Movie Preview Bumboo | बम्बू की कहानी
किसी का भी जीवन 'बम्बू' से नहीं बचता!
बैनर : आरसीएल मोशन पिक्चर्स
निर्देशक : जगदीश राजपुरोहित
संगीत : फैज उर रहमान, संतोख सिंह
कलाकार : केविन डेव, शरत सक्सेना, संजय मिश्रा, सुधीर पांडे, सुमित कौल
निर्देशक : जगदीश राजपुरोहित
संगीत : फैज उर रहमान, संतोख सिंह
कलाकार : केविन डेव, शरत सक्सेना, संजय मिश्रा, सुधीर पांडे, सुमित कौल
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"बम्बू" एक ऐसी फिल्म है, जिसमें हालात से कॉमेडी उभरती है। निर्देशक राजपुरोहित का कहना है कि किसी का भी जीवन बम्बू से सुरक्षित नहीं है। किसी को आगे से आने वाले बम्बू परेशन करते हैं तो किसी को बम्बू पीछे से नहीं छोड़ रहे! इस फिल्म के हर पात्र के जीवन में बम्बू की मौजूदगी नजर आती है। यह दरअसल सिर्फ फिल्म तक सीमित नहीं, बल्कि किसी के भी जीवन में घटने वाले हालात हैं!
फ्रेंकिस वेबर की फ्रांसिसी कहानी लिमेरड्यिोर को जगदीश राजपुरोहित ने केविन डेव के साथ मिलकर "बम्बू" में बदला है। इसकी कहानी का केंद्रीय पात्र एक फोटो जर्नलिस्ट है जो खुद अपने जीवन से बेहद परेशान है। उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई है। उसे दफ्तर से गोआ भेजा जाता है, जहाँ एक घोटालेबाज पर कोर्ट में पेश किए जाने के दौरान हमला होने की आशंका है।
वह गोआ पहुँचता है, जहाँ उसकी वो पत्नी भी रहती है जिसने उसे छोड़ दिया है। फोटोग्राफर जिस होटल में रुकता है, उसी के पास वाले कमरे में वह हमलावर भी रुका है, जिसे घोटालेबाज का काम तमाम करना है।
हालात ऐसे बनते हैं कि फोटोग्राफर और घोटालेबाज को निपटाने आया हमलावर दोस्त जैसे बन जाते हैं। ऐसे में होटल के एक वेटर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, जो इन दोनों को साथ लाता है। खास बात यह कि दोनों ही इस बात से अनजान हैं कि वे एक ही मामले में एक-दूसरे के खिलाफ गोआ पहुँचे हैं!
जगदीश राजपुरोहित बताते हैं कि फ्रांसिसी कहानी को दिलचस्प बनाने के लिए बहुत मेहनत की गई है, लेकिन हमें खुशी है कि हम कहानी के साथ पूरा न्याय करने में सफल रहे हैं। फिल्म के पात्रों का चयन भी कहानी की डिमांड के मुताबिक किया गया है। ज्यादातर कलाकार थिएटर से हैं, इसलिए उनके काम को लेकर कोई शंका नहीं है।

