आम आदमी की कहानी ‘कॉफी हाउस’ : साक्षी तँवर

sakhi tawanar
PR
के शहर में पली एवं बढ़ी ने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। के लिए बनने वाले गीतों के एक कार्यक्रम ‘अलबेला सुर मेल’ के लिए उन्होंने ऑडिशन दिया और चुन ली गईं। इसके बाद उन्होंने नीम का पेड़, अहसास, भंवर, एक्स ज़ोन, राजधानी जैसे धारावाहिकों में काम किया। बालाजी के धारावाहिक ‘कहानी घर-घर क’ में पार्वती की भूमिका ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय कर दिया। साक्षी अब ‘कॉफी हाउ’ नामक फिल्म में दिखाई देंगी। पेश है उनसे बातचीत :


क्या कहानी है ‘कॉफी हाउ’ की?
आम आदमी की कहानी है। में आने वाले लोग किस तरह एकजुट होकर अपनी समस्याओं को खत्म करने की कोशिश करते हैं। हमारी यह फिल्म बुजुर्गों, युवाओं और बेरोजगारों का प्रतिनिधित्व करती है।

फिल्म में आपके नायक आशुतोष राणा है। उनके साथ काम के अनुभव कैसे रहे?
उन्होंने मेरे पति की भूमिका निभाई है। आशुतोषजी के साथ काम कर मैंने बहुत कुछ सीखा है।

क्या यह सच है कि निर्देशक गुरबीर के साथ आपका गुरु-शिष्या जैसा रिश्ता है?
सच है। गुरबीर को मैं उस समय से जानती हूँ जब मैंने अपना करियर आरंभ किया था। मैंने उनके लोकप्रिय धारावाहिक ‘नीम का पेड’ में काम किया। इस फिल्म में काम कर मैंने उन्हें गुरु दक्षिणा दी है।

आठ साल तक छोटे परदे पर राज करना कैसा रहा?
बहुत शानदार। पार्वती का चरित्र दर्शकों को इतना पसंद आएगा, मैंने सोचा नहीं था। पार्वती के जरिए मैंने बहुत सारे रिश्तों को एक साथ महसूस किया।

क्या आप धारावाहिकों में काम नहीं करेंगी?
बिलकुल करूँगी, लेकिन रोना-धोना बहुत हो गया। रोमांटिक या कामेडी करना चाहती हूँ।

रियलिटी शो में आप नजर क्यों नहीं आती?
नृत्य के कार्यक्रमों के लिए मैं खुद को सहज नहीं पाती हूँ, लेकिन हास्य मैं करना चाहती हूँ।

पार्वती के रुप में आपने पत्नी के किरदार को जिया है। असली जिंदगी में क्या इरादा है?
WD|
इरादा तो नेक है, लेकिन कहते हैं ना सब कुछ ऊपर वाले के हाथ में है। मेरे लिए भी भगवान ने कुछ सोचा ही होगा।



और भी पढ़ें :