dharma sangrah
✕

लोगों की परवाह नहीं करती हैं ट्विंकल खन्ना

Updated: सोमवार, 11 जून 2018 (10:04 IST)
मुंबई। अदाकारा से लेखिका बनीं ट्विंकल खन्ना ने कहा है कि वह इस बात की परवाह नहीं करतीं कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं और वह हमेशा अपने मन की बात कहती रहेंगी। ट्विंकल ने कहा, मैं बैठकर यह नहीं सोचती कि दूसरे लोग क्या सोचते हैं।


ट्विंकल ने एक कार्यक्रम से इतर कहा, जब आपके पास कुछ आता है तो आप एक विचार देते हैं। यदि मेरे लिए कुछ मायने रखता है तो मैं हमेशा ही बोलती हूं। ट्विंकल (43) ट्‍विटर पर अपनी टिप्पणी को लेकर कुछ समय से विवादों में पड़ती रही हैं।

ट्विंकल और उनके पति एवं अभिनेता अक्षय कुमार जिस हालिया टि्वटर विवाद में घिरे थे, वह ‘रुस्तम’ फिल्म की पोशाक (नौसेना की) की नीलामी को लेकर था। यह पूछे जाने पर कि क्या लोगों ने इसके पीछे उनका इरादा नहीं समझा, या यह उनकी और अक्षय की एक गलती थी?

ट्विंकल ने कहा, मैं बैठकर यह नहीं सोचती कि दूसरे लोग क्या सोचते हैं। इस ग्रह पर मेरे लिए बहुत कम समय है और मैंने फैसला किया है कि मुझे दो चीजें करनी है पहली यह कि मैंने जो पाया है, उससे बेहतर मैं इस दुनिया को छोड़कर जाना चाहती हूं और दूसरी कि इस प्रक्रिया में मैं पूरी मस्ती करना चाहती हूं। (भाषा)

Show comments

टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाने वाले नाबालिग के पिता ने खोले राज, बताया 2 महीने से घर नहीं आया था बेटा

करण जौहर ने किया बड़ा धमाका, Student of the Year अब बनेगी डार्क थ्रिलर, शनाया कपूर का खौफनाक फर्स्ट लुक आया सामने

Street Fighter Review: गेमिंग की दुनिया से बड़े पर्दे तक का रोमांच, Ryu-Ken की बेमिसाल बॉन्डिंग और Dhalsim के रोल में Vidyut Jammwal की शानदार मौजूदगी

कुकू कोहली के निधन के 2 महीने बाद काम पर लौटीं अरुणा ईरानी, वीडियो शेयर कर फैंस को कहा शुक्रिया

Bigg Boss 20: अमन गांधी का एविक्शन, हाथापाई के बाद नकुल धुल भी शो से बाहर

सभी देखें

हनुमान अंश से जुड़ी रोचक जानकारियां: लीड एक्टर हुआ बीमार तो असिस्टेंट डायरेक्टर बन गया हीरो

मिर्जापुर की बीना त्रिपाठी: रसिका दुग्गल ने बदल दी गैंगस्टर ड्रामा की पूरी कहानी, अब हो रही स्पिन ऑफ फिल्म की मांग

बिन शादी मांग में किसके नाम का सिंदूर भरती थीं लता मंगेशकर? खुद बताया था राज

Primetime: रॉबर्ट पैटिनसन की साइकोलॉजिकल थ्रिलर, टीवी पर क्रिमिनल्स को रंगे हाथ पकड़ने का खौफनाक सच

बेबी डू डाई डू रिव्यू: हुमा कुरैशी का खामोश खूनी अंदाज और मुंबई का रंग

अगला लेख