबाद स्थित एयरफोर्स ट्रेनिंग अकादमी ज्वॉइन कर लेते हैं। ये पाठ्यक्रम 18 माह की अवधि के होते हैं जिसे पूरा करने पर कैडेट को कमीशन में रैंक मिल जाती है।

ग्रेजुएट/ डायरेक्ट एंट्री : ऐसे युवा स्नातक जिनकी आयु 19 तथा 22 वर्ष के बीच है, वे भारत के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित होने वाली संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा (सीडीएससी) जो हर 6 महीने में आयोजित की जाती है, उसमें भाग ले सकता है। इसमें भी एनडीए की तरह ही एसएसबी इंटरव्यू और मेडिकल परीक्षण किया जाता है। इन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने पर प्रत्याशी को एनडीए के बिना सीधे भारतीय सैन्य अकेडमी में भर्ती कर 18 महीने का प्रशिक्षण देकर कमीशंड रैंक प्रदान कर दी जाती है।

तकनीकी प्रवेश : जिन युवाओं के पास इंजीनियरिंग की डिग्री है, वे डायरेक्ट कमीशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। वे सीधे एसएसबी इंटरव्यू और मेडिकल परीक्षण के लिए शामिल हो सकते हैं। इन परीक्षाओं में सफल होने पर भारत सरकार द्वारा उन्हें वजीफा दिया जाता है। डिग्री प्राप्त करने के पश्चात यदि आप एयरफोर्स में जाना चाहें तो सीधे हैदराबाद स्थित एयरफोर्स ट्रेनिंग अकेडमी में अपना पंजीयन करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें एनडीए देने की आवश्यकता नहीं होती है। यदि वे थलसेना से कमीशंड रैंक चाहते हैं तो सीधे भारतीय सैन्य अकादमीमें आवेदन कर सकते हैं।

भारतीय नौसेना के मैरिन/ इलेक्ट्रिकल/ इलेक्ट्रॉनिक्स/ एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग तथा नेवल आर्किटेक्चर केडर में करियर बनाने के लिए लोनावला स्थित नेवल कॉलेज ऑव इंजीनियरिंग, ऑफिसर्स तैयार करता है। इसे देश के सर्वोत्तम इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक माना जाता है तथा एशिया में यह अपनी तरह का अकेला कॉलेज है।

ऐसे अविवाहित भारतीय नागरिक जिनकी उम्र 16-1/2 से 19 वर्ष के बीच है तथा जिन्होंने भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र तथा गणित विषय में कुल 75 प्रश तथा अँगरेजी में कम से कम 50 प्रश अंक लेकर 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है, वे इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। शारीरिक दृष्टि से उनका न्यूनतम कद 157 सेमी तथा समानुपातिक वजन सीने का न्यूनतम 5 सेमी विस्तार तथा 6/12 की दृष्टि तथा चश्मे सहित 6/6 की दृष्टि होनी चाहिए। परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर चुने गए प्रत्याशियों को एसएसबी में साक्षात्कार के लिए बुलवाया जाता है।

बोर्ड द्वारा अनुशंसित तथा चिकित्सीय परीक्षण में फिट प्रत्याशियों को मेरिट के आधार पर प्रशिक्षण हेतु नियुक्त किया जा सकता है। इस कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद प्रत्याशियों को बी. टेक की उपाधि प्रदान की जाती है। यह डिग्री जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जाती है। प्रशिक्षण के दौरान पुस्तकों, पाठ्य सामग्री सहित प्रशिक्षण का पूरा खर्च नेवी द्वारा वहन किया जाता है।

एंट्री स्कीम सीडीएस एग्जाम : रक्षा सेवाओं में प्रवेश हेतु साल में दो मर्तबा सीडीएसई (कम्बाइंड डिफेंस सर्विसेज एग्जामिनेशन) आयोजित की जाती है। इसकी घोषणा परीक्षा से 5-6 माह पूर्व ही कर दी जाती है। सीडीएसई के माध्यम से अविवाहित पुरुष प्रत्याशी भारतीय मिलिट्री एकेडमी देहरादून, नेवल अकेडमी गोआ या एयर फोर्स स्टेशन, हैदराबाद अथवा ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) चेन्नई में जा सकते हैं। यह परीक्षा यूपीएससी द्वारा ली जाती है।

