‘जन्नत’ वाली सोनल

समय ताम्रकर|
बालिग होने से पहले ही राइफल का लाइसेंस हासिल करने और फिर शिकार के बाद जब्त किए गए हथियार के लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के मामले में सोहा अली खान को थोड़े समय के लिए राहत मिल गई है और गुड़गाँव जिला प्रशासन ने 25 अप्रैल को उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का मौका दिया है।

पूर्व क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी की बेटी और बॉलीवुड की अदाकारा सोहा ने कारण बताओ नोटिस के जवाब में व्यक्तिगत सुनवाई का मौका माँगा था। गुड़गाँव के जिला उपायुक्त राकेश गुप्ता ने बताया कि सोहा को 25 अप्रैल को व्यक्तिगत सुनवाई का मौका दिया गया है, जिसमें वह अपना पक्ष रख सकती हैं।

उन्होंने कहा कि यदि इस तारीख से पहले सोहा खुद या उनका कोई प्रतिनिधि मामले से संबंधित रिकॉर्ड देखना चाहे तो वह प्रशासनिक कार्यालय में आकर रिकॉर्ड देख सकता है। गुप्ता ने कहा कि इस मामले में अगली कार्रवाई अब 25 अप्रैल के बाद ही की जाएगी।
यह पूछे जाने पर कि क्या हाई प्रोफाइल मामला होने के कारण यह प्रकरण उनके लिए एक चुनौती नहीं है। गुप्ता ने कहा कि कानून सबके लिए एक है और सब कुछ कानून के अनुरूप ही होगा।

सोहा ने कारण बताओ नोटिस के जवाब में एक ओर जहाँ खुद को निर्दोष बताया है, वहीं अप्रत्यक्ष रूप से उसने मामले के लिए गुड़गाँव के पूर्व अधिकारियों को ही जिम्मेदार ठहरा दिया है।
सोहा ने अपने जवाब में कहा कि उसने लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय अपने जन्म प्रमाण-पत्र की प्रति सहित अन्य सभी दस्तावेजों की प्रतियाँ भी लगाई थीं, इसलिए इस मामले में उनकी कोई गलती नहीं है।

उल्लेखनीय है कि सोहा को 1996 में जिस समय 22 बोर की राइफल का लाइसेंस मिला उस समय उनकी उम्र 18 साल एक महीने थी, जबकि शस्त्र अधिनियम के तहत हथियार लाइसेंस हासिल करने के लिए 21 साल की उम्र जरूरी होती है।
जून 2005 में जब उनके पिता द्वारा झज्जर जिले में संरक्षित वन्यजीव काले हिरण के शिकार के बाद लाइसेंस जब्त हो गया था। इसके कुछ महीने बाद अक्टूबर में उन्होंने पुलिस द्वारा जब्त हथियार के लाइसेंस का नवीनीकरण भी करा लिया।

सोहा के पिता मंसूर अली खान पटौदी पर काले हिरण के शिकार के साथ ही फरीदाबाद की पर्यावरण अदालत में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 27 के तहत भी मामला चल रहा है। गुड़गाँव के प्रशासनिक कार्यालय से सोहा के लाइसेंस से संबंधित फाइल भी गायब है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
सोहा ने कारण बताओ नोटिस के जवाब में प्रशासन से अपने ऊपर लगे आरोपों का ब्योरा और हरियाणा पीपुल्स एनिमल के अध्यक्ष द्वारा सूचना के अधिकार के तहत माँगी गई जानकारी के आवेदन की प्रति माँगी है।



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