बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का 24 नवंबर को 89 साल की उम्र में निधन हो गया था। धर्मेंद्र कुछ समय से बीमार चल रहे थे। धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार काफी जल्दबाजी में परिवार और इंडस्ट्री के कुछ सेलेब्स की मौजूदगी में विले पार्ले श्मशान घाट पर किया गया था।
धर्मेंद्र के चाहनेवालों को उनके अंतिम दर्शन करने का मौका तक नहीं मिला। इससे उनके काफी फैंस ने नाराजगी जताई थी। लोगों ने देओल परिवार के इस फैसले की जमकर आलोचना भी की। अब धर्मेंद्र की दूसरी पत्नी हेमा मालनी ने यूएई के फिल्ममेकर संग बातचीत के दौरान इस बात का खुलासा किया कि आखिर धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार इतनी जल्दबाजी में क्यों किया गया।
यूएई के फिल्ममेकर हमद अल रेयामी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है। इस पोस्ट में उन्होंने हेमा मालिनी संग हुई बातचीत के अंश शेयर किए है, जब वह धर्मेंद्र के निधन के बाद उनसे मिलने गए थे। हमद ने लिखा कि हेमा ने उनको बताया कि धर्मेंद्र के फैंस को उनके अंतिम दर्शन क्यों नहीं करने दिए गए।
हमद ने लिखा, तीसरे दिन की रस्म में मैं दिग्गज कलाकार हेमा मालिनी से मिलने गया, जो दिवंगत सुपरस्टार धर्मेंद्र की पत्नी हैं। यह पहली बार था जब मैं उनसे आमने-सामने मिला, जबकि मैंने उन्हें कई मौकों पर दूर से पहले भी देखा था। लेकिन इस बार माहौल बिल्कुल अलग था। दर्द से भरा, भारी, ऐसा मौका जिसे चाहकर भी समझ पाना आसान नहीं होता।
उन्होंने लिखा, हेमा बोलती हैं, धर्मेंद्र ने पूरी जिंदगी नहीं चाहा कि कोई उन्हें कमजोर या बीमार हालत में देंखे। वह अपना दर्द सबसे छुपा लेते थे, यहां तक कि अपने सबसे करीबियों से भी और इंसान के जाने के बाद... फैसला परिवार पर ही निर्भर करता है। लेकिन जो हुआ, वो ठीक ही था... क्योंकि हामिद, तुम उनकी हालत देख ही नहीं पाते। उनके आखिरी दिनों की स्थिति बहुत कठिन थी... दर्दनाक और हम खुभ भी मुश्किल से उन्हें उस हाल में देख पाए।
हामिद ने लिखा, उनके शब्द तीर की तरह लगे... दर्दनाक और सच्चे। मैंने बातचीत खत्म करते हुए कहा, 'जो भी हो... मेरी मोहब्बत उनके लिए कभी नहीं बदलेगी.. न ही उनका असर मेरी जिंदगी से कभी कम होगा।' जब मैंन जाने लगा, तो मैंने हेमा मालिनी से बहुत झिझकते हुए कहा कि मैं उनके साथ एक तस्वीर ले सकता हूं, क्योंकि मेरे पास कभी भी उनके साथ ली हुई कोई तस्वीर नहीं।
हमद ने आगे लिखा, मैं उनके पास बैठा और उनकी आंखों में एक टूटन महसूस की, जिसे वह पूरी कोशिश के साथ छिपाने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने कहा, 'काश मैं उसी दिन फार्महाउस पर होगी.. जहां मैं करीब दो महीने पहले धर्मेंद्र जी के साथ थी... काश मैं उन्हें वहां देख पाती।' धर्मेंद्र अक्सर कविताएं लिखते थे, और वे उनसे कहती थीं कि अपनी लिखी हुई कविताएं प्रकाशित करें। लेकिन धर्मेंद्र हमेशा कहते 'अभी नहीं… कुछ और लिख लूँ फिर' दुर्भाग्य से, समय ने उन्हें मौका नहीं दिया।