एसएसबी साक्षात्कार : एनडीए, नेवल एकेडमी, सीडीएसई के साथ-साथ जो भारतीय सैन्य सेवा के अन्य क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं, उन्हें एसएसबी में साक्षात्कार देना पड़ता है। इनमें से अधिकांश टेस्ट के लिए औसत बुद्धिमानी की आवश्यकता होती है। यह टेस्ट लगातार 3-4 दिनों तक चलता रहता है जिसकी प्रक्रिया बहुत विस्तारित होती है। इस परीक्षण में प्रत्याशियों को प्रमुख रूप से तीन परीक्षणों से गुजरना पड़ता है।

1. पर्सनल इंटरव्यू
2. आउटडोर टेस्ट या ग्रुप टास्क ऑफिसर टेस्ट
3. साइकोलॉजिकल टेस्टिंग ऍपरेट्स। इस स्थिति पर एसएसबी द्वारा प्रत्याशियों की लयबद्धता तथा प्राकृतिक प्रतिक्रिया का आकलन किया जाता है। ये टेस्ट व्यक्तिगत तथा सामूहिक दोनों तरह के होते हैं। टेस्ट के दौरान प्रत्याशियों को पूरी तरह से सभी पैमानों पर परखा जाता है। एसएसबी का प्रारंभिक लक्ष्य संभावित छात्रों को उनके सामर्थ्य के अनुसार चुनकर रक्षा सेवाओं के अधिकारी के रूप में उन्हें विकसित तथा प्रशिक्षित करना है।

साक्षात्कार के दौरान मौखिक जवाब के साथ-साथ अमौखिक व्यवहार, हावभाव, मुद्रा, अभिव्यक्ति शक्ति, आत्मविश्वास तथा आत्मावलोकन का पूरी तरह मूल्यांकन किया जाता है। इसमें छात्रों के दमखम, शारीरिक योग्यता, लोचनीयता के साथ-साथ साहस की जाँच करने के लिए तरह तरह के टेस्ट लिए जाते हैं। साइकोलॉजिकल परीक्षण में मौखिक तथा अमौखिक अभ्यास, शक संयोजन अभ्यास, थिमेटिक एप्रिसिएशन, सिचुएशन रिएक्शन, स्वमूल्यांकन, लॉजिकल रिजोनिंग और ऑब्जेक्टिविटी संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं।

कैसा हो आपका व्यक्तित्व?
रक्षा सेवा में करियर बनाने वालों का व्यक्तित्व भी इसके अनुरूप ही होना चाहिए। वह प्रभावशाली, बुद्धिमान, साहसी, दायित्वपूर्ण, दृढ़ निश्चयी, समूह कार्यों में संगठित रहने वाले, पहल करने योग्य, आत्मविश्वासी, संतुलित निर्णय लेने वाले, सामाजिक ग्राह्यता का गुण रखने वाले तथाभाव अभिव्यक्ति की उत्कृष्ट ऊर्जा रखने वाले होना चाहिए।

रक्षा सेवाओं में अवसर तथा संभावनाए
रक्षा सेवाओं में संकल्पकर्मियों को देश में कहीं भी स्थानांतरित किया जा सकता है। वरीयता के एक निश्चित स्तर तक उन्हें टाइम स्केल प्रमोशन देना बाध्यकारी है। उसके बाद चयन के आधार पर वे उच्च पदों पर पदोन्नति पाते हैं। उनका जॉब सुनिश्चित होता है जिसमें उन्हें अच्छे-खासे वेतन और भत्ते दिए जाते हैं। हाल ही छठे वेतन आयोग की अनुशंसा में सैन्य सेवाओं के लिए बेहतर प्रावधान बनाए जाने की कोशिश की गई है जिसमें और सुधार संभावित है। इस तरह सैन्य सेवाओं में करियर बनाकर एक आदर्श स्थापित किया जा सकता है।

स्त्रोत : नईदुनिया अवसर
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