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सलमान खान की दबंग 3 क्यों नहीं आई पसंद, 5 कारण

Updated: गुरुवार, 2 जनवरी 2020 (17:22 IST)
बड़े जोर-शोर से सलमान खान ने दबंग के तीसरे भाग को सात साल बाद इस उम्मीद से रिलीज किया कि ब्रैंड दबंग उन्हें धोखा नहीं देगा। जिस चुलबुल पांडे ने उन्हें शोहरत की ऊंचाइयों तक पहुंचाया था वहां से गिरने का उन्होंने सोचा भी नहीं था। क्रिसमस वाला वीक चुना गया जिस दौरान फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन आम दिनों से ज्यादा रहते हैं। लेकिन दबंग 3 का बिज़नेस उम्मीद से कम रहा। सलमान के फैंस को भी यह फिल्म पसंद नहीं आई। आखिर क्यों? पेश है 5 कारण... 


 
1) पहला कारण : दोहराव का शिकार 
दबंग 3 को देखने के बाद ऐसा लगता ही नहीं कि कुछ नया देख रहे हैं। स्टोरी तो घिसी-पिटी थी ही, साथ में फिल्म का प्रस्तुतिकरण भी बासी था। वही चुलबुल की हरकतें, कुछ पुराने डायलॉग, चश्मे वाला स्टाइल, मुन्नी नहीं तो मुन्ने वाला गाना, सलमान की वही अदाएं। आखिर दबंग और दबंग 2 में जो देख चुके हैं उसे फिर दबंग 3 में देखने का क्या फायदा? टीवी पर सैकड़ों बार ये फिल्में आई हैं और कई शोज़ में भी सलमान ने यही अदा दोहराई हैं। पुराने माल को नए पैकेजिंग में दर्शकों ने भांप लिया। कहानी के नाम पर तो कुछ भी परोस दिया गया। लिहाजा फिल्म को न वैसी ओपनिंग लगी और न ही वीकडेज़ में यह अच्छा कारोबार कर पाई। 


 
2) दूसरा कारण : ऊब गए चुलुबल से 
चुलबुल की चुलबुली हरकत भले ही पहले भाग में दर्शकों को खूब पसंद आई हो। दूसरे भाग में भी उसे झेल लिया गया हो, लेकिन अब चुलबुल ऊबाने लगा है। उसकी कहानी में लोगों की कोई रूचि नहीं है। पिछले सात सालों में सिनेमा बहुत बदल गया है, लेकिन चुलबुल नहीं बदला। लिहाजा नए दर्शकों को यह चुलबुल पसंद नहीं आया और दबंग सीरिज के फैंस को भी चुलबुल ऊबाऊ लगा। 


 
3) तीसरा कारण : ले डूबी जल्दबाजी 
फिल्मकार अब फिल्म की बजाय रिलीज डेट पर ज्यादा ध्यान देते हैं। पहले रिलीज डेट तय कर लेते हैं और फिर ताबड़तोड़ फिल्म पूरी करते हैं। दबंग 3 देखने के बाद यही बात अच्छे से समझ आती है। क्रिसमस पर फिल्म को रिलीज करने की ऐसी हड़बड़ी थी कि जल्दबाजी में काम पूरा किया गया। फिल्म में ऐसे कई दृश्य हैं जो देख समझ आते हैं कि किसी भी तरह काम पूरा करना था या टालमटोल की गई है। न कहानी ढंग से सोची, न स्क्रिप्ट ढंग से लिखी गई। कलाकार भी हड़बड़ी में नजर आएं और फिल्म पर उतनी मेहनत नहीं की गई जितनी जरूरी थी। फिल्म का संगीत भी बेहद कमजोर था। न ढंग के गाने थे और न ही ढंग का पिक्चराइजेशन। 


 
4) चौथा कारण : कमजोर पड़ा विलेन
दबंग सीरिज़ की कहानी सीधी हीरो और विलेन की टक्कर पर आधारित होती है। दबंग और दबंग 2 में सोनू सूद और प्रकाश राज को बतौर विलेन फिल्म में उभरने का अवसर दिया गया था। इस वजह से हीरो बनाम विलेन की टक्कर रोचक लगती थी। दबंग 3 में विलेन के रूप में सुदीप को लिया गया जो कि सशक्त कलाकार हैं। फिल्म में जितने भी उन्हें सीन मिले हैं उन्होंने अच्छे से किए है, लेकिन उनके किरदार को ठीक से उभारा नहीं गया लिहाजा हीरो-विलेन की टक्कर निराश करती है और फिल्म में मजा नहीं आता।  


 
5) पांचवां कारण : प्रभुदेवा की कमजोर पकड़ 
फिल्म का निर्देशन प्रभुदेवा ने किया है, लेकिन वे हर डिपार्टमेंट से ठीक से काम नहीं ले पाए। फिल्म को उन्होंने बहुत लंबा बनाया। उनके प्रस्तुतिकरण में ताजगी का अभाव नजर आता है। वे अपनी टारगेट ऑडियंस को भी खुश नही कर पाए। निर्देशक फिल्म का कप्तान होता है और इस कारण उसकी जिम्मेदारी सबसे ज्यादा होती है जिसका निर्वाह प्रभुदेवा ठीक से नहीं कर पाए। 

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