जब गुरमीत चौधरी को मिली थी करियर खत्म करने की धमकी, चौकीदारी से स्टारडम तक का सफर
मनोरंजन जगत के 'राम' यानी गुरमीत चौधरी 22 फरवरी को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। बिहार के भागलपुर से निकलकर मुंबई की चकाचौंध में अपनी जगह बनाना उनके लिए कोई मामूली बात नहीं थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस अभिनेता को आज लाखों लोग प्यार करते हैं, उन्हें एक वक्त पर अपना करियर खत्म होने का डर दिखाया गया था?
एक इंटरव्यू में गुरमीत ने अपने करियर के उस काले अध्याय को साझा किया था, जिसे सुनकर उनके फैंस हैरान रह गए थे। उन्होंने बताया था कि जब वे बॉलीवुड में अपनी जमीन तलाश रहे थे, तब एक मशहूर निर्देशक ने उन्हें फिल्म का प्रस्ताव दिया।
गुरमीत ने कहा था, मुझे वह स्क्रिप्ट समझ नहीं आई और मैंने ईमानदारी से मना कर दिया। आज के दौर में यह सामान्य है, लेकिन उस निर्देशक को मेरा 'ना' इतना बुरा लगा कि उन्होंने मुझे धमकी दे डाली। उन्होंने कहा, 'मैं तुझे इंडस्ट्री में कभी काम करने नहीं दूंगा, तूने मेरी फिल्म मना करने की हिम्मत कैसे की?'
उस वक्त गुरमीत के लिए यह एक बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज वे अपनी शर्तों पर काम कर रहे हैं। गुरमीत चौधरी के पिता आर्मी में थे, ऐसे में उनका बचपन सेना के अनुशासन में बीता। मुंबई आने के बाद गुजारे के लिए उन्होंने कोलाबा के एक स्टोर में चौकीदार के रूप में भी काम किया। उनका यह संघर्ष बताता है कि सफलता रातों-रात नहीं मिलती।
टेलीविजन से फिल्मों तक की शानदार यात्रा
गुरमीत ने साल 2008 में टीवी शो 'रामायण' में भगवान राम का किरदार निभाकर घर-घर में अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उनके करियर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह रियलिटी शो 'झलक दिखला जा 5' के विजेता और 'खतरों के खिलाड़ी 5' के रनर-अप रहे हैं। गुरमीत ने 2015 में फिल्म 'खामोशियां' से बॉलीवुड डेब्यू किया।
जिस अभिनेता को कभी करियर खत्म करने की धमकी दी गई थी, वही गुरमीत चौधरी आज इंडस्ट्री में अपनी शर्तों पर काम कर रहे हैं। उनका संघर्ष, आत्मसम्मान और कभी हार न मानने वाला जज़्बा लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है।