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जायेद खान ने जनेऊ पहनकर मां जरीन खान को दी मुखाग्नि, क्यों हुआ हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार?

Zarine Khan funeral
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय खान की पत्नी जरीन खान का 7 नवंबर को निधन हो गया। उन्होंने 81 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। जरीन अपने पीछे पति संजय खान और बच्चों सुजैन खान, सिमोन अरोड़ा, फराह अली खान और जायेद खान को छोड़ गई हैं। 
 
जरीन खान के अंतिम संस्कार में कई सेलेब्स पहुंचे। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम को हिंदू रीति-रिवाज से किया गया। जरीना खान के अंतिम संस्कार की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए। जायेद खान ने जनेऊ पहनकर अपनी मां को मुखाग्नि दी। 
 
ऐसे में कई यूजर्स के मन में सवाल उठा कि आखिर संजय खान की पत्नी का अंतिम संस्कार हिदू रीति-रिवाज से क्यों किया गया? दरअसल, जरीन खान शादी से पहले हिंदू थीं। उनका असली नाम जरीन कतरक था। शादी के बाद भी जरीन ने अपना धर्म नहीं बदला था। ऐसे में परिवार ने उन्हें अंतिम विदाई भी हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार ही दी। 
 
1944 में बेंगलुरु में जन्मीं जरीन भारतीय एक्ट्रेस, इंटीरियर डिजाइनर और कुकबुक की राइटर थीं। उन्होंने 1963 में फिल्म 'तेरे घर के सामने' से फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था। अपनी खूबसूरती और शांत स्वभाव के लिए जानी जाने वाली जरीन ने भारत को फैशन इंडस्ट्री में एक अलग पहचान दिलाई। 
 
जरीन खान अपने ऑन-स्क्रीन काम के अलावा एक्टर-डायरेक्टर संजय खान से शादी के बाद भी खूब चर्चा में रही हैं। एक्टिंग डेब्यू के तीन साल बाद 1966 में उन्होंने संजय खान संग शादी रचा ली थी।