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सूर्यवंश की राजधानी में सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रही योगी सरकार

Updated: बुधवार, 31 दिसंबर 2025 (13:28 IST)
- मंडल में बाराबंकी टॉप पर, अयोध्या का दूसरा स्थान
- आमजन तेजी से ले रहे सौर ऊर्जा के कनेक्शन
- अयोध्या में भी तेजी से बढ़ रहा पंजीकरण
Ayodhya Uttar Pradesh News :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सूर्यवंश की राजधानी अयोध्या सौर ऊर्जा सिटी के रूप मे विकसित हो रही है। अयोध्या मंडल में इसका बड़ा असर दिख रहा है। बड़ी संख्या में लोग सौर ऊर्जा कनेक्शन ले रहे हैं। इस वर्ष अब तक अयोध्या मंडल के लगभग 33269 लोग पंजीकरण करा चुके हैं, जबकि 16 हजार से अधिक लोग कनेक्शन ले चुके हैं। सबसे अहम बात यह है कि रजिस्ट्रेशन कराने और कनेक्शन लेने में बाराबंकी वासी अव्वल हैं, जबकि दूसरे स्थान पर रामनगरी अयोध्या है।
 
बिजली की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का शुभारंभ किया है। इससे लोगों को उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यकता के अनुरुप बिजली मिल सकेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को सोलर सिटी बनाने के लिए घोषणा की थी। इसके लिए यूपीनेडा की ओर से अयोध्या मे 40 मेगावाट का सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। इसके अलावा घर-घर सौर ऊर्जा स्थापित किया जा रहा है। इस योजना का प्रसार प्रचार करने के लिए सोलर सखी द्वारा डोर टू डोर कैंपेन भी चलाया जा रहा है। 
 
अयोध्या मंडल मे अभी तक हुए रजिस्ट्रेशन
बाराबंकी          10445   
अम्बेडकर नगर    5575
अयोध्या           7808
 सुल्तानपुर         4360
अमेठी              5081
 
अब तक स्थापित किए गए कनेक्शन
बाराबंकी              6425
अयोध्या               3475
सुलतानपुर           1893
अम्बेडकर नगर       2363
अमेठी                 2057
 
क्या है पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना 
सोलर रूफटॉप संयंत्रों की स्थापना के लिए प्रति किलोवॉट 10 वर्गमीटर छाया रहित छत की आवश्यकता होती है। एक किलोवॉट के रूफटॉप संयंत्र से औसतन प्रतिदिन 4-5 यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। संयंत्र से उत्पादित विद्युत का उपयोग भवन स्वामी द्वारा करने के उपरांत अवशेष विद्युत ग्रिड में चली जाती है। इसका नेटमीटरिंग के माध्यम से विद्युत बिल में संबंधित डिस्कॉम द्वारा समायोजन किया जाता है। उपभोक्ता द्वारा सोलर संयंत्रों की स्थापना में व्यय की गई धनराशि की प्रतिपूर्ति विद्युत बिल के बचत के रूप में 3 से 4 वर्ष में हो जाती है। 
 
केंद्र व प्रदेश सरकार दे रही अनुदान
केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न श्रेणी के घरेलू उपभोक्ताओं को अनुदान प्रदान किया जा रहा है। भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा अनुमन्य अनुदान इस प्रकार दिए जा रहे हैं। 
 
1- एक किलो वाट - केन्द्रानुदान - 30000 , राज्यांश - 15000 
कुल अनुदान- 45000
2- दो किलो वाट- केन्द्रानुदान_60000,राज्यांश -30000, कुल अनुदान- 90000
3- तीन किलो वाट केन्द्रानुदान -78000,राज्यांश - 30000
कुल अनुदान- 108000
एक से दस किलोवॉट क्षमता के संयंत्र का अनुमानित मूल्य प्रति किलोवॉट लगभग  60 से 65 हजार रुपए प्रति किलोवाट के मध्य आता है। संयंत्र की स्थापना के उपरांत केंद्र एवं राज्य सरकार से प्राप्त अनुदान उपभोक्ता के खाते में प्राप्त होता है। 
 
योजना का लाभ पाने के लिए क्या करें
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए https://pmsuryaghar.gov.in/ पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है, जिस पर आवेदन किया जा सकता है। सोलर रूफटॉप संयंत्र की स्थापना बैंक से ऋण लेकर कराए जाने हेतु भारत सरकार के पोर्टल पर विभिन्न बैंकों को सूचीबद्ध किया गया है, जिसका लाभ उपभोक्ता द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए डिस्कॉमवार/ जनपदवार लक्ष्य भी निर्धारित किया जाता हैं।
 
दोनों सब्सिडी मिल चुकी है, बिल भी कम आ रहा
अयोध्या के निराला नगर स्थित बैंक कॉलोनी निवासी कृपा शंकर श्रीवास्तव ने बताया कि मैं सेवानिवृत्त हो चुका हूं। आधुनिक युग में संसाधनों का उपभोग बढ़ रहा है। सोचा था कि अब किस तरह से बिजली का बिल चुका पाऊंगा। भला हो योगी सरकार का जिसने सोलर योजना शुरू की। हमने तीन किलो वाट का पैनल लगवाया है। बिजली का बिल बेहद कम आ रहा है। केंद्र व राज्य से सब्सिडी भी मिल चुकी है।
 
एक तीन किलोवाट का कनेक्शन और लेने का मन बना रहा
अयोध्या के रायबरेली रोड नानक स्कूल के पास के रहने वाले कृष्ण कुमार ने बताया कि तीन किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है। पैनल का असर दिख रहा है। दोनों सब्सिडी भी आ चुकी है। परिवार के साथ विचार कर रहा हूं कि तीन किलोवाट का एक और कनेक्शन ले लूं, ताकि बिजली अधिक से अधिक बने और गर्मी के मौसम में भरपूर उपयोग कर सकूं।
Edited By : Chetan Gour
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